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मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डा. स्वप्निल नीला ने बताया नेरल से माथेरान जाने वाली टॉय ट्रेन 21 किमी का सफर 8-15 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तय करती है. रोज सिर्फ 170 लोग इस ट्रेन में सफर कर सकते हैं. इसके बावजूद टिकट के लिए लोग 10-12 घंटे तक इंतजार करते हैं.
कुल चार फेरे लगाती है ट्रेन.
नई दिल्ली. मुंबई से करीब 90 किलोमीटर दूर स्थित माथेरान हिल स्टेशन तक पहुंचने वाली टॉय ट्रेन का आकर्षण आज भी लोगों के सिर चढ़कर बोलता है. यही वजह है कि इस ट्रेन में सफर करने के लिए कई यात्री कई बार टिकट काउंटर पर 10 से 12 घंटे पहले ही लाइन लगाकर खड़े हो जाते हैं. सीमित सीटों और अनोखे सफर के कारण यह ट्रेन देश की सबसे लोकप्रिय हेरिटेज रेल सेवाओं में गिनी जाती है.
मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डा. स्वप्निल नीला ने बताया कि यह टॉय ट्रेन नेरल से माथेरान के बीच चलती है. पहाड़ों और घने जंगलों के बीच से गुजरने वाली यह रेल यात्रा पर्यटकों को एक अलग ही अनुभव देती है. ट्रेन रोजाना सुबह दो फेरे और शाम को वापसी में दो फेरे लगाती है. यात्रा के दौरान यह तीन छोटे स्टेशनों पर रुकती है, जहां से यात्री आसपास के प्राकृतिक दृश्यों का आनंद ले सकते हैं.
विस्टाडोम कोच और कूपे भी है इस खास ट्रेन में.
कूपा भी बुक कर सकते हैं
ट्रेन में यात्रियों के लिए फर्स्ट क्लास, सेकेंड क्लास, कूपे और आधुनिक विस्टाडोम कोच की सुविधा उपलब्ध है. टिकट का किराया 95 रुपये से शुरू होकर 750 रुपये तक जाता है. सबसे अधिक किराया विस्टाडोम कोच का है, क्योंकि यह पूरी तरह वातानुकूलित (एसी) है और इसके चारों ओर बड़े-बड़े शीशे लगे हैं. इससे यात्री सफर के दौरान पहाड़ों, घाटियों और हरियाली का शानदार नजारा देख सकते हैं.
मानसून में ऑपरेशन बंद कर दिया जाता है
इस ट्रेन का ऑपरेशन आमतौर पर अक्टूबर से जून तक किया जाता है. मानसून के दौरान भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए इसका ऑपरेशन बंद कर दिया जाता है. ट्रेन की एक और खास बात यह है कि इसमें रोजाना केवल लगभग 170 यात्री ही सफर कर सकते हैं. सीमित सीटों के कारण टिकटों की भारी मांग रहती है.
टिकटों की संख्या सीमित होने की वजह से रहती है मारामारी.
ट्रेन चलने से 45 मिनट पहले टिकट
रेलवे स्टेशन पर टिकट ट्रेन रवाना होने से लगभग 45 मिनट पहले जारी किए जाते हैं. यही वजह है कि छुट्टियों और पर्यटन सीजन में लोग घंटों पहले पहुंचकर लाइन में लग जाते हैं ताकि सीट सुनिश्चित हो सके. नेरल स्टेशन में एक ट्रेन रात में आती है और माथेरन जाने वाले पर्यटक रात में ही टिकट विंडो के सामने बैठ जाते हैं, िजससे सुबह सबसे पहले टिकट मिल सके और ट्वाय ट्रेन से सफर कर सकेंं.
21 किमी. है कुल सफर
करीब 21 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर ट्रेन की अधिकतम गति 8 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है. यही कारण है कि यह दूरी तय करने में दो घंटे से अधिक समय लग जाता है. यह टॉय ट्रेन देश के ही नहीं, विदेशी पर्यटकों को भी खूब आकर्षित करती है



