शेयर बाजार में स्मॉलकैप इंडेक्स की रिकॉर्ड तेजी के पीछे एक बड़ा खतरा छुपा हुआ है। पहली नजर में स्मॉलकैप इंडेक्स लार्ज और मिडकैप को पछाड़ते हुए नई ऊंचाइयों को छूता हुआ दिख रहा है, लेकिन सतह के नीचे हकीकत बिल्कुल उलट है। यस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 में निफ्टी स्मॉलकैप 250 इंडेक्स के सिर्फ 37.2 फीसदी शेयर ही अपने बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन कर पाए हैं। यह आठ वर्षों में स्मॉलकैप शेयरों की सबसे कमजोर चाल है।
आसान शब्दों में कहें तो हर 10 में से 6 से ज्यादा स्मॉलकैप शेयर इंडेक्स के रिटर्न की बराबरी भी नहीं कर पा रहे हैं। इंडेक्स को केवल कुछ गिने-चुने शेयर ऊपर खींच रहे हैं, जिससे अंधाधुंध पैसा लगाने वाले खुदरा निवेशकों के फंसने का खतरा बढ़ गया है।
आंकड़ों में बड़ा विरोधाभास : लार्जकैप और स्मॉलकैप में बिल्कुल विपरीत तस्वीर देखने को मिल रही है। बेहतर मार्जिन सुरक्षा और 65 फीसदी शेयरों की मजबूत भागीदारी के बावजूद लार्जकैप फंड्स से जुलाई में 1,320 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई। ऊंचे मूल्याकंन और कम तेजी के बावजूद स्मॉलकैप फंड में रिकॉर्ड 7,770 करोड़ और मिडकैप फंड में 6,190 करोड़ का निवेश आया।
महंगा वैल्यूएशन
- स्मॉलकैप की तेजी पूरी तरह फंडामेंटल से कटी हुई भी नहीं है। मोतीलाल ओसवाल के कवरेज वाले स्मॉलकैप यूनिवर्स ने जून तिमाही में 31 फीसदी की सालाना आय वृद्धि दर्ज की, जो 22 फीसदी के अनुमान से बेहतर है। इसमें एनबीएफसी, प्राइवेट बैंक, केमिकल्स और ऑयल एंड गैस सेक्टर का योगदान 69 फीसदी रहा।
- वित्त वर्ष 2026-27 के लिए स्मॉलकैप कंपनियों की मुनाफा वृद्धि 34 फीसदी रहने का अनुमान है, जबकि लार्जकैप के लिए यह 16 फीसदी और मिडकैप के लिए 20 फीसदी आंकी गई है।
निवेशक क्या करें?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि स्मॉलकैप पूरी तरह से जाल नहीं है, लेकिन अब वह दौर खत्म हो चुका है जहां कचरा और क्वालिटी दोनों शेयर एक साथ दौड़ते थे। एनएसई 500 में जीतने वाले शेयरों का औसत अतिरिक्त रिटर्न घटकर 18.3 फीसदी रह गया, जो 2021 के 37.5 फीसदी के उच्चतम स्तर से आधा है।
पिछले साल 24 फीसदी शेयरों ने 25 फीसदी से अधिक का रिटर्न दिया था । बैलेंस शीट और कैश फ्लो देखकर ही निवेशक आगे के दांव लगाएं।
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287 अंक चढ़ा सेंसेक्स
मंगलवार को मासिक एक्सपायरी के दिन प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स व निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए।
- सेंसेक्स : 287 अंक (0.37%) बढ़कर 77,656 अंक पर बंद हुआ।
- निफ्टी : 116 अंक (0.48%) बढ़कर 24,335 अंक पर बंद हुआ।
- आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस और एसबीआई सहित चुनिंदा शेयरों ने सेंसेक्स की बढ़त में सबसे बड़ा योगदान दिया।
ब्रेंट क्रूड 3% से अधिक गिरकर लगभग 89 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जो एक सप्ताह में इसका सबसे निचला स्तर है।
क्या है निफ्टी का आउटलुक
एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह का मानना है कि 24,200–24,170 का दायरा तत्काल समर्थन का काम करेगा। 24,170 से नीचे फिसलने पर इंडेक्स 24,050 की ओर जा सकता है। ऊपर 24,480 से 24,500 तत्काल प्रतिरोध है।



