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Best Places To Visit in Chitrakoot: अगर आप भी इस भीषण गर्मी में धर्म नगरी चित्रकूट आने का मन बना रहे हैं, तो चिलचिलाती धूप की चिंता छोड़ दीजिए. चित्रकूट सिर्फ मंदिरों का शहर नहीं है, बल्कि यहां प्रकृति ने ठंडे झरनों, घने जंगलों और शीतल नदियों का एक ऐसा खजाना छुपा रखा है, जो जेठ की गर्मी में भी आपको शिमला जैसा अहसास कराएगा. आरोग्य धाम की मंदाकिनी से लेकर जंगलों के बीच छिपे परानू बाबा जलप्रपात तक, हम आपको बताएंगे चित्रकूट की वो 5 ‘कूल’ जगहें जहां आप नाव की सैर, वाटरफॉल में स्नान और पिकनिक का भरपूर आनंद ले सकते हैं.
अगर आप इस चिलचिलाती गर्मी में धर्म नगरी चित्रकूट घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो यहां के कुछ खास स्थानों पर जाना बिल्कुल न भूलें. ये चित्रकूट के वे सबसे बेहतरीन और टॉप स्थान हैं, जहां पहुंचने के बाद आप मां मंदाकिनी के शीतल जल में स्नान कर पाएंगे और पानी के पास मिलने वाली प्राकृतिक ठंडक का आनंद ले पाएंगे. यहां का शांत माहौल और बहता हुआ जल आपकी सारी थकान मिटा देगा और आपको एक ताजगी भरा अनुभव देगा, जो इस तपती गर्मी के मौसम में किसी वरदान से कम नहीं है.

आपको बता दें कि चित्रकूट आने के बाद आप जिले के अलग-अलग हिस्सों में बने इन शानदार पर्यटन स्थलों पर जा सकते हैं. यहां आपको न केवल नाव में घूमने का मौका मिलेगा, बल्कि ऊंचाई से गिरते वॉटरफॉल और प्राकृतिक झरनों में नहाने का असली आनंद भी मिलेगा. ये जगहें ऐसी हैं जहां आप घंटों पानी के बीच समय बिता पाएंगे, जिससे आपका सफर हमेशा के लिए यादगार बन जाएगा. इन झरनों के पास का तापमान शहर के मुकाबले काफी कम रहता है, जो आपको बहुत सुकून देगा.

पहला टूरिस्ट स्पॉट है चित्रकूट का आरोग्य धाम जो गर्मी के समय पर्यटकों का पसंदीदा केंद्र रहता है. यहां मां मंदाकिनी नदी का जल बहता है, जिसमें आप मस्ती के साथ स्नान कर सकते हैं. गर्मी के समय यहां आपको किसी खूबसूरत पिकनिक स्पॉट जैसा नजारा मिलेगा. यहां पहुंचने के लिए आप रेलवे स्टेशन से सीधा रिक्शा बुक कर पाएंगे या फिर पहले रामघाट पहुंचकर वहां से अलग रिक्शा लेकर भी आरोग्य धाम जा सकते हैं. बस आप जब यहां आएं तो पानी में सेफ्टी का ध्यान जरूर रखें.
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चित्रकूट के मऊ स्थित परानु बाबा मंदिर में आप गर्मी के मौसम में भी पहाड़ों जैसी ठंडी का आनंद ले पाएंगे. यहां के घने जंगलों के बीच से एक प्राकृतिक झरना निकलता है, जहां आपको बहुत ही ठंडा वातावरण मिलेगा. चित्रकूट शहर से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित इस जलप्रपात तक पहुंचने के लिए आपको बस से मऊ जाना होगा और फिर वहां से रिक्शा लेना होगा. कुछ ही देर के सफ़र के बाद आप एक खूबसूरत से पिकनिक स्पॉट में पहुंच जाएंगे.

चित्रकूट-प्रयागराज मुख्य मार्ग के बीच लालापुर में स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम के पास तमसा नदी बहती है. यहां दर्शन-पूजन के साथ-साथ आप नदी के ठंडे पानी में नहाकर गर्मी से राहत पा पाएंगे. यह स्थान शांति और अध्यात्म के साथ-साथ आपको ठंडक का भी बेहतरीन अनुभव कराएगा. जब आप यहां आएं तो पानी में उतरने से पहले अपनी सेफ्टी का ध्यान जरूर रखें.

राजापुर (तुलसीदास जी की जन्मस्थली), राजापुर वही स्थान है जहां गोस्वामी तुलसीदास जी का जन्म हुआ था. यहां से गुजरने वाली नदी के किनारे आप गर्मी में ठंडक का अहसास कर पाएंगे. यहां आपको दर्शन के साथ-साथ नदी में स्नान के लिए दूर-दूर से आए श्रद्धालु मिलेंगे. चित्रकूट से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित इस स्थान पर जाने के लिए आपको अपना निजी साधन या टैक्सी बुक करनी होगी.

चित्रकूट का दिल कहे जाने वाले रामघाट पर हर रोज हजारों लोग मां मंदाकिनी में स्नान करते हैं. गर्मी में सुबह और दोपहर के वक्त यहां आपको पर्यटकों की काफी भीड़ मिलेगी. आप यहां पवित्र स्नान के साथ-साथ नाव की सैर का भी खूब आनंद ले पाएंगे. रेलवे स्टेशन से यहां आने के लिए मात्र 20 रुपये के शुल्क पर आसानी से रिक्शा मिल जाएंगे.

चित्रकूट के बीच जंगल में स्थित टाटी घाट जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर मंदाकिनी नदी के किनारे बसा है. इसे संतों की तपस्थली के रूप में जाना जाता है. गर्मी के समय यहां आपको बड़ी संख्या में लोग मिलेंगे जो प्राकृतिक झरने में स्नान करने के साथ-साथ जंगल की हरियाली में समय बिताते हैं. यहां पहुंचने के लिए आप रामघाट से मात्र 7 किलोमीटर की दूरी के लिए रिक्शा बुक कर सकते हैं.



