विदेशी निवेशकों की बिकवाली के दबाव के बीच घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुआ। पूरे कारोबारी सत्र में उतार-चढ़ाव के बाद प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक लाल निशान पर बंद हुए। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 114.00 (0.14%) अंकों की गिरावट के साथ 77,844.52 के स्तर पर बंद हुआ। 50 शेयरों वाला निफ्टी 4.30 (0.02%) अंक टूटकर 24,326.65 पर लगभग सपाट बंद हुआ।
लगातार हो रही विदेशी फंड्स की निकासी और बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों ने बेहद सतर्क रुख अपनाया, जिसका असर प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों पर पड़ा।
आंकड़ों की नजर में बाजार की चाल
दिनभर के अस्थिर कारोबार के बाद, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 114 अंक या 0.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,844.52 के स्तर पर बंद हुआ। ट्रेडिंग सत्र के दौरान सेंसेक्स ने 78,384.70 का उच्च और 77,713.21 का निचला स्तर छुआ, जो करीब 671 अंकों के भारी उतार-चढ़ाव को दर्शाता है। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी भी 4.30 अंक या 0.02 प्रतिशत के मामूली नुकसान के साथ 24,326.65 पर बंद हुआ।
सेक्टर और प्रमुख स्टॉक्स का हाल
बाजार की इस उठापटक में कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों पर असर दिखा:
- नुकसान वाले शेयर: हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा, टाइटन, सन फार्मा और आईटीसी जैसे बड़े शेयर प्रमुख रूप से नुकसान में रहे।
- मुनाफे वाले शेयर: दूसरी ओर, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एनटीपीसी, कोटक महिंद्रा बैंक और टाटा स्टील के शेयरों में खरीदारी दिखी और ये बढ़त के साथ बंद हुए।
बाजार पर दबाव के मुख्य कारण
बाजार में इस सुस्ती और दबाव की सबसे बड़ी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की आक्रामक बिकवाली रही है। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने सिर्फ बुधवार को ही 5,834.90 करोड़ रुपये मूल्य के इक्विटी शेयर बेचे।
लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग के अनुसार, “एफआईआई (FII) की निकासी और कमजोर वैश्विक संकेतों ने बाजार पर नकारात्मक असर डाला है। इसके साथ ही भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने भी निवेशकों के जोखिम लेने की क्षमता और उनके आत्मविश्वास को सीमित कर दिया है”।
वैश्विक बाजार और कच्चे तेल का असर
वैश्विक मोर्चे पर, कच्चे तेल के बेंचमार्क में 2.23 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 99 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। अगर एशियाई बाजारों की बात करें तो दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225, शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए, जबकि यूरोपीय बाजार गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिका के बाजार बुधवार को भारी उछाल के साथ बंद हुए थे।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. के मुताबिक, “भारतीय बाजार मुख्य रूप से सपाट रहे क्योंकि निवेशक अमेरिकी शांति प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। निफ्टी एक दायरे में रहा और बाजार आगे बढ़ने से पहले पुख्ता संकेतों का इंतजार कर रहा है”।
आगे का आउटलुक
बुधवार को शेयर बाजार में आई शानदार तेजी (सेंसेक्स 940 अंक और निफ्टी 298 अंक चढ़ा था) के बाद गुरुवार को बाजार ने ठहराव का रुख अपनाया। फिलहाल, विदेशी निवेशकों की निकासी और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव बाजार की दिशा तय करने वाले सबसे बड़े कारक बने हुए हैं। आने वाले दिनों में बाजार की चाल काफी हद तक वैश्विक घटनाक्रमों से मिलने वाले संकेतों पर निर्भर करेगी।



