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16 बच्चों को दैनिक भास्कर जूनियर एडिटर का नेशनल अवॉर्ड: 10 राज्यों के 80 हजार स्टूडेंट शामिल हुए, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिले विनर्स


नई दिल्ली23 मिनट पहले

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देश के सबसे बड़े न्यूजपेपर मेकिंग कॉम्पिटिशन ‘जूनियर एडिटर’ का 8वां सीजन पूरा हुआ। 10 राज्यों से 80,000 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने इसमें हिस्सा लिया। चार अलग-अलग कैटेगरी में 2327 स्टूडेंट्स स्कूल विनर्स, 754 सिटी विनर्स, 142 स्टेट विनर्स और 16 स्टूडेंट्स को ‘जूनियर एडिटर- सीजन 8’ का नेशनल अवॉर्ड मिला है।

सभी नेशनल अवॉर्ड विनर्स शनिवार, 18 अप्रैल को संसद भवन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिले। ओम बिरला ने बच्चों को अवॉर्ड जीतने पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, ‘बच्चों की प्रतिभा देखकर बहुत हर्ष महसूस हो रहा है। इनमें से कुछ डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी, बिजनेसमैन, डिजाइनर और लेखक बनना चाहते हैं। कई भविष्य के पत्रकार भी हैं।‘

स्पीकर ने बच्चों को भरोसा दिया कि आगे उन्हें संसद की गैलरी में बैठकर कार्यवाही देखने का मौका दिया जाएगा, ताकि वे अपने अखबार के लिए उसकी रिपोर्ट बना सकें। पेरेंट्स भी बच्चों के साथ संसद गए। भास्कर ग्रुप के डायरेक्टर पवन अग्रवाल और नीतिका अग्रवाल के साथ वाइस प्रेसिडेंट (प्रसार) राजीव द्विवेदी भी संसद भवन पहुंचे।

संसद भवन में जूनियर एडिटर- सीजन 8 के विनर्स के साथ लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, भास्कर ग्रुप के डायरेक्टर पवन अग्रवाल और नीतिका अग्रवाल।

संसद भवन में जूनियर एडिटर- सीजन 8 के विनर्स के साथ लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, भास्कर ग्रुप के डायरेक्टर पवन अग्रवाल और नीतिका अग्रवाल।

अब तक 5 लाख, 80 हजार बच्चे कॉम्पिटिशन में शामिल

जूनियर एडिटर कॉम्पिटिशन में अब तक करीब 5 लाख 80 हजार बच्चे हिस्सा ले चुके हैं। इसमें बच्चों को अपना न्यूजपेपर बनाने का मौका मिलता है। वे हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती और मराठी भाषाओं में चार फुलपेज का अखबार तैयार करते हैं। एडिटिंग, डिजाइनिंग और क्रिएटिव राइटिंग की भी जिम्मेदारी संभालते हैं। उन्हें हेडलाइन, स्टोरीज, एडिटोरियल्स और ऐड लिखने होते हैं।

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विनर्स बोले- कॉम्पिटिशन ने आत्मविश्वास बढ़ाया, पहली बार संसद घूमकर अच्छा लगा

कैटेगरी-A में नेशनल विनर बनीं जाह्नवी दुबे छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से आती हैं। 5वीं क्लास में पढ़ने वाली जाह्नवी कॉम्पिटिशन में शामिल होने को यादगार अनुभव बताती हैं। कैटेगरी-A में 2 नंबर पर रहीं हृदया शीतल कर्नावट महाराष्ट्र के नासिक से हैं। वे राइटर बनने का सपना देखती हैं।

ये अखबार कैटेगरी-A में नेशनल विनर बनीं जाह्नवी दुबे ने बनाया है।

ये अखबार कैटेगरी-A में नेशनल विनर बनीं जाह्नवी दुबे ने बनाया है।

5वीं में पढ़ रही हृदया कहती हैं, ‘भास्कर ने हम बच्चों को खुलकर अपनी बात रखने और नई चीजें सीखने के लिए बड़ा मंच दिया। मैं आगे चलकर अलग-अलग तरह की कहानियां लिखना चाहती हूं।‘

मध्य प्रदेश के रतलाम की इनाया खान इसी कैटेगरी में तीसरे नंबर पर रहीं। वे 6वीं क्लास में हैं। उन्हें कलर और टेक्नोलॉजी पसंद है। इनाया कहती हैं, ‘जूनियर एडिटर का ये सफर मजेदार रहा। मुझे रंगों के साथ काम करना और नई चीजें सीखना बहुत अच्छा लगा। मैंने जाना कि अखबार में कैसे काम होता है। अपना अखबार देखने के लिए बहुत उत्साहित थी। ये बहुत अच्छा बना है।’

6वीं क्लास में पढ़ने वाली हरियाणा के भिवानी की सांची ने कॉन्सोलेशन अवॉर्ड जीता। वे कहती हैं, ‘मुझे कुछ नया और क्रिएटिव करना बहुत पसंद है। कॉम्पिटिशन के बारे में पता चलते ही हिस्सा लेने का मन बना लिया और पूरी मेहनत से अखबार तैयार किया। अब सिलेक्शन होने से बहुत खुश हूं।‘

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चंडीगढ़ की वेदा महाजन कैटेगरी-B में नंबर वन रही हैं। वे 8वीं क्लास में पढ़ती हैं और पहले भी कॉम्पिटिशन में हिस्सा ले चुकी हैं। वेदा कहती हैं, ‘ये कॉम्पिटिशन मेरे दिल के बहुत करीब है। पिछले साल फेल होने के बाद अबकी मैंने पूरी जान लगा दी। मुझे गर्व है कि अपने सभी लेख खुद लिखे।‘

कैटेगरी-B में ही दूसरे नंबर पर रहे संकल्प अग्रवाल, मध्य प्रदेश के अशोक नगर के रहने वाले हैं। 7वीं क्लास में पढ़ने वाले संकल्प पापा के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिले। वे काफी खुश है और कहते हैं कि संसद भवन में नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान को भी देखा।

कॉम्पिटिशन को लेकर संकल्प ने बताया, ‘मैंने जूनियर एडिटर की तरह चार पन्नों का अखबार डिजाइन किया और काफी कुछ लिखा। ये बिल्कुल नया काम था। सभी से कहना चाहूंगा कि अखबार जरूर पढ़ें।‘

जूनियर एडिटर- सीजन 8 के सभी विनर्स अपने पेरेंट्स के साथ।

जूनियर एडिटर- सीजन 8 के सभी विनर्स अपने पेरेंट्स के साथ।

गुजरात के वडोदरा की जाह्नवी ब्रह्मभट्ट इसी कैटेगरी में तीसरे नंबर पर रहीं। वे 8वीं में पढ़ती हैं और कहती हैं, ‘इस अनुभव ने कॉन्फिडेंस बढ़ाने में बहुत मदद की है। मुझे अपनी क्रिएटिविटी और राइटिंग स्किल्स सुधारने का मौका मिला। ये अनुभव बहुत यादगार और अच्छा रहा है।’

वहीं बिहार के पटना की दृष्टि कुमारी को कॉन्सोलेशन अवॉर्ड मिला। 8वीं में पढ़ रही दृष्टि कहती हैं, ’जूनियर एडिटर का हिस्सा बनकर बहुत अच्छा लगा। अखबार बनाते वक्त क्रिकेटर्स और किताबों के बारे में बहुत कुछ जानने को मिला। मेरा सपना है कि बड़ी होकर डॉक्टर बनूं।’

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कैटेगरी-C में जयपुर की सान्वी पारीक नेशनल विनर बनीं। 10वीं में पढ़ने वाली सान्वी बताती हैं, ’दैनिक भास्कर ने मेरे जैसे स्टूडेंट्स को क्रिएटिविटी और डिजाइनिंग दिखाने का मौका दिया। मैं दिन में पढ़ाई करती और रात में अखबार तैयार करती थी। ये सफर बहुत सीखने वाला रहा।’

