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सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या में इस्तेमाल ऑस्ट्रिया निर्मित ग्लोक 43X पिस्तौल बेहद चर्चा में आ गई है. यह 9mm की कॉम्पैक्ट और हाई-टेक पिस्तौल मानी जाती है, जिसे दुनिया के कई देशों में सुरक्षा एजेंसियां इस्तेमाल करती हैं. भारत में इसकी आम बिक्री नहीं होती, लेकिन ड्रोन तस्करी और अंतरराज्यीय नेटवर्क के जरिए यह अपराधियों तक पहुंच रही है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 40 हजार रुपये के आसपास होती है, जबकि भारत के अवैध बाजार में यह कई लाख रुपये में बिकती है.
क्या है ग्लोक 43X: ग्लोक 43X ऑस्ट्रिया में बनने वाली एक आधुनिक 9एमएम पिस्तौल है. इसका आकार छोटा और वजन हल्का होता है, इसलिए इसे आसानी से छुपाकर रखा जा सकता है. इसी वजह से यह अपराधियों और सुरक्षा एजेंसियों दोनों के बीच यह पिस्टल पहली पसंद बनी हुई है.

किस कंपनी ने बनाई: इस पिस्तौल को ऑस्ट्रिया की कंपनी ग्लोक बनाती है. कंपनी का मुख्य प्लांट ड्यूश वाग्राम शहर में है. अमेरिका में भी इसकी फैक्ट्री मौजूद है.

क्या हैं इसकी खास खूबियां: इसमें 10 राउंड की मैगजीन लगती है. इसका वजन करीब 465 ग्राम होता है. पिस्तौल में ‘सेफ एक्शन सिस्टम’ दिया गया है, जिसमें अलग से थंब सेफ्टी नहीं होती.
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कौन-कौन से मॉडल आते हैं: G43X का एक सामान्य मॉडल आता है, जबकि दूसरा MOS वर्जन है. MOS मॉडल में रेड डॉट साइट लगाने की सुविधा मिलती है, इसलिए यह ज्यादा महंगा माना जाता है.

विदेशों में कितनी है कीमत: अमेरिका और यूरोप जैसे देशों में इसकी कीमत करीब 450 से 500 डॉलर तक होती है. भारतीय रुपये में यह लगभग 40 हजार रुपये बैठती है.

भारत में क्यों महंगी है: भारत में विदेशी हथियारों की आम बिक्री नहीं होती. इसी कारण अवैध बाजार में ग्लोक 43X की कीमत 2.5 लाख से 8 लाख रुपये तक पहुंच जाती है.

किन देशों में कानूनी तौर पर बिकती है: अमेरिका, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, चेक गणराज्य और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों में यह कानूनी तौर पर बिकती है. वहां आम नागरिक लाइसेंस के जरिए हथियार खरीद सकते हैं.

इसे खतरनाक क्यों माना जाता है: इसका छोटा आकार और तेज फायरिंग क्षमता इसे बेहद खतरनाक बनाती है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसकी मैगजीन क्षमता को बढ़ाकर 15 से 20 राउंड तक किया जा सकता है.

एजेंसियों ने क्या खुलासे किए: पंजाब पुलिस, हरियाणा एसटीएफ और गुरुग्राम पुलिस कई बार ऑस्ट्रिया निर्मित ग्लॉक पिस्तौल बरामद कर चुकी हैं. जांच में ड्रोन तस्करी और अंतरराज्यीय गैंग नेटवर्क का खुलासा हुआ है.



