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मैक्रों ने हिंदी में कहा- भारत-फ्रांस की दोस्ती अमर रहे: मित्र नरेंद्र, आपका स्वागत करके बहुत खुशी हुई; PM मोदी पेरिस से दिल्ली रवाना


पेरिस/नई दिल्ली49 मिनट पहले

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पेरिस में विवाटेक कार्यक्रम में मैक्रों और पीएम मोदी शामिल हुए।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए हिंदी में वीडियो मैसेज शेयर किया है। उन्होंने कहा- प्रिय मित्र नरेंद्र, आपका नीस, एवियन और पेरिस के दौरे में स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हुई। फ्रांस और भारत की दोस्ती अमर रहे।

इसके बाद मुस्कुराते हुए मैक्रों ने कहा, ‘मुझे उम्मीद है यह (हिंदी संदेश) सही होगा। डियर प्राइम मिनिस्टर इस दोस्ती के लिए आपका धन्यवाद। मैं अगले फरवरी (भारत यात्रा) आपसे मिलूंगा।’ वहीं, फ्रांस से रवाना होने के बाद मोदी ने X पर लिखा- यह यात्रा सहभागिता और उपलब्धियों दोनों के लिहाज से व्यापक रही।

दरअसल, पीएम मोदी की 6 दिन के फ्रांस और स्लोवाकिया दौरा पूरा करने गुरुवार देर रात भारत के लिए रवाना हुए। इस दौरान उन्होंने G7 समिट भी अटेंड की। यहां पीएम की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात हुई। ट्रम्प ने मोदी की जमकर तारीफ की।

पेरिस में विवाटेक कार्यक्रम में पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति गले मिले।

पेरिस में विवाटेक कार्यक्रम में पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति गले मिले।

तारीखों में पीएम मोदी की 6 दिन की यात्रा

18 जून: पेरिस में विवाटेक कार्यक्रम में शामिल हुए

पीएम मोदी पेरिस में आयोजित विवाटेक समिट में शामिल हुए थे। मोदी ने कहा- फ्रांस एक अहम पुल का काम कर रहा है जो भारत और यूरोप के टेक इकोसिस्टम को करीब ला रहा है।

उन्होंने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि आज में ऐसे समय में फ्रांस आया हूं, जब कुछ दिन पहले ही हमारी पार्टनरशिप के 12 साल पूरे हुए हैं।

मोदी ने कहा कि 12 साल तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। ये भारत के लोकतंत्र की शक्ति है, जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया।

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पीएम की स्पीच, 5 बड़ी बातें; कहा- भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरर

  • लोकतंत्र की ताकत, चायवाला पीएम बना: आज में ऐसे समय में फ्रांस आया हूं, जब कुछ दिन पहले ही हमारी पार्टनरशिप के 12 साल पूरे हुए हैं। 12 साल तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। ये भारत के लोकतंत्र की शक्ति है, जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया। बीते 12 सालों में 140 करोड़ भारतीयों के अद्भुत सामर्थ्य के रहे हैं। भारत की जीडीपी दोगुना हुई है।
  • भारत में दोगुनी स्पीड से विकास हो रहा: एयरपोर्ट की संख्या दोगुनी हुई है। यूनिवर्सिटी की संख्या भी दोगुनी हो गई है। हाईवे कंस्ट्रक्शन की स्पीड तीन गुना बढ़ गई है। मैं आपको कुछ और फैक्ट्स दूंगा, इससे आप अंदाजा लगा पाएंगे की आज भारत किस स्पीड और कितने बड़े स्केल पर काम कर रहा है। भारत में मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट में 100 गुना की बढ़ोतरी हुई है। भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरर है।
  • 12 सालों की उपलब्धि को अंकों से नहीं माप सकते: 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। यानी एक ऐसी प्रगति, जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। फ्रांस में आज जितने कुल घर हैं, उससे ज्यादा घर हमने भारत में जरूरतमंद लोगों को लिए बनाए हैं। इन 12 सालों की उपलब्धियों में एक उपलब्धि ऐसी भी है, जिसे अंकों से नहीं मापा जा सकता। वह है 140 करोड़ भारतीयों का आत्मविश्वास। आज का भारत का युवा बहुत बड़े सपने देख रहा है। भारत का किसान नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है।
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  • महिलाएं-किसान टेक्नोलॉजी से सशक्त: एक समय था, जब दूरदराज के गांवों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना वाकई बहुत मुश्किल था। आज उन्हीं गावों में मोबाइल, बिजली और इंटरनेट सुविधाओं की पूरी दुनिया है। हमारे किसान, मछुआरों, डेयरी फार्मर्स, महिलाएं, स्टूडेंट्स सभी टेक्नोलॉजी के माध्यम से सशक्त हो रहे हैं। अपने लिए नए अवसर बना रहे हैं।
  • भारत को अब नेक्स्ट लेवल पर ले जाना है: इन उपलब्धियों की विशेषताएं ये हैं कि कुछ समय पहले तक यह नामुमकिन लगती है। आज भारत के लोग अपने जीवन को भी नेक्स्ट लेवल पर ले जाना चाहते है। और भारत को भी नेक्स्ट लेवल पर ले जाना उनका मकसद, सपना और संकल्प है। यही एस्पेरेशन आज भारत की सबसे बड़ी शक्ति है।

17 जून: पीएम G7 समिट में शामिल हुए, ट्रम्प से मीटिंग की

मोदी फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित 52वें G7 समिट में शामिल हुए थे। उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से 18 मिनट द्विपक्षीय बातचीत हुई।

ट्रम्प ने वादा किया है कि मोदी के रहते कभी भारत पर हमला होता है तो अमेरिका मदद के लिए साथ खड़ा होगा। मोदी के अलावा कोई और नेता भारत में होगा तो मुझे सोचना पड़ेगा।

द्विपक्षीय बातचीत के दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प एक-दूसरे का हाथ पकड़े नजर आए।

द्विपक्षीय बातचीत के दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प एक-दूसरे का हाथ पकड़े नजर आए।

G7 समिट में ट्रम्प बोले- मैं मोदी की तरह नहीं

17 जून को फ्रांस के एवियन शहर में 52वें G7 समिट का दूसरा दिन रहा। पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की द्विपक्षीय चर्चा हुई। इसमें ट्रम्प ने कहा- जब तक मैं प्रेसिडेंट हूं, व्हाइट हाउस में मोदी का हमेशा अच्छा दोस्त मौजूद रहेगा।

ट्रम्प ने पीएम मोदी की तारीफ में कहा- जब तक मोदी लीडर हैं, इंडिया हर फील्ड में बड़ा रोल निभाएगा। मोदी शांत और जबरदस्त नेता हैं, लेकिन मैं मोदी की तरह नहीं हूं।

बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि समुद्र में भारतीयों की सुरक्षा जरूरी है। उम्मीद है कि ईरान के साथ डील में भारतीयों की सुरक्षा पक्की की जाएगी।

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मोदी ने भारतीय की मौत का मुद्दा उठाया

  • पीएम मोदी ने G7 समिट में 16 जून और 17 जून दोनों ही दिन होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने समिट के पहले दिन मंगलवार को आउटरीच सेशन में कहा था कि इस अहम समुद्री मार्ग में कई भारतीयों ने जान गंवाई है और वैश्विक व्यापार को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की जिम्मेदारी है।
  • G7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई प्रमुख वैश्विक नेताओं से मुलाकात की। इनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प , ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयेन, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी शामिल थे। इन नेताओं के साथ हुई बैठकों में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, वैश्विक सुरक्षा और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई।
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14-16 जून: मोदी का स्लोवाकिया दौरा, सवोच्च नागरिक सम्मान मिला

राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने पीएम मोदी को स्लोवाकिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा था।

राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने पीएम मोदी को स्लोवाकिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 से 16 जून तक स्लोवाकिया के दौरे पर रहे थे। 15 जून को उन्हें स्लोवाकिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ से नवाजा गया था। राजधानी ब्रातिस्लावा में उन्हें सम्मानित किया गया था।

सम्मान मिलने पर पीएम मोदी ने X पोस्ट में लिखा – वह इसके लिए स्लोवाकिया की सरकार और वहां के लोगों के आभारी हैं। यह सम्मान भारत के 140 करोड़ लोगों का है और इसे भारत-स्लोवाकिया की मजबूत एवं स्थायी दोस्ती को समर्पित करते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

13 से 14 जून: पीएम मोदी का फ्रांस दौरा, पहला फेज

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14 जून को फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की द्विपक्षीय बैठक हुई थी। दोनों देशों के बीच 13 बड़े समझौते हुए थे।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में रक्षा, व्यापार, टेक्नोलॉजी, स्पेस और शिक्षा पर बात हुई थी। दोनों देशों ने अगले 5 साल में आपसी व्यापार को दोगुना करने के लिए एक हाई-लेवल सिस्टम और इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग की शुरुआत की। पूरी खबर पढ़ें…

भारत G7 में गेस्ट नेशन, पीएम 7वीं बार शामिल हुए

भारत G7 का सदस्य नहीं है, लेकिन दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण वैश्विक भूमिका के कारण उसे अक्सर विशेष आमंत्रित देश (गेस्ट नेशन) के रूप में बुलाया जाता है। आमतौर पर भारत के प्रधानमंत्री को समिट का न्यौता मिलता है।

G7 क्या है, इसमें कौन-कौन से देश हैं?

G7 यानी ‘ग्रुप ऑफ सेवन’, दुनिया के उन 7 देशों का समूह है, जिन्हें दुनिया की ‘मॉडर्न इकोनॉमी’ वाला देश कहा जाता है। इनमें अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जापान, इटली, कनाडा और जर्मनी शामिल हैं।

इसकी शुरुआत 1975 में G6 के रूप में हुई थी। 1976 में कनाडा के जुड़ने के बाद यह G7 बन गया। 1998 में रूस को शामिल कर इसका नाम G8 कर दिया गया, लेकिन 2014 में यूक्रेन के क्रीमिया क्षेत्र पर रूस के कब्जे के बाद उसे समूह से बाहर कर दिया गया। इसके बाद यह फिर से G7 कहलाने लगा।

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फ्रांस में PM मोदी का काफिला रोकने की साजिश नाकाम: पुलिस ने खालिस्तानी अरेस्ट किए; G7 समिट के दौरान घेरने वाले थे

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फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन के बीच पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन सिख फार जस्टिस (SFJ) से जुड़े खालिस्तान समर्थकों को गिरफ्तार किया गया> फ्रांस की खुफिया एजेंसी के अनुसार, ये सभी पीएम मोदी के दौरे के दौरान काफिले को रोकने की साजिश रच रहे थे। पूरी खबर पढ़ें…

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