इंफाल 56 मिनट पहले
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मणिपुर की राजधानी इम्फाल में शनिवार को मैतेई संगठनों ने रैली निकाली। इसमें स्थानीय लोगों की सुरक्षा और कुकी उग्रवादी समूहों के साथ सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन (SoO) समझौता रद्द करने की मांग की गई।
रैली को कई नगा संगठनों का समर्थन मिला। चंदेल और सेनापति जिलों में भी नगा संगठनों ने रैलियां निकाली। मणिपुर में मई 2023 से जातीय हिंसा जारी है।
प्रदर्शनकारियों ने ‘सेव मणिपुर’ लिखे पोस्टर ले रखे थे
यह रैली मणिपुर इंटीग्रिटी के कोऑर्डिनेटिंग कमेटी ने आयोजित की थी।
नगा संगठनों की शीर्ष संस्था यूनाइटेड नगा काउंसिल (UNC) ने भी रैली का समर्थन किया। प्रदर्शनकारियों ने ‘सेव मणिपुर’ लिखे पोस्टर और तख्तियां ले रखी थीं। इनमें ‘हमें शांति और न्याय चाहिए’ और ‘SoO समझौता रद्द करो’ जैसी मांगें लिखी थीं।
रैली के 3 फोटो
रैली में सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए।
रैली में शामिल लोग एसओओ समझौता रद्द करने की मांग कर रहे थे।
रैली में काफी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं।
सरकार के इस्तीफे की मांग
कमेटी के संयोजक वाई धीरें ने कहा, हम राज्य के स्थानीय लोगों की जान और संपत्ति की सुरक्षा में नाकाम मौजूदा सरकार का इस्तीफा चाहते हैं।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा,मणिपुर में साढ़े तीन साल के संकट के बाद नगा जनजातियां, मैतेई और मूल निवासी सरकार के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठा रहे हैं।
सेनापति और चंदेल में भी रैलियां
नगा बहुल सेनापति जिले में भी रैली निकाली गई। इसमें SoO समझौता तुरंत रद्द करने और उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन के इस्तीफे की मांग की गई।
यह रैली नगा पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (NPO), सेनापति डिस्ट्रिक्ट स्टूडेंट्स एसोसिएशन (SDSA) और सेनापति डिस्ट्रिक्ट विमेन्स एसोसिएशन (SDWA) ने आयोजित की थी।
रैली इम्फाल में COCOMI की ओर से बुलाई गई रैली के समर्थन में निकाली गई। UNC अध्यक्ष एनजी लोर्हो ने कहा कि पहाड़ी जिलों के नगा अपने पैतृक जमीन की रक्षा के लिए एकजुट हो गए हैं।
चंदेल जिले में भी इसी तरह की रैली हुई। इसमें उपमुख्यमंत्री किपगेन के इस्तीफे और SoO समझौता रद्द करने की मांग की गई।
मणिपुर में जातीय हिंसा में 300 से ज्यादा मौतें
- मणिपुर में मई 2023 से घाटी में रहने वाले मैतेई और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले कुकी समुदाय के बीच जातीय संघर्ष जारी है। इसमें कम से कम 306 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अब भी लापता हैं।
- राज्य में कुकी और नगा समुदायों के बीच झड़पों में भी इस साल फरवरी से करीब 50 लोगों की मौत हो चुकी है।
- मई 2023 में जातीय हिंसा शुरू होने के बाद पहली बार सुरक्षा बलों ने कुकी उग्रवादियों के लिए बनाए गए एक शिविर को कब्जे में लिया है। शिविर में दर्ज 159 उग्रवादियों में से केवल एक मौजूद मिला।
- इसके बाद SoO समझौते के पालन पर सवाल उठे। यह समझौता 4 सितंबर को बिना नवीनीकरण के खत्म हो गया था।
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