छत्तीसगढ़ के भिलाई की आर्या वर्मा कैटेगरी-C में दूसरे नंबर पर रहीं। वे 9वीं की स्टूडेंट हैं। आर्या कहती हैं, ’जब अखबार लिखने का मौका मिला, तो वो विषय चुने, जो आम लोगों की जिंदगी से जुड़े हों, जैसे- बजट और टैक्स का पैसा। न्यूजपेपर बनाने के दौरान बहुत कुछ नया सीखा। ये एक अच्छा एक्सपीरिएंस था।’

कैटेगरी-C में नेशनल विनर बनीं जयपुर की सान्वी पारीक ने ये अखबार बनाया है।

कैटेगरी-C में नेशनल विनर बनीं जयपुर की सान्वी पारीक ने ये अखबार बनाया है।

मध्य प्रदेश के सागर की स्तुति जैन इसी कैटेगरी में तीसरे नंबर पर आईं। 10वीं में पढ़ने वाली स्तुति कहती हैं, ’दिल्ली आकर अच्छा लगा। इस कॉम्पिटिशन से बच्चों की क्रिएटिविटी बढ़ती है और समाज के कई विषयों के बारे में जानकारी मिलती है। खुशी है कि इस बार मेरी रैंक बेहतर हुई।’

झारखंड के बोकारो की अन्वेषा सिंह को कॉन्सोलेशन अवॉर्ड मिला। 9वीं क्लास की अन्वेषा कहती हैं, ’जूनियर एडिटर की टीम को इस मौके के लिए शुक्रिया। इससे मेरा कॉन्फिडेंस बढ़ा है। भविष्य में भी ऐसे कॉम्पिटिशंस में हिस्सा लेना चाहूंगी।’

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अनुभव और भविष्य के सपने: ’कैटेगरी-D के विजेताओं का संकल्प’ सबसे सीनियर कैटेगरी-D में राजस्थान के जयपुर की पायल कुमावत पहले नंबर पर रहीं। 11वीं में पढ़ने वाली पायल कहती हैं, ’न्यूजपेपर तैयार करके बहुत अच्छा लगा। इससे क्रिएटिविटी और स्किल्स बेहतर होंगी। मैं भविष्य में भी ऐसा काम करना चाहूंगी।’

कैटेगरी-D में दूसरे नंबर पर रहीं साक्षी श्याम चवान महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से हैं। वे 12वीं की स्टूडेंट हैं और पहले भी कई बार जूनियर एडिटर में हिस्सा ले चुकी हैं। साक्षी बताती हैं, ‘पहली बार मुझे कॉन्सोलेशन अवॉर्ड मिला था, फिर महाराष्ट्र में स्टेट विनर बनी और अब नेशनल लेवल पर दूसरा नंबर मिलने से बहुत खुश हूं। इससे समझ आया कि अखबार तैयार करना कितनी मेहनत का काम है।‘

सीनियर कैटेगरी-D में राजस्थान के जयपुर की पायल कुमावत ने ये अखबार तैयार किया है।

सीनियर कैटेगरी-D में राजस्थान के जयपुर की पायल कुमावत ने ये अखबार तैयार किया है।

हरियाणा के सोनीपत की अनिका इसी कैटेगरी में तीसरे नंबर पर रहीं। 11वीं में पढ़ रहीं अनिका को पेंटिंग और ड्राइंग करना पसंद है, इसलिए कॉम्पटीशन का हिस्सा बनीं। वे बताती हैं, ‘ये सफर कड़ी मेहनत और अमेजिन एक्सपीरियंस से भरा रहा है, इसके लिए मैं भास्कर टीम को थैंक्स कहूंगी।‘

इंदौर की तनिष्का वर्मा को कॉन्सोलेशन अवॉर्ड मिला। वे 11वीं में पढ़ रही हैं और भविष्य में पत्रकार बनना चाहती हैं। तनिष्का कहती हैं, ‘जूनियर एडिटर के साथ अच्छा अनुभव रहा। अखबार बनाने की पूरी प्रक्रिया, जैसे- डिजाइनिंग और प्लानिंग काफी शानदार थी। अभी डिजाइनिंग की पढ़ाई कर रही हूं, इसलिए लगता है कि आगे चलकर अखबार बनाने की फील्ड में ही करियर बनाऊंगी।‘

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