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Jaipur News : जयपुर के शिवदासपुरा में भतीजे सूरज बैरवा ने कर्ज चुकाने के लालच में ताई बीना देवी की हत्या कर शव के पैर काटकर कुएं में फेंका, पुलिस ने सूरज और विनोद बैरवा को पकड़ा. पुलिस उपायुक्त दक्षिण राजर्षि राज ने बताया कि 18 जून 2026 को बराला गांव से गुजर रही ढूंढ नदी क्षेत्र के एक कुएं में महिला का शव मिलने की सूचना मिली थी. पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाया. जांच में मृतका की पहचान बल्लूपुरा निवासी 54 वर्षीय बीना देवी बैरवा के रूप में हुई. बीना देवी 11 जून से लापता थीं और उनके संबंध में पहले ही गुमशुदगी दर्ज कराई जा चुकी थी.
कर्ज में डूबे भतीजे ने ताई की हत्या कर पैर काटे, कुएं में फेंका शव
चाकसू (जयपुर ग्रामीण). जयपुर के शिवदासपुरा इलाके से सामने आई एक वारदात ने रिश्तों पर भरोसा करने वालों को झकझोर दिया है. जिस ताई ने अपने भतीजे को परिवार का हिस्सा मानकर उस पर भरोसा किया, उसी ने चांदी के कड़ों और कुछ जेवरों के लालच में उसकी जिंदगी छीन ली. हैरानी की बात यह भी रही कि हत्या के बाद आरोपी कई दिनों तक परिवार के लोगों के साथ बैठकर महिला को तलाशने का दिखावा करता रहा, ताकि किसी को उस पर जरा भी शक नहीं हो.
जयपुर दक्षिण पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए मृतका के सगे भतीजे और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी पर लाखों रुपये का कर्ज था और उसे मालूम था कि उसकी ताई के पास चांदी और सोने के जेवर हैं. इसी लालच में उसने पहले हत्या की और फिर शव को ठिकाने लगाने के लिए ऐसी साजिश रची कि पहचान तक मिट जाए. लेकिन पुलिस की लंबी पड़ताल और तकनीकी जांच के बाद आखिरकार पूरा राज खुल गया.
11 जून को घर से निकलीं, 18 जून को कुएं में मिला शव
पुलिस उपायुक्त दक्षिण राजर्षि राज ने बताया कि 18 जून 2026 को बराला गांव से गुजर रही ढूंढ नदी क्षेत्र के एक कुएं में महिला का शव मिलने की सूचना मिली थी. पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाया. जांच में मृतका की पहचान बल्लूपुरा निवासी 54 वर्षीय बीना देवी बैरवा के रूप में हुई. बीना देवी 11 जून से लापता थीं और उनके संबंध में पहले ही गुमशुदगी दर्ज कराई जा चुकी थी. शव की हालत देखकर पुलिस भी चौंक गई. जांच में सामने आया कि महिला के दोनों पैर काटे गए थे और पैरों में पहने चांदी के कड़े गायब थे. शव को एक साड़ी और भारी पत्थर से बांधकर करीब 60 फीट गहरे पानी से भरे कुएं में फेंका गया था, ताकि शव ऊपर नहीं आ सके और पहचान के साथ-साथ सबूत भी खत्म हो जाएं.
करीब 200 लोगों से पूछताछ के बाद भतीजा आया शक के घेरे में
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम बनाई. टीम ने करीब 200 लोगों से पूछताछ की और तकनीकी व वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए. इसी दौरान मृतका का 24 वर्षीय भतीजा सूरज बैरवा पुलिस के शक के घेरे में आ गया. पुलिस ने उससे तकनीकी तथ्यों के आधार पर पूछताछ की और मनोवैज्ञानिक तरीके से सवाल किए. आखिरकार उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया. पुलिस के मुताबिक सूरज पर करीब ढाई लाख रुपये का कर्ज था. उसे यह भी पता था कि बीना देवी के पास काफी मात्रा में चांदी और सोने के आभूषण हैं. पूछताछ में सामने आया कि 11 जून को बीना देवी ने उससे पदमपुरा दवाई लेने चलने की बात कही थी. आरोपी उन्हें बहाने से ढूंढ नदी क्षेत्र में हरि घास खोदने के लिए ले गया. वहां पीछे से फावड़े से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया.
कड़े नहीं निकले तो आरी चलाई, फिर दोस्त को बुलाकर कुएं में फेंका शव
पुलिस के अनुसार हत्या के बाद आरोपी ने पैरों से चांदी के कड़े निकालने के लिए आरी का इस्तेमाल किया, लेकिन जब वह सफल नहीं हुआ तो उसने दोनों पैर ही काट दिए. इसके बाद कानों में पहने सोने के टॉप्स और नाक की बाली भी उतार ली. वारदात के बाद आरोपी ने शव को नदी क्षेत्र में दबा दिया. रात होने पर उसने अपने 24 वर्षीय साथी विनोद बैरवा को बुलाया. दोनों ने मिलकर शव को साड़ी और भारी पत्थर से बांधा और पास के कुएं में फेंक दिया. घटना के बाद सूरज अपने परिजनों के साथ महिला की तलाश में भी शामिल रहा और ऐसा दिखाता रहा जैसे उसे कुछ भी पता नहीं हो. शिवदासपुरा थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी सूरज बैरवा और उसके सहयोगी विनोद बैरवा को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों की निशानदेही पर लूटे गए चांदी के कड़े, मृतका का मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली गई है. पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य साक्ष्यों और बरामदगी को लेकर जांच अभी जारी है.
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आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें



