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हिमांशु भाऊ गैंग पर कसा शिंकजा, कोटा से अरेस्‍ट हुए 4 गुर्गे, आया नगर में बरसाईं थी 70 गोलियां


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अमेरिका में बैठे कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ के नेटवर्क पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बड़ी चोंट दी है. काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट ने राजस्थान के कोटा से गैंग के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. अरेस्‍ट हुए आरोपियों में डेयरी कारोबारी रतन लोहिया की हत्या करने वाले कुख्यात शूटर फौजी और करण भी शामिल हैं. दोनों ने हत्‍याकांड को अंजाम देने के लिए 70 से ज्यादा गोलियां चलाईं थीं.

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दिल्‍ली पुलिस की स्‍पेशल सेल ने राजस्थान के कोटा से हिमांशु भाऊ गैंग के चार कुख्यात शूटर्स को अरेस्‍ट किया हैं.

नई दिल्ली. अमेरिका में बैठे कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ के नेटवर्क पर दिल्ली पुलिस ने बड़ी चोंट की है. स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट ने राजस्थान के कोटा में छिपे हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़े चार गुर्गों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार हुए शूटर्स में रमन उर्फ फौजी, करण, शेखर तिवारी और विनोद तिवारी हैं शामिल हैं. शेखर और विनोद सगे भाई हैं. वहीं, रमन और करण कई बड़े हत्याकांडों और फायरिंग की वारदातों में वांटेड थे. दोनों पर दिल्ली के आया नगर में डेयरी कारोबारी की हत्या से लेकर मोहित डागर हत्याकांड, रोहतक और बुलंदशहर में हुई फायरिंग जैसी वारदातों में शामिल होने के आरोप हैं.

दिल्‍ली पुलिस के अनुसार, स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस टीम को इंटेल मिला था कि हिमांशु भाऊ सिंडिकेट से जुड़े कुछ गुर्गे राजस्थान के कोटा में छिपे हुए हैं. सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने इलाके में कार्रवाई की और चारों आरोपियों को दबोच लिया. रमन और करण गैंग के शूटर हैं, जबकि शेखर और विनोद उन्हें छिपने के लिए ठिकाने उपलब्ध कराते थे. दोनों भाई गैंग के पैसों को अलग-अलग माध्यमों और खातों के जरिए इधर-उधर करने का काम भी करते थे. पुलिस के अनुसार, रमन और करण की गिरफ्तारी पर अलग-अलग राज्यों की पुलिस ने इनाम भी घोषित कर रखा था.

  1. आया नगर में चली थीं 70 से ज्यादा गोलियां
    दिल्‍ली पुलिस के अनुसार, बीते साल रमन और करण ने ही दिल्‍ली के आया नगर में डेयरी कारोबारी की हत्‍या की वारदात को अंजाद दिया था. यह वारदात 30 नवंबर 2025 को अंजाम दी गई थी. 52 वर्षीय डेयरी कारोबारी रतन लोहिया उस सुबह अपनी डेयरी की ओर जा रहे थे. इसी दौरान, हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी. हमलावरों ने इस हत्‍याकांड को अंजाम देने के लिए 70 से ज्‍यादा राउंड गोलियां चलाईं थीं. इसमें रतन लोहिया के शरीर में करीब 69 गोलियां लगी थीं. जांच में पता चला था कि इस हत्‍या के लिए रमन और करण को सुपारी दी गई थी. वारदात को अंजाम देने के बाद से दोनों फरार चल रहे थे.
  2. मोहित डागर हत्याकांड में भी दोनों थे आरोपी
    दोनों आरोपियों पर 4 अगस्त 2025 को दिल्ली के मोहन गार्डन-द्वारका मोड़ इलाके में हुए मोहित डागर हत्याकांड में शामिल होने का भी आरोप है. 25 वर्षीय मोहित डागर पर मोटरसाइकिल से आए तीन हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं, जिससे उसकी मौत हो गई थी. इस हत्याकांड के बाद कुख्यात हिमांशु भाऊ गैंग ने वारदात की जिम्मेदारी ली थी. पुलिस की तफ्तीश में पता चला था कि इस हत्‍याकांड को भी रमन और करण ने अंजाम दिया था.
  3. रोहतक-बुलंदशहर फायरिंग में भी थे शामिल
    रमन और करण पर दिसंबर 2025 में हरियाणा के रोहतक जिले के गांव रिटोली में हुई फायरिंग में शामिल होने का भी आरोप है. पुलिस के अनुसार, इस हमले का निशाना हिमांशु भाऊ का विरोधी सनी रिटोली था. फायरिंग के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य लोग घायल हुए थे. वहीं, मई 2026 में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के ककोड़ इलाके में हुई फायरिंग के मामले में भी दोनों की तलाश थी. रमन और करण ने गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया के विरोधी जितेंद्र उर्फ जीतू को निशाना बनाकर गोलियां चलाई थीं.
  4. पलवल के सरपंच पर कार्बाइन से हमला
    करण पर दिसंबर 2024 में हरियाणा के पलवल जिले के महेशपुर गांव के सरपंच पर फायरिंग करने का भी आरोप है. इस हमले में ऑटोमैटिक कार्बाइन जैसे घातक हथियार का इस्तेमाल किया गया था. रोहतक में भी उसके खिलाफ कई मामले दर्ज है. वहीं रमन उर्फ फौजी दिल्ली क्राइम ब्रांच के एक आर्म्स एक्ट मामले में भी वांटेड था. ये दोनों मई 2024 में रेवाड़ी के मोहल्ला कुतुबपुर में शेखर राव के घर पर हुई अंधाधुंध फायरिंग के मामले में भी वांटेड थे.

दो भाइयों ने दिया ठिकाना और संभाला पैसों का नेटवर्क
स्पेशल सेल ने शूटरों के साथ गिरफ्तार किए गए शेखर तिवारी और विनोद तिवारी की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है. दोनों सगे भाई हैं और उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के गोवर्धन इलाके के जिखान गांव के रहने वाले हैं. आरोप है कि दोनों भाइयों ने फरार शूटरों को सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराए. इसके अलावा वे गैंग के पैसों के लेन-देन में भी मदद करते थे. पुलिस इन्हें मनी म्यूल नेटवर्क का हिस्सा मानकर जांच कर रही है. पुलिस के अनुसार, दोनों पैसों को अलग-अलग खातों और माध्यमों के जरिए एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में मदद करते हैं.

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Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…

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