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Truth Behind Watermelon Death: गर्मियों में तरबूज खाना सभी को पसंद है, लेकिन हाल ही में महाराष्ट्र, यूपी, एमपी और छत्तीसगढ़ से आई ‘तरबूज से मौत’ की डरावनी खबरों ने देशभर में सनसनी फैला दी है. सोशल मीडिया पर लगातार दावा किया जा रहा है कि बाजारों में ‘जहरीले केमिकल’ वाले तरबूज बिक रहे हैं, जिन्हें खाने से लोगों की जान जा रही है. इस दहशत के कारण तरबूज के दाम भी धड़ाम से गिर गए हैं. लेकिन क्या सचमुच तरबूज जानलेवा हैं? जब हमने महाराष्ट्र और यूपी में हुई मौतों की गहराई से पड़ताल की, तो फोरेंसिक रिपोर्ट और पुलिस जांच में जो सच सामने आया, वह अफवाहों से बिल्कुल अलग और चौंकाने वाला है. आइए जानते हैं इन मौतों की असली वजह.
तरबूज खाने से मौत के पीछे की क्या है कहानी?
Poisonous Watermelon Reality: गर्मियों के मौसम में बाजारों में लाल और रसीले तरबूजों की भरमार होती है. लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर एक खौफनाक मैसेज वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि केमिकल युक्त ‘जहरीले तरबूज’ खाने से अलग-अलग राज्यों में लोगों की मौत हो रही है. इस अफवाह ने लोगों के मन में ऐसा खौफ पैदा किया कि मंडियों में तरबूज के खरीदार ही गायब हो गए. लेकिन इस मामले की जब गहराई से तहकीकात की गई, तो असलियत पूरी तरह से चौंकाने वाली निकली. आइए जानते हैं कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश (यूपी), मध्य प्रदेश (एमपी) और अन्य राज्यों में हुई इन घटनाओं का असली सच क्या है और अफवाहों के पीछे की कहानी क्या है.
पिछले दिनों मुंबई के पायधुनी (जे.जे. मार्ग) इलाके में एक ही परिवार के 4 सदस्यों (अब्दुल्ला डोकडिया, उनकी पत्नी नसरीन और दो बेटियों) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. शुरुआत में यह खबर आग की तरह फैली कि उन्होंने रात में चिकन बिरयानी के बाद तरबूज खाया था, जिसके बाद फूड पॉइजनिंग से उनकी मौत हो गई. लेकिन, खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की हालिया रिपोर्ट ने इस ‘तरबूज थ्योरी’ को गलत साबित किया है. रिपोर्ट में साफ हुआ है कि घर से जब्त किए गए तरबूज में कोई मिलावट या जहर नहीं था. फोरेंसिक जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि मृतकों के विसरा में ‘जिंक फॉस्फाइड’ (चूहे मारने वाला जहर) पाया गया है. यानी, इन मौतों का कारण तरबूज बिल्कुल नहीं था, बल्कि यह हत्या या आत्महत्या का एक पेचीदा मामला है, जिसकी जांच अब मुंबई पुलिस कर रही है.
मध्य प्रदेश के श्योपुर में तरबूज खाने से 43 वर्षीय व्यक्ति इंद्र कुमार परिहार की मौत और उनके 21 वर्षीय बेटे विनोद की हालत गंभीर होने से हड़कंप मच गया है. मूल रूप से शाजापुर के रहने वाले पेशे से ड्राइवर इंद्र कुमार और उनके बेटे ने शुक्रवार सुबह तरबूज खाया था, जिसके कुछ ही देर बाद दोनों की तबीयत बिगड़ गई. जिला अस्पताल से गंभीर हालत में कोटा रेफर किए जाने के दौरान रास्ते में ही पिता ने दम तोड़ दिया, जबकि बेटे का इलाज अभी जारी है. इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत है और वे बाजार में बिक रहे तरबूजों में जहरीले केमिकल की मिलावट की आशंका जता रहे हैं, जिसके मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है, हालांकि मौत की असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह साफ हो सकेगी.
यूपी के बिजनौर जिले के शेर नगर नरैनी गांव से भी ऐसी ही एक खौफनाक अफवाह उड़ी. सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि 21 वर्षीय युवती मुस्कान की तरबूज खाने के बाद अचानक मौत हो गई. इस खबर ने रातों-रात पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया. जब स्थानीय प्रशासन और एसडीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की, तो यह खबर पूरी तरह से फर्जी (Fake News) साबित हुई. मृतका के पिता जिया उल हसन ने खुद मीडिया के सामने आकर स्पष्ट किया कि उनकी बेटी की मौत किसी तरबूज से नहीं, बल्कि एक बीमारी के चलते ‘हार्ट अटैक’ से हुई है. उन्होंने अफवाह फैलाने वाले लोगों के खिलाफ प्रशासन से कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है.
महाराष्ट्र और यूपी की खबरें जहां फर्जी निकलीं, वहीं छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक दुखद मामला जरूर सामने आया है. यहां तरबूज खाने के बाद 15 वर्षीय लड़के अखिलेश की मौत हो गई और परिवार के 3 अन्य बच्चे बीमार पड़ गए. फिलहाल, इस मामले में स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों की टीम यह जांच कर रही है कि मौत असल में खराब तरबूज खाने से हुई, या इसके पीछे कोई गंभीर बैक्टीरियल इन्फेक्शन (जैसे E. coli) या कोई अन्य चिकित्सीय कारण था.
डॉक्टर्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि तरबूज अपने आप में कभी जहरीला नहीं होता. सोशल मीडिया पर फैल रही ‘जहरीले तरबूज से मौतों’ की अधिकतर खबरें कोरी अफवाह हैं. हां, साफ-सफाई का ध्यान न रखने, पहले से कटे हुए तरबूज को लंबे समय तक खुले में छोड़कर खाने, या दूषित पानी के संपर्क में आने से गंभीर फूड पॉइजनिंग जरूर हो सकती है. इसलिए डरने की कोई जरूरत नहीं है, बस थोड़ी सावधानी बरतें. हमेशा ताजा और साबुत तरबूज खरीदें, काटने से पहले उसे अच्छी तरह धोएं और तुरंत खाएं. अफवाहों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें!
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Deep Raj Deepak working with News18 Hindi (hindi.news18.com/) Central Desk since 2022. He has strong command over national and international political news, current affairs and science and research-based news. …और पढ़ें
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