सोचिए, कोई शख्स एक-दो नहीं, बल्कि 36 साल तक देश के 300 से ज्यादा लक्जरी होटल्स में ठहरे. हर बार पहचान बदली. होटल का कमरा लिया. महंगी सुविधाओं का इस्तेमाल किया. स्टाफ से ऐसे घुले-मिले जैसे कोई पुराना मेहमान हो. फिर बिल चुकाने की बारी आई तो गायब. सुनने में किसी क्राइम फिल्म की कहानी लगती है, लेकिन यह मामला असल जिंदगी का है. तमिलनाडु के 69 वर्षीय बिंग्सन जॉन की कहानी कुछ ऐसी ही है. जुलाई 2026 की शुरुआत में रायपुर पुलिस ने उसे भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक, उसने 1990 से अब तक देश के कई राज्यों के प्रीमियम होटलों को निशाना बनाया. सबसे हालिया मामला रायपुर के हयात होटल से जुड़ा है, जहां हजारों रुपए का बिल और एक महंगा लैपटॉप छोड़कर वह निकल गया.
बिंग्सन जॉन की कहानी इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि पूछताछ में उसने खुद को कुख्यात ठग चार्ल्स शोभराज से प्रेरित बताया. तिहाड़ जेल में रहने के दौरान उसने शोभराज के किस्से सुने थे. इसके बाद उसने फर्जी पहचान और आत्मविश्वास को अपना हथियार बना लिया. कभी विदेशी टूर गाइड, कभी अंग्रेजी शिक्षक तो कभी योगा इंस्ट्रक्टर बनकर होटल में दाखिल होना उसकी पुरानी आदत बन गई. अंग्रेजी पर पकड़ और बातचीत का अंदाज ऐसा था कि होटल कर्मचारी अक्सर उसके दावों पर शक नहीं करते थे. इसके बाद शुरू होता था वही पुराना खेल. कुछ दिन होटल में ठहरना, सुविधाएं लेना और मौका मिलते ही बिना भुगतान किए निकल जाना.
हयात होटल से शुरू हुई आखिरी कहानी
रायपुर के हयात होटल में बिंग्सन जॉन ने 25 जून 2026 को चेक-इन किया था. पुलिस के मुताबिक, उसने खुद को इवेंट ऑर्गनाइजर बताया. दो दिन तक होटल में रहने के बाद 27 जून की सुबह वह दो बैग लेकर बिना चेक-आउट किए निकल गया. पीछे रह गया 63,755 रुपए का होटल बिल. मामला यहीं खत्म नहीं हुआ. आरोप है कि होटल से मांगा गया करीब 1.48 लाख रुपए का लैपटॉप भी वह अपने साथ ले गया. होटल के सुरक्षा प्रभारी सूरज सिंह ने तेलीबांधा थाने में शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की.
फर्जी पहचान ही था सबसे बड़ा हथियार
पुलिस के मुताबिक बिंग्सन जॉन का तरीका सालों से लगभग एक जैसा रहा. वह हर जगह अपनी नई पहचान बनाता था. कभी खुद को विदेशी पर्यटकों का गाइड बताता, कभी अंग्रेजी शिक्षक और कभी योगा इंस्ट्रक्टर. उसका व्यवहार शांत और बातचीत बेहद सहज होती थी. यही वजह थी कि होटल स्टाफ को उस पर जल्दी शक नहीं होता था. आरोप है कि कई बार उसने होटल की संपत्ति भी अपने साथ ले ली. कुछ मामलों में स्टाफ को बेहतर नौकरी दिलाने का लालच देकर भी भरोसा कायम करने की कोशिश की.
चार्ल्स शोभराज से मिली ठगी की प्रेरणा
पूछताछ के दौरान बिंग्सन जॉन ने पुलिस को बताया कि वह चार्ल्स शोभराज से प्रभावित था. तिहाड़ जेल में बिताए समय के दौरान उसने शोभराज के तौर-तरीकों के बारे में सुना था. इसके बाद फर्जी पहचान, आत्मविश्वास और लोगों को प्रभावित करने की कला उसके ठगी के तरीके का हिस्सा बन गई. जॉन ने यह भी बताया कि 1990 के दशक की शुरुआत में उसकी मंगेतर की मौत हो गई थी. इसके बाद उसने शादी का विचार छोड़ दिया और इसी रास्ते पर आगे बढ़ता गया. उसने जेल को मजाकिया अंदाज में ‘होम स्टे’ और लक्जरी होटल को ‘टूरिस्ट डेस्टिनेशन’ तक बताया.
जेल से लेकर 300 होटल तक पहुंची कहानी
बिंग्सन जॉन का पुलिस रिकॉर्ड भी छोटा नहीं है. 1996 में पहली गिरफ्तारी के बाद उसने करीब 15 साल अलग-अलग जेलों में बिताए. इनमें तिहाड़ जेल भी शामिल रही. दिल्ली, मुंबई, गोवा, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, झारखंड, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में उसके खिलाफ मामले दर्ज होने की बात सामने आई है. 2022 में केरल पुलिस ने भी उसे एक फाइव-स्टार होटल का बिल नहीं चुकाने के आरोप में गिरफ्तार किया था. यानी रायपुर का मामला उसके लिए कोई पहली घटना नहीं थी.
72 घंटे में भुवनेश्वर तक पहुंची पुलिस
रायपुर पुलिस की एंटी-क्राइम एंड साइबर यूनिट ने होटल में जमा दस्तावेजों और मोबाइल नंबरों की जांच शुरू की. तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची और भुवनेश्वर में उसकी लोकेशन ट्रेस की. पुलिस के मुताबिक, करीब 72 घंटे के भीतर उसे गिरफ्तार कर लिया गया. जांच के दौरान आरोपी के पास से लैपटॉप भी बरामद किया गया. पूछताछ में उसने सहयोग किया और सैकड़ों होटल्स में इसी तरह ठहरने का दावा किया. अब पुलिस अलग-अलग राज्यों में दर्ज पुराने मामलों का रिकॉर्ड जुटा रही है.
36 साल पुराना खेल, अब खुलेंगे कई राज
इस पूरी कहानी का सबसे बड़ा सवाल यही है कि एक व्यक्ति आखिर इतने लंबे समय तक होटल इंडस्ट्री के सिस्टम को कैसे चकमा देता रहा. फर्जी दस्तावेज, बदलती पहचान और आत्मविश्वास से भरी बातचीत उसके तरीके का हिस्सा रहे. रायपुर पुलिस अब पुराने मामलों को जोड़कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 36 साल के दौरान उसने कितने होटल्स को नुकसान पहुंचाया. फिलहाल बिंग्सन जॉन न्यायिक हिरासत में है. उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. जांच आगे बढ़ने के साथ इस रेट्रो क्राइम स्टोरी के कई पुराने अध्याय भी सामने आ सकते हैं.



