पंजाब विजिलेंस हेडक्वार्टर पर सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की टीम ने रेड की। सोमवार देर रात छापा मारने के बाद टीम मंगलवार सुबह दोबारा पंजाब विजिलेंस चीफ के दफ्तर पहुंची है। बताया जा रहा है कि टीम कथित रिश्वत केस में जांच कर रही है। सूत्रों से पता चला है कि विजिलेंस ऑफिस के फर्स्ट फ्लोर में CBI विजिलेंस चीफ के गिरफ्तार रीडर ओपी राणा के ऑफिस में बैठकर डॉक्यूमेंट चेक कर रही है। पहली मंजिल पर CBI के करीब 15 मेंबर मौजूद हैं। पंजाब विजिलेंस प्रमुख शरद सत्य चौहान का ऑफिस भी पहली मंजिल पर रीडर के ऑफिस के पास है। वह अपने ऑफिस में बैठे हुए हैं। उन्हें अभी तक सीधी पूछताछ के लिए नहीं बुलाया है। जल्द ही CBI की टीम उन्हें भी पूछताछ के लिए बुला सकती है। सोमवार देर रात CBI की टीम ने मोहाली स्थित विजिलेंस ऑफिस में दबिश देकर विजिलेंस के सीनियर ऑफिसर के रीडर को हिरासत में लिया। इसके अलावा टीम ने मलोट स्थित कृष्णा कॉलोनी में रहने वाले राघव गोयल और विकास गोयल पर भी टीम ने रेड की। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। यह मामला 20 लाख रुपए की रिश्वत मांगने से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि, सीबीआई की तरफ से इस बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की गई। सौदा करते आरोपियों को दबोचा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CBI ने चंंडीगढ़ के पांच सितारा होटल में छापा मारा, जहां एक सीनियर विजिलेंस अधिकारी का रीडर ओपी राणा और बिचौलिया राघव गोयल और विकास गोयल कथित तौर पर एक शिकायतकर्ता के साथ सौदा कर रहे थे। यह सौदा 20 लाख रुपये का था, लेकिन व्यक्ति 13 लाख रुपये लेकर आया, जिसे टीम ने बरामद कर लिया। CBI के एक अधिकारी ने बताया है कि राघव गोयल को गिरफ्तार किया गया है। वह मुक्तसर के मलोट का निवासी है और विजिलेंस अधिकारी का करीबी है। उसे पंजाब सरकार की ओर से पुलिस सुरक्षा दी गई थी। सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) के तहत रीडर ओपी राणा और राघव गोयल के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। भ्रष्टाचार नेटवर्क की जांच कर रही सीबीआई सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के अंदर हड़कंप मच गया है। एजेंसी अब यह जांच कर रही है कि इस कथित भ्रष्टाचार नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे? कई अधिकारियों और अन्य लोगों से पूछताछ की संभावना जताई जा रही है। जिस विभाग पर भ्रष्टाचार रोकने की जिम्मेदारी है, उसी के दफ्तर में सीबीआई की रेड ने सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, जांच अब सिर्फ एक रीडर तक सीमित नहीं रहने वाली। एजेंसी उन अफसरों और बिचौलियों की भी भूमिका खंगाल रही है, जिनके जरिए कथित तौर पर डील सेट की जाती थी। सीबीआई अब पूरे नेटवर्क की लेयर दर लेयर जांच कर रही है। हो सकते हैं बड़े खुलासे विजिलेंस विभाग के अंदर हुई इस कार्रवाई को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार ब्यूरो के भीतर इस स्तर पर सीबीआई की एंट्री हुई है। सूत्रों का दावा है कि आने वाले दिनों में कुछ और अफसरों या बिचौलियों के नाम भी सामने आ सकते हैं। गिरफ्तार बिचौलिए व ओपी राणा से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की परतें खोली जा रही हैं। सीबीआई को थी इस डील की जानकारी सीबीआई को कुछ दिनों से इस डील की जानकारी मिल रही थी, जिसके बाद एजेंसी ने जाल बिछाकर कार्रवाई को अंजाम दिया। सूचना मिलते ही सीबीआई टीम ने विजिलेंस ऑफिस में ट्रैप लगाया, लेकिन राणा मौके से फरार हो गया, जबकि कथित बिचौलिया राघव गोयल और उसका पिता सीबीआई के हत्थे चढ़ गया। कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने बिचौलिए राघव से कथित तौर पर 13 लाख रुपए की नकदी भी बरामद की है। रेड पर विपक्षी नेता क्या बोल रहे… मामले में पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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पंजाब विजिलेंस हेडक्वार्टर पर CBI की रेड: सीनियर ऑफिसर का रीडर-बिचौलिया हिरासत में; चंडीगढ़ के फाइव स्टार होटल में ₹20 लाख की डील पकड़ी – Chandigarh News
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