बढ़ते आयात बिल और विदेशी मुद्रा पर दबाव के बीच सरकार ने सोने के कर-मुक्त (ड्यूटी-फ्री) आयात नियमों को और सख्त कर दिया। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने रत्न एवं आभूषण निर्यातकों के लिए पांच नए नियम जारी किए, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।
अब अग्रिम प्राधिकार (एडवांस ऑथराइजेशन) के तहत एक लाइसेंस पर अधिकतम 100 किलोग्राम कर-मुक्त सोना ही आयात किया जा सकेगा। क्षेत्रीय प्राधिकरण पहली बार आवेदन करने वाले कारोबारियों का निरीक्षण करेंगे। दोबारा आयात लाइसेंस तभी जारी होगा जब पहले वाले लाइसेंस के तहत तय निर्यात दायित्व का न्यूनतम 50 फीसदी पूरा किया गया हो।
लाइसेंसधारकों को आयात-निर्यात की हर 15 दिन पर विस्तृत रिपोर्ट देनी होगी। इसे स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट की ओर से प्रमाणित किया जाएगा। क्षेत्रीय कार्यालयों को हर माह डीजीएफटी मुख्यालय को सभी लाइसेंस और लेनदेन की रिपोर्ट भेजनी होगी, ताकि निगरानी सुचारु हो सके।
सरकार ने एक दिन पहले ही सोने पर आयात शुल्क 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया था। रत्न एवं आभूषण उद्योग ने फैसले पर चिंता जताते हुए कहा है, ज्यादा शुल्क और सख्त नियमों से ग्रे-मार्केट और सोने की तस्करी बढ़ सकती है। सरकार के दोनों फैसले ऐसे समय आए, जब इस वित्त वर्ष में भारत का सोना आयात 24 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 71.98 अरब डॉलर पर पहुंच गया।



