Homeव्यवसायGold Portfolio: क्या अब भी पोर्टफोलियो में रखना चाहिए सोना?, जानें विशेषज्ञों...

Gold Portfolio: क्या अब भी पोर्टफोलियो में रखना चाहिए सोना?, जानें विशेषज्ञों की राय


कानपुर के किदवई नगर में रहते हैं मनोहर पाल। इन दिनों थोड़े परेशान हैं। इस साल की शुरुआत यानी जनवरी में जब सोने की कीमतें आसमान छू रही थीं और हर तरफ सोने का शोर था, तो उन्होंने अपनी जमा-पूंजी का एक बड़ा हिस्सा सोने में निवेश किया था।

मनोहर को लगा था कि यह सुरक्षित दांव है। लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में बाजार की हवा ऐसी पलटी कि जो सोना एमसीएक्स पर 1,80,779 रुपये दस ग्राम और कॉमेक्स पर 5,595 डॉलर प्रति औंस (29 जनवरी, 2026) के शिखर पर था, वह अब 17.98% गिरकर एमसीएक्स पर 1,49,502 रुपये और कॉमेक्स पर 4,589 डॉलर प्रति औंस (28 अप्रैल, 2026) पर आ गया।

अब मनोहर जी को समझ नहीं आ रहा कि वे क्या करें? भाव और गिरेंगे या यह रिकवरी का मौका है?

अगर आप भी मनोहर की तरह टॉप पर निवेश करके अब गिरावट से डरे हुए हैं, तो देश के चार बड़े विशेषज्ञों की राय जानिए, जो आपकी सही फैसला लेने में मदद करेगी।

सोने का क्या भविष्य?

विशेषज्ञों का मानना है कि सोने का लॉन्ग-टर्म बुल रन अभी खत्म नहीं हुआ है। इसके पीछे कई मजबूत कारण हैं:

डी-डॉलराइजेशन: वैश्विक स्तर पर डॉलर पर निर्भरता कम करने की प्रवृत्ति।

केंद्रीय बैंकों की खरीद: दुनियाभर के केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं।

भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिका-ईरान और अन्य वैश्विक संघर्षों के चलते अनिश्चितता बरकरार है।

कच्चे तेल की कीमतें: तेल के बढ़ते दाम महंगाई बढ़ा रहे हैं, जिससे बचने के लिए सोना एक ढाल है।

निवेश की रणनीति

बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए एकमुश्त पैसा फंसाने के बजाय Gold ETF या Digital Gold में हर महीने SIP के जरिये निवेश करें।

अपने कुल निवेश का 10 से 15 फीसदी हिस्सा ही सोने में रखें। यह आपके इक्विटी पोर्टफोलियो की गिरावट को संतुलित करेगा।

nसोने को आज खरीदो और कल बेचो वाला सौदा न समझें। इसे 5 से 10 साल के नजरिये से देखें, तभी आप डबल डिजिट CAGR का असली फायदा उठा पाएंगे।


मजबूत रणनीतिक हथियार है सोना

मनोहर जैसे निवेशकों को घबराना नहीं चाहिए। हालिया गिरावट को शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट बुकिंग के रूप में देखें। रुपये की कमजोरी घरेलू बाजार में कीमतों को सपोर्ट देती रहेगी। वैश्विक तनाव सामान्य होने के बाद भी आर्थिक सुस्ती और जोखिम की भावना सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में मजबूती दे सकती है। 2027 के अंत तक कीमतें 1,95,000 रुपये के स्तर को पार कर सकती हैं। -अंकित कपूर, को-फाउंडर और हेड रिसर्च, कमोडिटी समाचार सिक्योरिटीज

बुल रन में है सोना

सोने ने लगभग 15% CAGR का रिटर्न दिया है। कीमतों में गिरावट लंबी अवधि के बुल मार्केट का महज एक करेक्शन है और इसके लंबी अवधि के सकारात्मक बुनियादी फंडामेंटल्स बरकरार हैं। 2,40,000 रुपये का लक्ष्य अभी भी बरकरार है। – मनोज जैन डायरेक्टर, पृथ्वी फिनमार्ट

गिरावट है एक अवसर

वर्तमान में सोना कंसोलिडेशन जोन में है। मीडियम टर्म में इसके 4380–4900 डॉलर के दायरे में रहने की संभावना है। इस रेंज के ऊपर या नीचे ब्रेक होने पर बाजार में दिशात्मक मूव देखने को मिल सकता है। गिरावट को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। -रविंद्र राव, संस्थापक, अर्थवृक्ष फाइनेंशियल

निवेश का बेहतर मौका

पिछले 3 वर्षों में, सोने ने लगातार दोहरे अंकों में रिटर्न दिया है। इस तरह के सुधार किसी भी लंबी अवधि के बुल मार्केट का हिस्सा होते हैं। लंबी अवधि का दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है। मौजूदा स्तरों पर सोना आकर्षक निवेश विकल्प है। -अजय केडिया, डायरेक्टर, केडिया एडवाइजरी



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments