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Places to Visit in Hyderabad: अगर आप हैदराबाद में इतिहास, संस्कृति और प्रकृति का संगम देखना चाहते हैं तो पब्लिक गार्डन्स यानी बाग-ए-आम बेहतरीन विकल्प है. यहां मिस्र की प्राचीन मम्मी, शाही दौर का जुबली हॉल, ऐतिहासिक ऐवान-ए-शाही मस्जिद और प्रसिद्ध ललिता कला तोरणम जैसे आकर्षण मौजूद हैं. 50 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला यह पार्क मॉर्निंग वॉक, फैमिली आउटिंग और पर्यटन के लिए बेहद लोकप्रिय है. बड़ों के लिए 20 रुपये और बच्चों के लिए 5 रुपये का टिकट इसे किफायती पर्यटन स्थल भी बनाता है.
हैदराबाद का ऐतिहासिक बागे आम यानी पब्लिक गार्डन्स शहर के बीच बसा 50 एकड़ से अधिक का एक खूबसूरत ग्रीन लंग है. साल 1846 में आम जनता के मनोरंजन और सेहत के लिए बना यह पार्क सिर्फ हरियाली ही नहीं, बल्कि इतिहास के नायाब पन्ने भी समेटे है. यहां स्थित स्टेट आर्कियोलॉजी म्यूजियम में 2500 साल पुरानी मिस्र की असली मम्मी, भव्य जुबली हॉल, शाही मस्जिद और ललिता कला थोरनम जैसे प्रमुख आकर्षण मौजूद है.
स्टेट आर्कियोलॉजी म्यूजियम में इतिहास के कई नायाब पन्ने सुरक्षित हैं. यहां की सबसे बड़ी खासियत मिस्र से लाई गई लगभग 2000 से 2500 साल पुरानी एक असली मम्मी है, जो पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण है. इससे देखने सैकड़ों की संख्या में रोज़ाना पर्यटक आते हैं. स्टेट आर्कियोलॉजी म्यूजियम का टिकट मात्र 20 रुपए है. यहां रखी वस्तुओं को देखकर आप इतिहास में खो जाएंगे.
जुबली हॉल हैदराबाद की सबसे खूबसूरत और ऐतिहासिक इमारतों में से एक है. इसका निर्माण वर्ष 1913 में हैदराबाद के सातवें निजाम मीर उस्मान अली खान के शासनकाल की सिल्वर जुबली, यानी राज्याभिषेक के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कराया गया था. इस भव्य इमारत का डिजाइन प्रसिद्ध वास्तुकार जैन यार जंग ने तैयार किया था. अपनी शानदार वास्तुकला, शाही विरासत और ऐतिहासिक महत्व के कारण जुबली हॉल आज भी हैदराबाद की प्रमुख धरोहरों में गिना जाता है.
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शास्त्री पार्क परिसर में स्थित शाही मस्जिद जिसे ऐवान-ए-शाही भी कहा जाता है अपनी भव्य वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है. इस खूबसूरत मस्जिद का निर्माण इस उद्देश्य से किया गया था कि पार्क में घूमने आने वाले लोग यहां आसानी से नमाज अदा कर सकें. इसकी आकर्षक बनावट और शांत वातावरण इसे खास बनाते हैं. ऐतिहासिक धरोहर के रूप में पहचान रखने वाली यह मस्जिद आज भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आस्था और आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है.
ललिता कला तोरणम शास्त्री पार्क परिसर में स्थित एक प्रसिद्ध ओपन-एयर थिएटर और सांस्कृतिक केंद्र है. यहां संगीत, नृत्य, नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और बड़े आयोजनों का नियमित आयोजन होता है. इस थिएटर में एक साथ करीब 4,000 दर्शकों के बैठने की क्षमता है. इसका निर्माण वर्ष 1986 में तत्कालीन आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन.टी. रामाराव की पहल पर कराया गया था. आज यह हैदराबाद के प्रमुख सांस्कृतिक स्थलों में शामिल है.
50 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला यह हरियाली से भरपूर पार्क आज के कंक्रीट वाले हैदराबाद का “ग्रीन लंग” माना जाता है. घने पेड़, खुले मैदान और शांत वातावरण इसे प्रकृति प्रेमियों और मॉर्निंग वॉक करने वालों के लिए बेहतरीन जगह बनाते हैं. शहर की भागदौड़ के बीच यह पार्क सुकून और ताजगी का एहसास कराता है. यहां प्रवेश शुल्क बड़ों के लिए 20 रुपये और बच्चों के लिए 5 रुपये है, जिससे यह परिवारों के लिए भी किफायती घूमने की जगह बन गया है.



