Homeटेक्नोलॉजीभाजपा संसदीय बोर्ड में आधे सदस्य बदले जा सकते हैं: येदियुरप्पा...

भाजपा संसदीय बोर्ड में आधे सदस्य बदले जा सकते हैं: येदियुरप्पा और जटिया को हटाया जा सकता है, दोनों की उम्र 80 के पार


  • Hindi News
  • National
  • BJP Parliamentary Board Reshuffle | Yediyurappa Jatiya Likely To Be Removed

24 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

बी.एस. येदियुरप्पा कर्नाटक के वरिष्ठ बीजेपी नेता और राज्य के चार बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

भाजपा में पार्टी पदाधिकारियों, राज्य प्रभारियों और संगठन मंत्रियों की नियुक्ति के बाद अब संसदीय बोर्ड, केंद्रीय चुनाव समिति और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्यों के नामों की घोषणा होनी है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी से जुड़े निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था संसदीय बोर्ड के गठन की प्रारंभिक कवायद शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, इसकी घोषणा पितृ पक्ष के बाद अक्टूबर में कर दी जाएगी। बताया जा रहा है कि 12 सदस्यीय संसदीय बोर्ड में आधे सदस्यों को बदला जा सकता है।

बीएस येदियुरप्पा और डॉ. सत्यनारायण जटिया को हटाया जा सकता है। इन्हीं जाति, वर्ग और क्षेत्रीय समीकरणों में फिट नेताओं को जगह दी जा सकती है। येदियुरप्पा और जटिया को बोर्ड से हटाने के पीछे उनकी अधिक उम्र होने की दलील दी जा रही है।

7fbca56c 8530 4a95 8bf6 d4bc2a7d2c53 1790720225883

एक महामंत्री और महिला नेता को संसदीय बोर्ड में मिल सकती है जगह

एक महामंत्री को भी स्थान दिए जाने पर विचार किया जा सकता है। पार्टी में विनोद तावड़े और सुनील बंसल सबसे वरिष्ठ महामंत्री या किसी अन्य महामंत्री को लिया जा सकता है। वहीं, लंबे समय बाद संसदीय बोर्ड में मुख्यमंत्री को भी सर्वोच्च संस्था में स्थान दिया जा सकता है।

वर्तमान में पार्टी 21 राज्यों में सत्ता में है। नरेंद्र मोदी और शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री रहते अलग-अलग समय पर संसदीय बोर्ड के सदस्य रहे हैं। पहले संसदीय बोर्ड के सदस्य रहे नेता और एक महिला नेत्री को भी बोर्ड में स्थान दिया जाएगा।

भाजपा की संसदीय बोर्ड क्या करती है?

बीजेपी की संसदीय बोर्ड पार्टी की सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाली संस्थाओं में से एक है। पार्टी के संविधान के मुताबिक यह संसदीय और विधायक दल की गतिविधियों की निगरानी करती है और संगठन के कामकाज को दिशा देती है।

मुख्यमंत्री का चेहरा तय करना

विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी किसे मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाएगी, इस पर बोर्ड फैसला कर सकता है। चुनाव के बाद मुख्यमंत्री चुनने में भी इसकी भूमिका होती है।

प्रधानमंत्री पद के लिए नाम की सिफारिश

पार्टी के संविधान के तहत प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जैसे पदों के लिए नाम की सिफारिश करने का अधिकार बोर्ड के पास है।

चुनाव में उम्मीदवारों पर भूमिका

संसदीय बोर्ड के सभी सदस्य सेंट्रल इलेक्शन कमेटी के भी सदस्य होते हैं। यह समिति लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए BJP के उम्मीदवारों का अंतिम चयन करती है।

सरकार बनाने में मार्गदर्शन

चुनाव में पार्टी को बहुमत मिलने पर सरकार के गठन को लेकर बोर्ड मार्गदर्शन देता है।

पार्टी की नीतियों पर फैसले

ऐसी नीति या नीति में बदलाव, जिसे पार्टी ने पहले औपचारिक रूप से नहीं अपनाया है, उस पर बोर्ड चर्चा और फैसला कर सकता है।

संगठन पर निगरानी

राष्ट्रीय कार्यकारिणी के नीचे आने वाली पार्टी की संगठनात्मक इकाइयों को बोर्ड दिशा-निर्देश दे सकता है।

अनुशासन से जुड़े मामलों में कार्रवाई

पार्टी के सांसदों, विधायकों या राज्य संगठन के पदाधिकारियों के अनुशासन उल्लंघन को बोर्ड देख सकता है और जरूरी कार्रवाई कर सकता है।

गठबंधन जैसे बड़े राजनीतिक फैसले

मौजूदा रिपोर्टों के अनुसार बोर्ड को राजनीतिक गठबंधनों पर फैसला लेने का अधिकार भी है।

————————————-

ये खबर भी पढ़ें…

नितिन नवीन की टीम में राम माधव-स्मृति ईरानी का कमबैक; यूपी से दो मुस्लिम चेहरे

cover update 7 comp 6 1786973008428

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने पद संभालने के 209 दिन बाद 65 सदस्यों की कार्यकारिणी का ऐलान किया। राम माधव को उपाध्यक्ष और स्मृति ईरानी को महासचिव बनाकर वापस लाया गया है। नितिन नवीन की टीम में 12 महिलाएं हैं। यूपी से दो मुस्लिम चेहरों तारिक मंसूर और बासित अली को शामिल किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments