भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और वैश्विक स्तर पर बढ़ते इसके प्रभाव का असर अब देश के सुपर रिच क्लब के आंकड़ों में भी साफ दिखाई देने लगा है। प्रमुख रियल एस्टेट कंसल्टेंट नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अरबपतियों की संख्या में आने वाले वर्षों में भारी उछाल आने वाला है। अनुमान है कि साल 2031 तक भारत में अरबपतियों की कुल संख्या 51 प्रतिशत बढ़कर 313 तक पहुंच जाएगी।
वेल्थ क्रिएशन में भारत की लंबी छलांग
नाइट फ्रैंक ने अपनी प्रमुख रिपोर्ट द वेल्थ रिपोर्ट का 20वां संस्करण जारी किया। आंकड़ों के मुताबिक, भारत में अल्ट्रा-हाई नेट वर्थ इंडिविजुअल्स की आबादी 2031 तक 25,217 होने का अनुमान है। गौरतलब है कि अति अमीर व्यक्ति उन व्यक्तियों को माना जाता है जिनकी शुद्ध संपत्ति 30 मिलियन डॉलर, यानी लगभग ₹250 करोड़ या उससे अधिक होती है।
वर्तमान में, भारत में 19,877 ऐसे अति-धनी व्यक्ति और 207 अरबपति मौजूद हैं। रिपोर्ट बताती है कि दुनिया भर में भू-राजनीतिक अस्थिरता, बढ़ती ब्याज दरों और अनिश्चित आर्थिक प्रदर्शन के बावजूद वैश्विक संपत्ति निर्माण में तेजी देखी गई है।
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इन क्षेत्रों ने लिखी सफलता की गाथा
भारत में धन सृजन की इस असाधारण गति के पीछे मुख्य रूप से टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्रियल्स और कैपिटल मार्केट्स का बड़ा हाथ है। नाइट फ्रैंक का कहना है कि भारत की अति अमीर आबादी आज के 19,877 से बढ़कर 2031 में 25,217 हो जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई अकेले देश की 35.4 प्रतिशत अति-धनी आबादी का घर है। यह शहर निवेश और व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है, जिससे यहां संपत्ति का संकेंद्रण सबसे अधिक है।
वैश्विक रैंकिंग में भारत का दबदबा
भारत अब दुनिया की छठी सबसे बड़ी अति अमीर आबादी वाला देश बन चुका है। अगर अरबपतियों की बात करें, तो पिछले पांच वर्षों में भारत में इनकी संख्या में 58 प्रतिशत की शानदार वृद्धि हुई है। इस श्रेणी में भारत अब विश्व स्तर पर अमेरिका, 914 अरबपति और चीन 485 अरबपति के बाद तीसरे स्थान पर काबिज है।
परिपक्व होती भारतीय अर्थव्यवस्था
नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा कि भारत के ‘वेल्थ क्लब’ का विस्तार इसकी आर्थिक विकास यात्रा का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि भारत अब एक अधिक उद्यमशील अर्थव्यवस्था में बदल रहा है, जहां गहरी पूंजी, परिष्कृत वित्तीय बाजार और विश्व स्तर पर जुड़े हुए संस्थापकों और निवेशकों का एक बड़ा समूह तैयार हो रहा है।



