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Best Summer Destinations to Visit: देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी और 50 डिग्री के करीब पहुंचते पारे ने शहरों का हाल बेहाल कर दिया है. लोग सूरज की तपिश और लू के थपेड़ों से बचने के लिए अब पहाड़ों की ठंडी वादियों का रुख कर रहे हैं. उत्तराखंड के पिथौरागढ़ और मुनस्यारी जैसे इलाकों में इस समय मौसम इतना सुहावना है कि लोगों को पंखे की भी जरूरत नहीं पड़ रही. जहां शहरों में AC और कूलर भी फेल हो रहे हैं, वहीं मुनस्यारी में शाम होते ही तापमान 7 डिग्री तक गिर जाता है और लोगों को स्वेटर निकालने पड़ रहे हैं. सुकून और ताजी हवा की तलाश में अब पर्यटकों की भारी भीड़ पहाड़ों की ओर उमड़ रही है.
शहरों में गर्मी का असर इतना ज्यादा बढ़ गया है कि लोगों की पूरी दिनचर्या ही बदल गई है. सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाएं चलने लगती हैं, जिससे घर से बाहर निकलना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं लगता. तापमान 45-50 डिग्री तक पहुंच जाने से सड़कों पर सन्नाटा दिखने लगा है और लोग केवल जरूरी कामों के लिए ही बाहर निकल रहे हैं. इतनी तपिश के कारण थकान और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं आम हो गई हैं. लेकिन पहाड़ों में अब भी मौसम सुकून वाला बना हुआ है.

बात करें मुनस्यारी कि तो शहरों की इस भयंकर जलन के उलट यहां का मौसम तो जैसे किसी दूसरी दुनिया की याद दिलाता है. यहां दिन में तापमान लगभग 16 डिग्री रहता है, जिससे पूरे दिन हल्की ठंडक बनी रहती है. जैसे ही शाम होती है, पारा गिरकर 7-8 डिग्री तक पहुंच जाता है और ठंडी हवाएं चलने लगती हैं. आलम यह है कि जून के महीने में भी कभी-कभी लोगों को यहां हल्के स्वेटर या शॉल निकालनी पड़ती है.

जहां एक तरफ मैदानों में लोग हर संभव तरीके से खुद को ठंडा रखने की जद्दोजहद कर रहे हैं, कोई दिनभर कूलर-एसी के सामने बैठा है, तो कोई बार-बार नींबू पानी और छाछ पीकर राहत पाने की कोशिश कर रहा है. बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी इस उमस से बेहाल हैं. कई जगहों पर तो बिजली की कटौती ने रातों की नींद भी मुश्किल कर दी है, ऐसे में पहाड़ों की ये प्राकृतिक ठंडक किसी वरदान से कम नहीं है.
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पहाड़ों में मिलने वाला सुकून और यह ताज़गी ऐसी चीज़ है, जिसे एक बार महसूस करने के बाद आप शहरों की भीड़ को भूल जाएंगे. यहां का शांत माहौल और शुद्ध हवा मन को खुश कर देती है. जो भी पर्यटक एक बार यहां आता है, वह अपने साथ ऐसी यादें लेकर जाता है कि उसका मन बार-बार इन वादियों में लौटने को करता है. यही वजह है कि पहाड़ों की ठंडी हवा हर किसी को अपनी ओर खींच लेती है.

पहाड़ों की खूबसूरती कोई मुकाबला नहीं है. चारों ओर फैली मखमली हरियाली, ऊंचे-ऊंचे पहाड़, कलकल बहते झरने और प्रदूषण मुक्त साफ नीला आसमान एक ऐसा नजारा पेश करते हैं जो आंखों को ठंडक और रूह को सुकून देता है. यहां की शांति शहरों की भागदौड़ और शोर-शराबे से बिल्कुल अलग होती है, जहां आकर आप मानसिक रूप से एकदम हल्का महसूस करने लगते हैं.

पिथौरागढ़ की बात करें तो यहां का मौसम इस समय बहुत ही सुहावना और संतुलित बना हुआ है. यहां तापमान 25 डिग्री के आसपास रहता है, जो न तो बहुत ज्यादा ठंडा है और न ही गर्म. दिन में हल्की गुनगुनी धूप और साथ में चलने वाली ठंडी हवा का मेल मौसम को और भी रूमानी बना देता है. बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए यह ठंडक किसी जन्नत से कम नहीं है.

शहरों की इस तपती धूप से परेशान होकर अब लोग भारी संख्या में पहाड़ों की ओर रुख कर रहे हैं. परिवार और दोस्तों के साथ छुट्टियां बिताने के लिए अब पहाड़ी इलाकों को ही सबसे बेहतर विकल्प माना जा रहा है. जैसे-जैसे गर्मी के रिकॉर्ड टूट रहे हैं, वैसे-वैसे इन ठंडी जगहों पर पर्यटकों की भीड़ बढ़ती जा रही है. यहां के होटल और होमस्टे भी अब तेजी से बुक होने लगे हैं.

जहां शहरों में गर्मी अपने चरम पर है, वहीं पहाड़ों में आज भी मौसम इतना ठंडा है कि कई जगहों पर तो पंखे चलाने की भी जरूरत नहीं पड़ती. यहां की हवा न सिर्फ ठंडी है बल्कि पूरी तरह साफ और ताजी भी है. सुबह-शाम की ठंडी बयार शरीर और दिमाग दोनों को रिलैक्स कर देती है. अगर आप भी इस गर्मी से हार मान चुके हैं, तो पहाड़ों के इस सुहावने मौसम का लुत्फ उठाने के लिए आ सकते है.



