अक्टूबर में यूपीआई के शानदार प्रदर्शन के पीछे सबसे बड़ी वजह त्योहारी सीजन में बढ़ी खरीदारी और लोगों का डिजिटल भुगतान की ओर तेजी से बढ़ता रुझान माना जा रहा है। नवरात्रि, दुर्गा पूजा और अन्य त्योहारों के दौरान लोगों ने कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू सामान, गहने और दूसरी जरूरी चीजों की जमकर खरीदारी की। इसके अलावा ऑनलाइन शॉपिंग, रेस्टोरेंट में भुगतान, किराने का सामान खरीदने, बिजली-पानी के बिल जमा करने और एक-दूसरे को पैसे भेजने के लिए भी यूपीआई का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया। खास बात यह है कि अब छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक में यूपीआई भुगतान की सुविधा उपलब्ध है। इससे ग्राहकों के लिए नकदी रखने की जरूरत भी पहले के मुकाबले कम हो गई है।
अगर पिछले महीनों के आंकड़ों से अक्टूबर के प्रदर्शन की तुलना करें तो यह बढ़ोतरी और भी महत्वपूर्ण दिखाई देती है। सितंबर 2026 में यूपीआई के जरिए रोजाना औसतन 97,913 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था, जो उस समय तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड था। लेकिन अक्टूबर में यह आंकड़ा बढ़कर 1,01,707 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसी तरह सितंबर में कुल 29.37 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था, जबकि अक्टूबर में यह बढ़कर 31.53 लाख करोड़ रुपये हो गया। इससे पहले पूरे महीने के लेनदेन मूल्य का सबसे बड़ा रिकॉर्ड मई 2026 में बना था, जब यूपीआई के जरिए 29.90 लाख करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था। अक्टूबर में पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित हुआ है।
केवल लेनदेन की रकम ही नहीं, बल्कि भुगतान की संख्या में भी जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। अक्टूबर में यूपीआई के माध्यम से कुल 25.47 अरब यानी 2,547 करोड़ ट्रांजैक्शन किए गए। इस हिसाब से प्रतिदिन औसतन करीब 82.2 करोड़ लेनदेन हुए। सितंबर में यह औसत लगभग 80.2 करोड़ था। सालाना आधार पर देखें तो अक्टूबर में लेनदेन की संख्या में 23 प्रतिशत और कुल लेनदेन मूल्य में 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि अक्टूबर में 31 दिन होने का भी मासिक कुल आंकड़े पर असर पड़ा, लेकिन रोजाना के औसत में हुई वृद्धि बताती है कि डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल वास्तव में बढ़ा है।
कुल मिलाकर अक्टूबर 2026 के आंकड़े बताते हैं कि भारत में यूपीआई अब केवल ऑनलाइन पैसे भेजने का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि रोजमर्रा की आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। आसान भुगतान प्रक्रिया, तत्काल पैसा ट्रांसफर, मोबाइल फोन से भुगतान की सुविधा और छोटे-बड़े कारोबारियों के बीच इसकी स्वीकार्यता ने इसे आम लोगों की पहली पसंद बना दिया है। आने वाले समय में स्मार्टफोन और इंटरनेट की पहुंच बढ़ने के साथ डिजिटल भुगतान का दायरा और विस्तृत होने की संभावना है।