Homeट्रैवलमन्नतों की दरगाह से बीरबल के घर तक...छुट्टियों में जरूर घूमें फतेहपुर...

मन्नतों की दरगाह से बीरबल के घर तक…छुट्टियों में जरूर घूमें फतेहपुर सीकरी की ये जगहें


Last Updated:

Must Visit Historical Places Near Agra: अगर आप आगरा घूमने का प्लान बना रहे हैं और सिर्फ ताजमहल व आगरा किला देखकर लौट आते हैं, तो यकीन मानिए आप एक ऐसी ऐतिहासिक जगह मिस कर रहे हैं जहां हर इमारत अपने अंदर सैकड़ों साल पुरानी कहानी समेटे हुए है. आगरा से कुछ ही दूरी पर मौजूद फतेहपुर सीकरी सिर्फ दुनिया के सबसे ऊंचे दरवाजे के लिए ही नहीं, बल्कि ऐसे कई शानदार महलों, दरगाहों और गुप्त सभाओं वाली इमारतों के लिए भी मशहूर है, जिनके बारे में आज भी बहुत कम लोग जानते हैं. यहां की वास्तुकला, इतिहास और शाही कहानियां आपकी ट्रिप को बेहद खास बना सकती हैं.

आगरा से करीब 40 किलोमीटर दूर फतेहपुर सीकरी स्थित है, जो घूमने के लिहाज से एक बहुत ही शानदार ऐतिहासिक जगह है. यहां का सबसे बड़ा आकर्षण ‘बुलंद दरवाजा’ है, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा प्रवेश द्वार माना जाता है. करीब 54 मीटर ऊंचे इस विशाल और भव्य दरवाजे को मुगल बादशाह अकबर ने गुजरात पर मिली अपनी जीत की खुशी में बनवाया था. फतेहपुर सीकरी में ऐसी कई खूबसूरत जगहें हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं, आज हम आपको उन्हीं के बारे में बताएंगे ताकि आपकी ट्रिप मजेदार बन जाए.

HYP 5851616 tombsalimchisti watermark 09062026 125959 3

आगरा से गाड़ी के जरिए फतेहपुर सीकरी पहुंचने में करीब 1 घंटे का समय लगता है. हाईवे होने की वजह से रास्ते में जाम की दिक्कत भी कम ही रहती है, बस इस दौरान आपको एक टोल प्लाजा से होकर गुजरना पड़ेगा. फतेहपुर सीकरी के अंदर लाल बलुआ पत्थरों के बीच सफेद संगमरमर से बनी एक बेहद खूबसूरत दरगाह है, जो सूफी संत शेख सलीम चिश्ती की है. मान्यता है कि यहां मन्नत का धागा बांधने से हर मुराद पूरी होती है, यही वजह है कि यहां दूर-दूर से लोग आते हैं.

HYP 5851616 img20260517wa0020 watermark 09062026 130143 4

फतेहपुर सीकरी में भारत की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक मौजूद है, जिसे मुगल बादशाह ने बेहद कीमती लाल बलुआ पत्थरों से इबादत के लिए बनवाया था. इस मस्जिद की बनावट में मुगल और फारसी वास्तुकला का एक बहुत ही शानदार मिश्रण देखने को मिलता है. सदियों पुरानी होने के बाद भी यह इमारत आज भी बेहद मजबूत है. यहां आज भी लोग आकर दुआ मांगते हैं और शांति का अहसास पाते हैं, मुस्लिम धर्म के लोगों के लिए यह एक बेहद पवित्र स्थान है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

HYP 5851616 img20260517wa0019 watermark 09062026 130319 5

फतेहपुर सीकरी के अंदर बना पंच महल भी पर्यटकों को खूब आकर्षित करता है. यह एक अनोखी पांच मंजिला इमारत है, जो देखने में बिल्कुल पिरामिड के आकार जैसी लगती है. इस पूरे महल में कुल 176 नक्काशीदार खंभे बने हुए हैं. इतिहासकार बताते हैं कि मुगलकाल में बादशाह गर्मियों के दिनों में अपनी रानियों के साथ यहां मनोरंजन के लिए आया करते थे. खुले बरामदे और जालीदार रोशनदान होने के कारण यहां हमेशा ठंडी-ठंडी हवा का अहसास होता रहता है.

HYP 5851616 img20260517wa0018 watermark 09062026 130500 6

आगरा के किले की तरह ही फतेहपुर सीकरी में भी ‘दीवान-ए-खास’ बनाया गया था. इतिहासकारों के मुताबिक, यह मुगल बादशाह अकबर का निजी बैठक कक्ष था, जिसके ठीक बीचों-बीच एक बेहद खूबसूरत नक्काशीदार खंभा बना हुआ है. इस जगह पर सिर्फ खास और भरोसेमंद लोगों को ही आने-जाने की इजाजत थी. यहां बादशाह अपने मुख्य मंत्रियों के साथ गुप्त बैठकें करते थे, जहां राज्य को चलाने, व्यापार बढ़ाने और नए कानून बनाने जैसे बड़े फैसले तय होते थे.

HYP 5851616 img20260517wa0021 watermark 09062026 130646 7

फतेहपुर सीकरी का ‘जोधा बाई महल’ यहां के राजमहल क्षेत्र की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण इमारतों में से एक है. यह महल हिंदू और इस्लामी वास्तुकला का एक अद्भुत उदाहरण है. इसे उस दौर में इतने बेहतरीन और खूबसूरत तरीके से बनाया गया था कि लोग आज भी इसकी कारीगरी की तारीफ करते नहीं थकते. यहां आने वाले पर्यटक इसकी बारीक नक्काशी और बनावट को देखकर हैरान रह जाते हैं.

HYP 5851616 screenshot 20260609 125440 gallery watermark 09062 8

फतेहपुर सीकरी परिसर में ही बादशाह अकबर के सबसे करीबी और चहेते मंत्री बीरबल का घर भी बना हुआ है. दो मंजिला यह घर अपने सुंदर छज्जों और गुंबदों के लिए जाना जाता है. प्रचार-प्रसार की कमी के कारण बहुत से पर्यटक फतेहपुर सीकरी घूमने के बाद भी बीरबल के घर तक नहीं पहुंच पाते हैं और इसे देखने से चूक जाते हैं. लेकिन जो लोग इतिहास में रुचि रखते हैं और इस जगह के बारे में जानते हैं, वे इस खूबसूरत इमारत का दीदार करने जरूर जाते हैं.

HYP 5851616 screenshot 20260609 131040 gallery watermark 09062 9

इतिहासकारों के मुताबिक, आगरा से पहले मुगलों की राजधानी फतेहपुर सीकरी ही हुआ करती थी. लेकिन बाद में वहां पानी की भारी किल्लत होने लगी, जिसके कारण मुगलों को अपनी राजधानी बदलकर आगरा आना पड़ा. आगरा के किले की तरह ही यहां भी दीवान-ए-खास और दीवान-ए-आम बने हुए हैं, जहां बैठकर बादशाह आम जनता की फरियाद सुना करते थे. इतिहास को करीब से जानने के लिए यह एक बेहतरीन जगह है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments