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हिमाचल में HRTC ड्राइवर भर्ती को उमड़ी भीड़: अभ्यर्थी बोला- उन्हें मालूम कि हड़ताल खत्म होते ही हटाया जाएगा, मंत्री ने मांगी बसों की चाबियां – Shimla News


शिमला में टेम्परेरी ड्राइवर भर्ती को पहुंचे बेरोजगार।

हिमाचल प्रदेश में काफी संख्या में बेरोजगार युवा HRTC में ड्राइवर पद पर भर्ती को क्षेत्रीय प्रबंधक (RM) कार्यालय में पहुंच रहे हैं। टेम्परेरी भर्ती के बावजूद युवाओं में नौकरी को लेकर उत्साह है। वहीं, डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने ड्राइवर-कंडक्टरों

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‘दैनिक भास्कर एप’ से बातचीत में ठियोग के कंदरू निवासी अरुण कुमार ने बताया कि उन्हें मालूम है कि HRTC ड्राइवर-कंडक्टर की स्ट्राइक खत्म होते ही उन्हें नौकरी से हटा दिया जाएगा। ये जानते हुए भी वह भर्ती होने को तैयार है। उन्होंने बताया कि राज्य में बेरोजगारी चरम पर है। इसलिए, युवा कुछ दिन भी ड्राइवर बनने को तैयार है।

ड्राइवर भर्ती के लिए शिमला पहुंचे अरुण कुमार और मोंटू ‘दैनिक भास्कर एप’ से बात करते हुए।

मुझे मालूम है कि नौकरी से हटा दिया जाएगा: मोंटू

कुमारसैन निवासी मोंटू ने बताया कि वह टेम्परेरी ड्राइवर भर्ती के लिए इंटरव्यू देने आए हैं। वह 10-12 सालों से हैवी व्हीकल चला रहे हैं। उन्हें मालूम है कि यह टेम्परेरी भर्ती है। उन्होंने बताया कि ड्राइवर भर्ती के लिए अभी उनसे आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड और मेट्रिक की मार्कशीट मांगी जा रही है। इसके बाद ड्राइविंग टेस्ट होगा।

शिमला के ढली में टेम्परेरी ड्राइवर के लिए ड्राइविंग टेस्ट देते हुए बेरोजगार।

शिमला के ढली में टेम्परेरी ड्राइवर के लिए ड्राइविंग टेस्ट देते हुए बेरोजगार।

डिप्टी सीएम ने हड़ताल को अवैध और गैर कानूनी बताया

उधर, डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने शिमला में मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार ने एसेंशियल सर्विस मेंटेनेंस एक्ट (ESMA) लागू कर रखा है। उन्होंने ड्राइवर-कंडक्टरों की हड़ताल को अवैध और गैर कानूनी बताकर हड़ताल नहीं करने की अपील की है। ऐसा नहीं करने पर उन्होंने गाड़ियों की चाबियां HRTC को हैंडओवर के निर्देश दिए है।

मंडी में टेम्परेरी ड्राइ‌वर भर्ती को पहुंचे युवा।

मंडी में टेम्परेरी ड्राइ‌वर भर्ती को पहुंचे युवा।

बड़ी संख्या में युवा इंटरव्यू देने पहुंच रहे: मुकेश

डिप्टी CM ने कहा कि यदि कर्मचारी काम पर नहीं लौटते हैं तो HRTC ड्राइवरों की भर्ती की जा रहा है। काफी संख्या में लोग इंटरव्यू में पहुंच रहे हैं और जरूरत के हिसाब से तैनात किया जाएगा। कहा कि कई संगठन बसें चलाने के लिए आगे आ रहे हैं। ऐसे लोगों को रूट के हिसाब से लिखित आदेश जारी किए जा रहे हैं, ताकि परिवहन व्यवस्था प्रभावित न हो।

उन्होंने कहा कि कल से सरकार नए भर्ती किए जा रहे ड्राइवरों को गाड़ियों की चाबियां सौंपेगी और रूट पर भेजना शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारी हड़ताल पर गए तो इससे HRTC को रोजाना ढाई करोड़ रुपए का नुकसान होगा।

ड्राइवर भर्ती का रजिस्ट्रेशन करते हुए बेरोजगार युवा।

ड्राइवर भर्ती का रजिस्ट्रेशन करते हुए बेरोजगार युवा।

आज रात 12 बजे से थम जाएंगे HRTC बसों के पहिए

बता दें कि मेडिकल बिल, महंगाई भत्ता और ओवर नाइट टाइम की मांग को लेकर HRTC कर्मचारियों ने हड़ताल का ऐलान कर रखा है। इस ऐलान के मुताबिक, आज रात 12 बजे से HRTC की कोई भी बस नहीं चलेगी। राज्य में इससे हजारों लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

सरकार ने इनकी हड़ताल रोकने के लिए ESMA लगा रखा है। मगर कर्मचारी फिर भी आर-पार की लड़ाई के मूड़ में है। HRTC ड्राइवर यूनियन के अध्यक्ष मान सिंह ठाकुर ने कहा कि या तो सरकार उन्हें गोली मार दे या फिर भी उनके वित्तीय लाभ जारी करें।

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100 करोड़ से ज्यादा की देनदारी: मान सिंह

मान सिंह ने कहा कि कर्मचारी कुछ भी अतिरिक्त नहीं मांग रहे। वह केवल अपने अधिकार मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पर 100 करोड़ से ज्यादा की देनदारी है। उन्हें लंबे समय से नाइट ओवर टाइम, मेडिकल बिल और डीए नहीं दिया जा रहा है। इससे कर्मचारी परेशान है।

HRTC कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए।

HRTC कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए।

क्या असर पड़ेगा?

हिमाचल में HRTC की अधिकांश बसें ग्रामीण क्षेत्रों में चलती हैं। इनमें ज्यादातर रूट ऐसे शामिल है, जहां केवल HRTC की बस ही जाती है। ऐसे में सरकारी बस के न आने से आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ेगी। इसी तरह, प्रदेश से बाहर दूसरे राज्यों को भी 90 फीसदी बसें सरकारी जाती है। हालांकि इनकी हड़ताल से पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों को जाने वाली बसों की सेवाएं भी प्रभावित होगी।

सरकार ने दिए सख्ती के निर्देश

वहीं ESMA के आदेशों के तहत कोई भी कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं हो सकता, उसे बढ़ावा नहीं दे सकता या इसमें सहयोग नहीं कर सकता। उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। सरकार ने HRTC प्रबंधन के साथ-साथ जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को भी आदेशों के पालन में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं।



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