अंतरराष्ट्रीय बाजारों में दालों के दाम मजबूत हुए हैं, जिससे भारत जैसे आयातक देशों के घरेलू बाजारों पर असर पड़ना शुरू हो गया है। वैश्विक स्तर पर आयात लागत बढ़ने और देश के भीतर कमजोर मानसून के चलते पैदावार घटने की आशंका ने बाजार की तस्वीर बदल दी है। आईग्रेन इंडिया के मुताबिक, ब्राजील से भारत आने वाली ग्रेड-1 उड़द की कीमत बढ़कर 960 डॉलर प्रति टन (950 डॉलर से 1 फीसदी ऊपर) हो गई है। म्यांमार एसक्यू का भाव भारत के लिए 965 डॉलर प्रति टन हो गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार: ऑस्ट्रेलिया से कनाडा तक, किस देश में कैसे हैं भाव?
ऑस्ट्रेलियाई चने के भाव बांग्लादेश, भारत, नेपाल और पाकिस्तान के लिए 25 डॉलर प्रति टन बढ़े हैं। ऑस्ट्रेलिया से भारत का भाव 685 डॉलर प्रति टन और तंजानिया से पाकिस्तान का भाव 9 फीसदी उछलकर 700 डॉलर प्रति टन पहुंच गया है। मोजांबिक की गजरा तुअर भारत के लिए 7 फीसदी बढ़कर 760 डॉलर प्रति टन हो गई है। मलाविया रेड तुअर 675 डॉलर प्रति टन और म्यांमार लेमन-टाइप तुअर 3 फीसदी बढ़कर 895 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गई है। कनाडाई पीली मटर का भाव भारत के लिए 2 फीसदी बढ़कर 425 डॉलर प्रति टन हो गया है। वहीं कनाडाई मटर के लिए बांग्लादेश का भाव 5 फीसदी बढ़कर 485 डॉलर प्रति टन दर्ज हुआ है।
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चावल निर्यात भाव एक साल के उच्चतम स्तर पर
भारतीय चावल के निर्यात भाव इस सप्ताह बढ़कर एक साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए। 5 फीसदी टूटे हुए पारबॉइल्ड चावल का भाव बढ़कर 371-377 डॉलर प्रति टन हो गया, जो पिछले सप्ताह 369-375 डॉलर था। वहीं, 5 फीसदी टूटे सफेद चावल का भाव 368-373 डॉलर प्रति टन रहा।