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ओडिशा में डिप्टी स्पीकर के नाम पर कथित ट्रांसफर रैकेट का बड़ा खुलासा हुआ है. आरोप है कि एक असिस्टेंट इंजीनियर ने डिप्टी स्पीकर भवानी शंकर भोई के फर्जी हस्ताक्षर और नकली लेटर पैड का इस्तेमाल कर तबादले कराने की कोशिश की है. पुलिस ने आरोपी इंजीनियर लक्ष्मण हेंब्रम को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य इंजीनियर की तलाश जारी है.
उड़ीसा के डिप्टी स्पीकर के नाम पर खेल करने वाले एक डिप्टी इंजीनियर को अरेस्ट किया गया है.
Crime News: ओडिशा में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने विधानसभा से लेकर सरकारी दफ्तरों तक हड़कंप मचा दिया है. आरोप है कि एक असिस्टेंट इंजीनियर डिप्टी स्पीकर के नाम और उनके फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल करके ट्रांसफर का धंधा चला रहा था. हैरानी की बात यह है कि यह कथित ‘धंधा’ काफी समय तक चलता रहा और किसी को भनक तक नहीं लगी. लेकिन, डिप्टी स्पीकर का निजी सचिव (पीए) उस पार्टी तक पहुंच गया, जिससे ट्रांसफर के नाम पर मोटी रकम वसूली गई थी. पीए ने जैसे ही डिप्टी स्पीकर के साइन वाला लेटर देखा तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई.
उसने तुरंत इस बाबत पहले डिप्टी स्पीकर को जानकारी दी और फिर भुवनेश्वर पुलिस के पास इसकी शिकायत दर्ज करा दी. इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू की. जांच में पुलिस को पता चला कि ओडिशा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर भवानी शंकर भोई के फर्जी हस्ताक्षर और नकली लेटर पैड का इस्तेमाल कर ट्रांसफर आदेश तैयार करवाए थे. जांच में पुलिस को असिस्टेंट इंजीनियर लक्ष्मण हेंब्रम की संलिप्तता मिली. इसके बाद आरोपी असिस्टेंट इंजीनियर लक्ष्मण हेंब्रम को अरेस्ट कर लिया गया.
कैसे हुआ पूरे मामले का खुलासा
पुलिस के अनुसार, 13 जून को डिप्टी स्पीकर के निजी सचिव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में बताया गया कि दो असिस्टेंट इंजीनियरों के तबादले के लिए डिप्टी स्पीकर के नाम से फर्जी लेटर जारी किए गए हैं. जांच शुरू हुई तो पुलिस को कई चौंकाने वाले सुराग मिले. जांच में पता चला कि फर्जी नोटपैड और नकली हस्ताक्षर का इस्तेमाल करके दो इंजीनियरों का तबादला क्योंझर से सुंदरगढ़ कराने की कोशिश की गई थी. इस पूरे मामले में लक्ष्मण हेंब्रम और एक अन्य असिस्टेंट इंजीनियर मोनालिसा बेहरा का नाम सामने आया है. मोनालिसा बेहरा फिलहाल फरार बताई जा रही हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है.
इन धाराओं के तहत हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के साथ आईटी एक्ट की धारा 66C के तहत भी केस दर्ज किया गया है. वहीं, इस मामले के सामने आने के बाद डिप्टी स्पीकर भवानी शंकर भोई ने कहा है कि उनका इस पूरे मामले से कोई संबंध नहीं है. उन्होंने कहा कि वह आरोपियों को जानते तक नहीं हैं और उनकी जानकारी के बिना उनके नाम का इस्तेमाल किया गया. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह फर्जी ट्रांसफर नेटवर्क कितना बड़ा था और क्या इसके पीछे कोई और लोग भी शामिल हैं.
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें



