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शरद पवार बोले- एनसीपी के दोनों गुट साथ नहीं आएंगे: एक दिन पहले बेटी सुप्रिया अमित शाह से मिली थी




एनसीपी के दोनों गुटों के फिर से एक होने की संभावना पर पूछे गए सवाल पर मंगलवार को शरद पवार ने कहा कि साथ आने का कोई सवाल ही नहीं है। एक दिन पहले एनसीपी शरद पवार पार्टी के सांसद सुप्रिया सुले और सांसद बजरंग सोनवणे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सोमवार को मुलाकात की थी। ये मुलाकात सुप्रिया सुले की बेटी के रिसेप्शन को लेकर किया गया था। इस मुलाकात के बाद चर्चा तेज हो गईं कि शरद पवार गुट भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हो सकता है। एनसीपी मंत्री बोले- अभी कुछ नहीं कहा जा सकता एनसीपी (शरद पवार) प्रमुख शरद पवार और पीएम नरेंद्र मोदी की मुलाकात पर मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि शरद पवार और प्रधानमंत्री मोदी के बीच हुई मुलाकात में क्या बातचीत हुई, यह कोई नहीं जानता। फिलहाल सिर्फ अफवाहें और अटकलें हैं। इस पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। 22 जुलाई को सुप्रिया सुले और शरद पवार पीएम से मिले थे पिछले पांच दिनों में भाजपा के नेताओं के साथ यह सुप्रिया सुले की दूसरी अहम मुलाकात थी। इससे पहले 22 जुलाई को उन्होंने शरद पवार के साथ पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। शरद पवार ने मोदी को एक पत्र भी सौंपा था। यह बैठक करीब 20 मिनट चली थी। बैठक को लेकर शरद पवार ने सोशल मीडिया में एक पोस्ट में कहा- NEET परीक्षा के पेपर लीक, इसके खिलाफ छात्रों के आंदोलन, आंदोलन के दौरान पुलिस के गलत व्यवहार और छात्रों पर दर्ज आपराधिक मामलों समेत कृषि क्षेत्र से जुड़े कई मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विस्तार से चर्चा हुई। पूरी खबर पढ़े… मुलाकात की 4 तस्वीरें… शरद गुट और सुनेत्रा गुट के एक साथ आने में 5 चैलेंज… एनसीपी के भीतर ही मतभेद: पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में सत्ता बंटवारे को लेकर एक राय नहीं है। राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की मांग: सुनेत्रा के बड़े बेटे और सांसद पार्थ पवार चाहते हैं कि विलय के बाद सुनेत्रा पवार एनसीपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनें और महाराष्ट्र का वित्त विभाग उन्हें मिले। सीनियर लीडर्स की आपत्ति: सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल और छगन भुजबल का कहना है कि सत्ता और पदों का बंटवारा सभी नेताओं को ध्यान में रखकर होना चाहिए। अड़े रहे तो मुश्किल: यदि सुनेत्रा गुट राष्ट्रीय अध्यक्ष, वित्त मंत्रालय और अहम कैबिनेट विभाग पर अड़ा रहता है, तो समझौता मुश्किल हो सकता है। शरद गुट की सहमति पर सवाल: एनसीपी (शरद पवार) के इन सभी मांगों को स्वीकार करने की संभावना कम मानी जा रही है।



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