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2 लाख के नीचे आई चांदी, सोने में भी भारी गिरावट, इस हफ्ते अभी और गिरेंगे दाम!


सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए बीता सप्ताह काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। घरेलू वायदा बाजार में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस सप्ताह भी सोने-चांदी की चाल पर कच्चे तेल की कीमतों, महंगाई की आशंकाओं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर संबंधी फैसले का असर देखने को मिल सकता है। 27 और 28 अक्टूबर 2026 को होने वाली फेडरल रिजर्व की बैठक पर निवेशकों की नजरें टिकी हैं। 

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव में बीते सप्ताह 5,768 रुपये की गिरावट आई और यह लगभग 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। चांदी में गिरावट और भी ज्यादा रही। दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी का भाव 15,087 रुपये यानी 7.14 प्रतिशत टूटकर लगभग 1.96 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। इस गिरावट के साथ चांदी का भाव 2 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे चला गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी पर दबाव बना रहा। 

कीमतों में गिरावट की प्रमुख वजहों में कच्चे तेल का महंगा होना शामिल है। तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई बढ़ने की आशंका मजबूत होती है, जिससे केंद्रीय बैंकों के लिए ब्याज दरों में कटौती करना मुश्किल हो सकता है। यदि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को ऊंचे स्तर पर बनाए रखता है या भविष्य में सख्त रुख अपनाने के संकेत देता है, तो अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड को समर्थन मिल सकता है। ऐसे माहौल में सोने जैसी संपत्तियों की आकर्षकता कम हो सकती है, क्योंकि उनसे नियमित ब्याज नहीं मिलता। मजबूत डॉलर और ऊंची बॉन्ड यील्ड पहले ही कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा रहे हैं। 

हालांकि, कीमतों में गिरावट के बाद सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए यह जरूरी है कि वे जल्दबाजी में फैसला न लें। आने वाले दिनों में फेडरल रिजर्व के फैसले, कच्चे तेल की चाल, डॉलर की मजबूती और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। गिरावट जारी रहने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन कीमतें निश्चित रूप से और नीचे जाएंगी, इसकी गारंटी नहीं है। खरीदारों को अपने बजट, जरूरत और निवेश की अवधि को ध्यान में रखकर फैसला करना चाहिए। यह भी ध्यान रखें कि MCX के वायदा भाव और स्थानीय सर्राफा बाजार में मिलने वाले खुदरा भाव अलग हो सकते हैं। आभूषण खरीदते समय शुद्धता, मेकिंग चार्ज और लागू करों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

 



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