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Bhuvangiri Fort Ropeway: भुवनगिरी किले को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में रोपवे परियोजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है. लगभग 56.81 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से लैस रोपवे का निर्माण किया जा रहा है. परियोजना पूरी होने के बाद पर्यटक केवल 4 मिनट में किले की ऊंचाई तक पहुंच सकेंगे. रोपवे में 6 केबिन लगाए जाएंगे, जिससे यात्रा सुरक्षित, सुविधाजनक और रोमांचक बनेगी. यह परियोजना न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी मजबूती प्रदान करेगी. भुवनगिरी किला अपने ऐतिहासिक महत्व और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है.
हैदराबाद: तेलंगाना के ऐतिहासिक भुवनगिरी किले को एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारियां तेज हो गई हैं. केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत लगभग 56.81 करोड़ रुपए के बजट से इस पूरे प्रोजेक्ट का निर्माण किया जा रहा है. राज्य के पर्यटन और संस्कृति मंत्री जूपल्ली कृष्ण राव ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सारा काम 2 अक्टूबर तक हर हाल में पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं. यदि आवश्यकता हो, तो श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर चौबीसों घंटे पारियों में काम कराया जाए. इस पूरे नवीनीकरण प्रोजेक्ट का सबसे मुख्य आकर्षण यहाँ बनने वाला आधुनिक पैसेंजर रोपवे सिस्टम है.
पहाड़ की खड़ी चढ़ाई होने के कारण बुजुर्गों, दिव्यांगों और बच्चों के लिए किले के शीर्ष तक पहुंचना बेहद कठिन और थकाऊ होता था. पर्यटकों की इस समस्या को दूर करने के लिए लगभग 17.91 करोड़ रुपए की लागत से 1.02 किलोमीटर लंबा रोपवे तैयार किया जा रहा है. मोनोकेबल जिग बैक सिस्टम पर आधारित इस रोपवे में कुल 6 केबिन संचालित होंगे. प्रत्येक केबिन की क्षमता 6 यात्रियों की होगी जो महज 3 से 4 मिनट में नीचे से किले की चोटी तक का सफर तय कर लेंगे. यह रोपवे सिस्टम हर घंटे 250 से 300 यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगा.
डेकोरेटिव लाइटिंग भी लगाई जा रही
रोपवे के अलावा, पर्यटकों की सुविधा के लिए परिसर में कई अन्य महत्वपूर्ण निर्माण किए जा रहे हैं. इसमें एक नया कैफेटेरिया, फूड कोर्ट, इंटरप्रिटेशन सेंटर, बच्चों के खेलने का क्षेत्र और एक खूबसूरत व्यूइंग गैलरी शामिल हैं. इसके साथ ही, किले की ऐतिहासिक भव्यता को सुरक्षित रखते हुए इसके प्राचीन ढांचे का पुरातात्विक नियमों के तहत जीर्णोद्धार किया जा रहा है. रात के समय किले की खूबसूरती निखारने के लिए विशेष डेकोरेटिव लाइटिंग भी लगाई जा रही है.
अक्टूबर में रोपवे और नई सुविधाएं शुरू
राज्य सरकार तेलंगाना को देश का अग्रणी पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रही है. इसके तहत भुवनगिरी किले, यादाद्री और कोलनुपाका सोमेश्वर मंदिर को आपस में जोड़कर एक एकीकृत आध्यात्मिक और विरासत पर्यटन सर्किट विकसित किया जा रहा है. अधिकारियों को उम्मीद है कि अक्टूबर में रोपवे और नई सुविधाएं शुरू होने के बाद यहाँ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी होगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
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