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सुप्रीम कोर्ट बोला- दिल्ली-NCR में ग्रीन पटाखे जला सकेंगे: साइलेंस जोन के 300 मीटर एरिया में रोक, स्कूल-कॉलेज ‘नो-क्रैकर जोन’ घोषित


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4 मिनट पहले

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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में 7 और 8 नवंबर 2026 को ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति दे दी है। पटाखे केवल सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक जलाए जा सकेंगे। यह अनुमति 15 अक्टूबर 2025 को दिए गए कोर्ट के पिछले आदेश के अनुसार है।

सुप्रीम कोर्ट ने अस्पतालों, नर्सिंग होम, प्राथमिक एवं जिला स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों और अधिसूचित साइलेंस जोन के 300 मीटर के दायरे में पटाखे जलाने पर रोक लगाई है।

कोर्ट ने निर्देश दिया है कि इन क्षेत्रों के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थानों को भी ‘नो-क्रैकर जोन’ घोषित किया जाए। इनकी उचित मार्किंग की जाए और लोगों को इसकी जानकारी दी जाए।

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पिछली 2 सुनवाई, कोर्ट ने कहा था- 24 घंटे पटाखे नहीं चला सकते

30 सितंबर: 24 घंटे पटाखे चलाने की परमिशन नहीं दे सकते

30 सितंबर को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह पटाखों पर पूरी तरह रोक नहीं लगाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा था कि वह चौबीसों घंटे पटाखे जलाने की अनुमति नहीं देगा। बेंच ने कहा था कि बीच का रास्ता निकालना जरूरी है। इसके लिए पटाखे जलाने के तय समय निर्धारित किए जा सकते हैं। नोट में यह भी कहा गया था कि इन खास पटाखों की अनुमति तभी दी जा सकती है, जब इनका निर्माण केवल लाइसेंस प्राप्त निर्माता करें। इनमें प्रतिबंधित केमिकल नहीं होने चाहिए।

29 अक्टूबर: कोहली से बिना पटाखे दिवाली की अपील कराएं

कोर्ट ने कहा कि विराट कोहली जैसी मशहूर शख्सियतों की मदद से लोगों को जागरूक किया जा सकता है। जस्टिस वराले ने कहा, जनता को जागरूक करने के लिए अच्छे खिलाड़ियों या जीवन के किसी भी क्षेत्र में सम्मानित लोगों की सेवाएं क्यों नहीं ली जा सकतीं? कोर्ट ने सुझाव दिया कि मशहूर हस्तियों से ऐसे वीडियो या मैसेज रिकॉर्ड कराए जा सकते हैं, जिनमें वे लोगों से प्रदूषण बढ़ाए बिना दिवाली मनाने की अपील करें।

कोर्ट में बताया- देश में वायु प्रदूषण से 20 लाख मौतें

मामले में कोर्ट की सहायता कर रहीं एमिकस क्यूरी और वरिष्ठ वकील उत्तरा बब्बर ने वायु प्रदूषण से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी नुकसान और दिल्ली-NCR में पटाखे जलाने के खतरों के बारे में बताया।

उन्होंने स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर 2025 रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत में मौतों के प्रमुख कारणों में वायु प्रदूषण सबसे आगे है।

इसके कारण देश में 20.1 लाख से ज्यादा मौतें हुईं। इनमें से 21% मौतें पांच साल से कम उम्र के बच्चों की थीं।

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल ग्रीन पटाखों की अनुमति दी थी

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पिछले साल दिवाली से पहले दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 पार हो गया था। इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और नेशनल कैपिटल रीजन में ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति दी थी। यह छूट परंपराओं और पर्यावरण व स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बीच संतुलन बनाने की शर्तों के साथ दी गई थी।

कोर्ट ने साफ किया था कि ग्रीन पटाखे दिवाली से पहले और दिवाली के दिन ही तय समय के दौरान चलाए जा सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण को लेकर कहा था कि अगर दिल्ली-NCR के शहरों को साफ हवा का हक है तो दूसरे शहरों के लोगों को क्यों नहीं?

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