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राजस्थान के ‘मिनी कश्मीर’ में सख्त नियम लागू! नियम तोड़ा तो ₹5100 का जुर्माना


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Rajasthan Mini Kashmir: राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू, जिसे ‘मिनी कश्मीर’ भी कहा जाता है, हर साल लाखों पर्यटकों को अपनी प्राकृतिक सुंदरता से आकर्षित करता है. लेकिन यहां घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए कुछ जरूरी नियमों का पालन करना अनिवार्य है. यदि कोई पर्यटक प्रतिबंधित क्षेत्रों में गंदगी फैलाता है, प्लास्टिक का अनुचित उपयोग करता है या स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित पर्यावरण एवं पर्यटन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ ₹5100 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई और जेल की नौबत भी आ सकती है. इसलिए यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों की जानकारी जरूर लें, स्वच्छता बनाए रखें और प्राकृतिक धरोहरों का संरक्षण करें.

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पाली. अगर आप भी इस मौसम में राजस्थान के ‘मिनी कश्मीर’ यानी गोरम घाट की वादियों का रुख कर रहे हैं… तो यह खबर सिर्फ आपके लिए है. गोरम घाट के प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरण को बचाने के लिए ग्राम पंचायत काछबली और वन विभाग ने सख्ती बरतने का फैसला किया है. जंगल के भीतर किसी भी तरह का नशा, मदिरा, मांस ले जाना और हुड़दंग मचाना अब पूरी तरह से गैर-कानूनी घोषित कर दिया गया है. नियम तोड़ने पर 5,100 का भारी-भरकम जुर्माना लगेगा.

बारिश के बाद गौरमघाट में बडी संख्या के अंदर पर्यटकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाता है उसी के तहत कई बार यहां अवैध गतिविधियां देखने को मिलती है जिसको ध्यान में रखते हुए इस तरह का निर्णय लिया गया है ताकि प्रकृति को किसी तरह का नुकसान नही पहुंचे और किसी तरह का हादसा भी न हो.

इसलिए कहा जाता है मिनी कश्मीर 
गोरम घाट राजस्थान के सबसे खूबसूरत और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों में से एक है, जिसे अरावली की पहाड़ियों का ‘मिनी कश्मीर’ भी कहा जाता है. यहाँ का मुख्य आकर्षण चारों तरफ फैली हरी-भरी पहाड़ियाँ, कल-कल बहते प्राकृतिक झरने और यहाँ से गुजरने वाली हेरिटेज ट्रेन है. पर्यटक यहाँ प्रकृति की गोद में शांति और सुकून के पल बिताने आते हैं. यहाँ आने वाले यात्रियों के लिए ट्रैकिंग और फोटोग्राफी के बेहतरीन अवसर मिलते हैं. प्रकृति प्रेमियों के लिए यहाँ का शांत वातावरण और झरने का मनमोहक दृश्य एक अद्भुत अनुभव प्रदान करता है.

इस बार न करे ऐसी गलती 
गोरम घाट एक संरक्षित और पवित्र प्राकृतिक क्षेत्र है, इसलिए यहाँ स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखना हर पर्यटक की जिम्मेदारी है. क्षेत्र में शराब (मदिरा) पीना, मांस या मांसाहारी भोजन करना और किसी भी प्रकार का अवैध कार्य करना पूरी तरह से मना है. प्राकृतिक स्थल को नुकसान पहुँचाने या नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यदि कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसे 5,100 रुपये का भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है और उसे जेल भी जाना पड़ सकता है.

क्यों पड़े कड़े फैसले: असामाजिक गतिविधियों पर नकेल
अतीत में गोरम घाट की प्राकृतिक सुंदरता और पवित्रता को कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा नुकसान पहुँचाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं. पर्यटक स्थल पर गंदगी फैलाना, शराब पीकर हुड़दंग मचाना और अव्यवस्था पैदा करना आम बात होती जा रही थी. इस वजह से न केवल पर्यावरण और स्थानीय वन्यजीवों को नुकसान पहुँच रहा था, बल्कि परिवार के साथ आने वाले आम पर्यटकों को भी काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था. इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन और वन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है ताकि इस खूबसूरत स्थल का माहौल सुरक्षित और अनुशासित बना रहे.

मानसून में गोरम घाट का अद्भुत रूप
बारिश के मौसम में गोरम घाट का रूप पूरी तरह बदल जाता है और यह अपनी सुंदरता के चरम पर होता है. मानसून शुरू होते ही पूरी अरावली श्रृंखला हरी-भरी चादर ओढ़ लेती है और पहाड़ियों से बहते झरने जीवंत हो उठते हैं. चारों ओर छाई धुंध, ठंडी हवाएं और हरी-भरी वादियों के बीच से गुजरती ट्रेन का दृश्य किसी सपने जैसा लगता होता है. बारिश के दिनों में यहाँ का मौसम बेहद सुहावना हो जाता है, जिसे देखने और महसूस करने के लिए दूर-दूर से पर्यटक खिंचे चले आते हैं.

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Jagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें



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