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राहुल गांधी बोले- वोट चोरी के बाद अब पार्टी चोरी: ये सिर्फ ममता बनर्जी की लड़ाई नहीं; EC ने TMC के नाम-सिंबल पर रोक लगाई




कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चुनाव चिह्न और नाम के इस्तेमाल पर रोक लगाने के चुनाव आयोग के आदेश की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ये लड़ाई सिर्फ ममता बनर्जी की नहीं है। वोट चोरी और सरकार चोरी के बाद अब पार्टी चोरी हो रही है। राहुल गांधी ने शुक्रवार को X पर लिखा- पहले शिवसेना, फिर NCP और अब तृणमूल कांग्रेस। हर बार एक ही पैटर्न- BJP और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं। फिर उसका चुनाव चिन्ह छीन लिया जाता है। उन्होंने लिखा- जब पूरी की पूरी पार्टी चोरी हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना भी हैरानी की बात नहीं। वोट चोरी। सरकार चोरी। अब पार्टी चोरी – ये हमारे लोकतांत्रिक पतन के प्रतीक बन गए हैं। आयोग ने दोनों गुटों से मांगे नए नाम और चुनाव चिह्न दरअसल, आयोग ने गुरुवार को दिल्ली में दोनों गुटों के प्रतिनिधियों को बैठक के लिए बुलाई थी। पार्टी में दो गुट हैं। एक का नेतृत्व ममता बनर्जी और दूसरे का अरूप रॉय कर रहे हैं। आयोग ने कहा कि दोनों गुट खुद को असली पार्टी बता रहे हैं। इसलिए इलेक्शन सिम्बल्स ऑर्डर, 1968 के नियमों के तहत इस विवाद पर फैसला लिया जाएगा। फिलहाल सिंबल और नाम के इस्तेमाल पर रोक का आदेश जारी किया गया है और TMC के दोनों गुटों से शुक्रवार तक पसंद के नए नाम और चुनाव चिह्न देने को कहा है। ये आदेश मौजूदा उपचुनावों और अंतिम फैसले तक लागू रहेगा। 6 अक्टूबर को उपचुनाव, नए सिंबल पर लड़ेंगे उम्मीदवार पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव हैं। दोनों गुटों ने एक ही चिह्न पर उम्मीदवार उतारे थे। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी TMC धड़े से मोहम्मद एतेशामुल हक नंदीग्राम और सफीउद्दीन शेख रेजीनगर से चुनाव लड़ेंगे। वहीं, पूर्व सीएम ममता बनर्जी की TMC ने रविवार को नंदीग्राम से संचिता प्रधान (डे) और रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार घोषित किया था। TMC में संगठन और पार्टी के नाम पर संकट उपचुनाव ऐसे समय हो रहा है, जब विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद TMC संगठनात्मक संकट से जूझ रही है। पार्टी के नाम और दो फूल-घास वाले चुनाव चिन्ह को लेकर ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी के गुट आमने-सामने हैं। दोनों गुटों ने पार्टी के नाम, चुनाव चिन्ह और फंड पर दावा किया है। चुनाव आयोग ने शनिवार को दोनों पक्षों से बातचीत की, लेकिन अभी फैसला नहीं हुआ है। ऋतब्रत गुट ने कहा है कि वह TMC के नाम और चिन्ह पर दावा जारी रखेगा। आयोग के फैसले के बिना नामांकन की समयसीमा खत्म होने पर वह निर्दलीय उम्मीदवारों के तौर पर भी चुनाव लड़ सकता है। ———————————- ये खबर भी पढ़ें… TMC सांसदों की अयोग्यता पर समयसीमा में फैसला लें स्पीकर:सुप्रीम कोर्ट ने 20 बागी सांसदों को नोटिस जारी किया सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को TMC के 20 सांसदों की अयोग्यता पर कार्यवाही तय समयसीमा में करने की बात कही। कोर्ट ने साफ किया कि असली मुद्दा नोटिस जारी करने की औपचारिकता नहीं, बल्कि कार्यवाही पूरी करना है। कोर्ट ने 20 बागी सांसदों को नोटिस जारी किया। पूरी खबर पढ़ें…



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