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Nirmala Sitharaman: भारत-फ्रांस आर्थिक संबंधों को नई उड़ान देने सीतारमण फ्रांस रवाना, जानिए इसके क्या मायने


वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार (1 जुलाई 2026) को चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर फ्रांस के लिए रवाना हुईं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को गहरा करना है। साथ ही आर्थिक सहयोग को मजबूत करना और दोनों देशों के बीच निवेश को बढ़ावा देना भी इसका लक्ष्य है।

यात्रा का एक प्रमुख आकर्षण एक्सएन प्रोविंस में भारत-फ्रांस आर्थिक और वित्तीय संवाद (ईएफडी) होगा। सीतारमण फ्रांस के अर्थव्यवस्था, वित्त और औद्योगिक व ऊर्जा संप्रभुता मंत्री रोलैंड लेसक्योर के साथ इस संवाद की सह-अध्यक्षता करेंगी। इस संवाद के दौरान दोनों देश विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर चर्चा करेंगे। वे भारत और फ्रांस के बीच आर्थिक संबंधों को और बेहतर बनाने पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे। 

वित्त मंत्री चुनिंदा वैश्विक मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ एक-पर-एक बैठकें करेंगी। वह प्रमुख कारोबार अधिकारियों के साथ एक गोलमेज बैठक में भी भाग लेंगी। इन बैठकों में भारत के मजबूत वृहद आर्थिक बुनियादी सिद्धांतों को प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही चल रहे संरचनात्मक सुधारों, बढ़ते निवेश अवसरों और दीर्घकालिक वृद्धि संभावनाओं को भी उजागर किया जाएगा।

नए मध्यम वर्ग की वृद्धि को कैसे बढ़ावा मिलेगा?

वित्त मंत्री में एक पैनल चर्चा में शामिल होंगी। यह यूरोप के वैश्विक आर्थिक और सार्वजनिक नीति मुद्दों पर अग्रणी वार्षिक मंचों में से एक है। इस चर्चा का विषय “एक नए मध्यम वर्ग की वृद्धि को कैसे बढ़ावा दिया जाए” होगा। यह सत्र आर्थिक समावेश और सामाजिक प्रगति के महत्वपूर्ण पहलुओं पर केंद्रित रहेगा।

विज्ञान और डिजिटल नवाचार पर क्या चर्चा होगी?

अपनी व्यस्तताओं के तहत, वित्त मंत्री कैडराचे में अंतर्राष्ट्रीय थर्मोन्यूक्लियर प्रायोगिक रिएक्टर (आईटीईआर) परियोजना का दौरा करेंगी। यह परमाणु संलयन पर दुनिया के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सहयोगों में से एक है। इसमें भारत और फ्रांस सहित 30 से अधिक भागीदार देश शामिल हैं। वह कैंपस साइबर का भी दौरा करेंगी, जो साइबर सुरक्षा नवाचार, अनुसंधान और कौशल विकास के लिए फ्रांस का राष्ट्रीय केंद्र है। यहां साइबर लचीलापन मजबूत करने और डिजिटल अर्थव्यवस्था में नवाचार को बढ़ावा देने के सर्वोत्तम तरीकों पर चर्चा होगी।

क्षेत्रीय सहयोग और प्रवासी भारतीयों से मुलाकात क्यों?

वित्त मंत्री प्रोवेंस अल्पेस कोट अज्यूर (पीएसीए) क्षेत्र के अध्यक्ष रिनॉड मुस्लियर से भी मिलेंगी। इस बैठक में निवेश, नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा होगी। क्षेत्रीय आर्थिक साझेदारियों को मजबूत करने पर भी बातचीत की जाएगी। यात्रा के अंतिम दिन, वित्त मंत्री फ्रांस में भारतीय प्रवासी सदस्यों के साथ बातचीत करेंगी। यह बातचीत दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में सहायक होगी।



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