देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही के लिए अपने समेकित वित्तीय नतीजे मंगलवार को घोषित कर दिए हैं। कंपनी के परिचालन राजस्व में जोरदार वृद्धि दर्ज की गई है, लेकिन इसके बावजूद ‘मार्क-टू-मार्केट’ प्रभाव के चलते इसके समेकित शुद्ध मुनाफे में 6.45 प्रतिशत की गिरावट आई है।
मुनाफे और राजस्व का गणित
शेयर बाजार को दी गई एक नियामक फाइलिंग में मारुति सुजुकी इंडिया ने अपने वित्तीय प्रदर्शन का विस्तृत ब्योरा साझा किया है। मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:
- शुद्ध मुनाफे में कमी: वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध मुनाफा 6.45 प्रतिशत घटकर 3,659 करोड़ रुपये रह गया है। गौरतलब है कि पिछले वित्त वर्ष (2024-25) की समान तिमाही में ऑटो प्रमुख ने 3,911.1 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया था।
- राजस्व में शानदार वृद्धि: मुनाफे में गिरावट के विपरीत, कंपनी की बिक्री और परिचालन आय में बड़ी तेजी देखी गई है। समीक्षाधीन चौथी तिमाही में परिचालन से कुल राजस्व 28.2 प्रतिशत बढ़कर 52,462.5 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। एक साल पहले की इसी अवधि में यह आंकड़ा 40,920.1 करोड़ रुपये था।
- खर्चों में इजाफा: राजस्व बढ़ने के साथ-साथ कंपनी के व्यय में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। इस तिमाही में कंपनी का कुल खर्च बढ़कर 48,125.3 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह खर्च 37,585.5 करोड़ रुपये के स्तर पर था।
भविष्य के लिए क्या तैयारी?
मारुति सुजुकी के चौथी तिमाही के आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि बाजार में कंपनी के वाहनों की मांग और मुख्य परिचालन मजबूत बना हुआ है, जिससे राजस्व में 28 प्रतिशत से अधिक का उछाल आया है। हालांकि, बढ़े हुए कुल खर्च और ‘मार्क-टू-मार्केट’ प्रभाव ने प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाला है, जिसके परिणामस्वरूप शुद्ध मुनाफे में कमी दर्ज की गई है। आने वाले समय में कंपनी के लागत प्रबंधन और बाजार की आर्थिक स्थितियों पर निवेशकों की करीबी नजर रहेगी।