Homeव्यवसायWPI Inflation: पश्चिम एशिया संकट और आपकी जेब, छह आसान सवालों में...

WPI Inflation: पश्चिम एशिया संकट और आपकी जेब, छह आसान सवालों में समझिए महंगाई का पूरा गणित


पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारत के अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आम आदमी की जेब पर साफ दिखने लगा है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत का वस्तु एवं सेवा निर्यात 4.22 प्रतिशत बढ़कर 860 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है, लेकिन मार्च महीने में इसमें गिरावट दर्ज की गई है। आइए, पांच आसान सवालों और जवाबों के माध्यम से समझते हैं कि इन नए व्यापार आंकड़ों और वैश्विक संकट का आपकी जिंदगी और देश की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ रहा है।

सवाल: देश में अचानक थोक महंगाई क्यों बढ़ गई है?

जवाब: सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मार्च महीने में थोक मूल्य मुद्रास्फीति (WPI) लगातार पांचवें महीने बढ़कर 3.88 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो फरवरी में 2.13 प्रतिशत थी। इस महंगाई के बढ़ने की मुख्य वजह कच्चे पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, बुनियादी धातुओं और विनिर्मित (मैन्युफैक्चर्ड) वस्तुओं की कीमतों में हुई भारी वृद्धि है। विनिर्मित उत्पादों की महंगाई दर भी फरवरी के 2.92 प्रतिशत से बढ़कर मार्च में 3.39 प्रतिशत हो गई है। 

सवाल: इन सब चीजों के दाम अचानक क्यों बढ़ने लगे?

जवाब: इसके पीछे सबसे बड़ा कारण पश्चिम एशिया में चल रहा संकट है। 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद पूरी दुनिया में कच्चे तेल की सप्लाई पर असर पड़ा है। देखते ही देखते कच्चे तेल के दाम लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल से उछलकर 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए, यानी एक महीने से भी कम समय में कीमतों में लगभग 75 प्रतिशत का भारी उछाल आया। इसी अंतरराष्ट्रीय संकट के कारण भारत में मार्च के दौरान कच्चे पेट्रोलियम की थोक महंगाई दर पिछले महीने के 1.29 प्रतिशत से छलांग लगाकर सीधे 51.57 प्रतिशत हो गई।

सवाल: कच्चे तेल के दाम इतने बढ़े, तो क्या हमारे लिए पेट्रोल-डीजल भी महंगे हुए?

जवाब: आम जनता की जेब पर इस अंतरराष्ट्रीय संकट का सीधा असर न पड़े, इसके लिए सरकार ने बीच में ही राहत भरा कदम उठा लिया। 26 मार्च को सरकार ने पेट्रोल और डीजल दोनों पर लगने वाले उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती कर दी। सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया ताकि तेल कंपनियां कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमत आम उपभोक्ताओं से न वसूलें।

सवाल: क्या इस संकट से रोजमर्रा के खाने-पीने के सामान और सब्जियों पर भी असर पड़ा है?

जवाब: थोक स्तर पर देखें तो खाने-पीने के मामले में थोड़ी राहत मिली है। थोक बाजार में खाद्य पदार्थों की महंगाई दर फरवरी के 2.19 प्रतिशत से घटकर मार्च में 1.90 प्रतिशत पर आ गई है। सब्जियों की महंगाई दर में भी बड़ी गिरावट आई है और यह फरवरी के 4.73 प्रतिशत से घटकर मार्च में 1.45 प्रतिशत रह गई है।

सवाल: लेकिन क्या आम आदमी को बाजार में सामान खरीदते वक्त यह राहत मिल रही है?

जवाब: थोक बाजार में भले ही कुछ चीजों के दाम घटे हों, लेकिन आम आदमी जिस कीमत पर सामान खरीदता है (खुदरा मुद्रास्फीति या CPI), उसमें थोड़ी बढ़ोतरी हुई है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित खुदरा महंगाई मार्च में बढ़कर 3.4 प्रतिशत हो गई है, जो फरवरी में 3.21 प्रतिशत थी। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से कुछ चुनिंदा खाने-पीने की चीजों के महंगे होने के कारण हुई है।

सवाल: क्या इस महंगाई से मेरे बैंक लोन या ईएमआई पर कोई असर पड़ेगा?

जवाब: भारतीय रिजर्व बैंक बैंकों की लोन और ब्याज दरें तय करने के लिए मुख्य रूप से खुदरा महंगाई (सीपीआई) पर ही नजर रखता है। खुदरा महंगाई के वर्तमान हालात को काबू में देखते हुए, आरबीआई ने इस महीने की शुरुआत में अपनी मौद्रिक नीति में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इसलिए, फिलहाल आपकी ईएमआई पर इसका कोई नया असर नहीं पड़ा है।

सवाल: अर्थव्यवस्था और व्यापार के मोर्चे पर आगे की क्या उम्मीद है?

जवाब: पश्चिम एशिया की चुनौतियों के बीच व्यापार जगत के लिए एक सकारात्मक खबर भी है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने व्यापार आंकड़ों की जानकारी देते हुए पत्रकारों को बताया कि भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) मई महीने में लागू हो सकता है। इससे आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नई गति मिलने की संभावना है। वर्तमान स्थिति से स्पष्ट है कि पश्चिम एशिया के संकट ने मार्च में भारत के निर्यात और आयात दोनों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। हालांकि, पेट्रोल-डीजल पर टैक्स कटौती जैसी घरेलू राहतें और मई में संभावित भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता (एफटीए) भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए आगे के रास्ते को मजबूत बना सकते हैं।





Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments