शुक्रवार सुबह भारतीय शेयर बाजार में चौतरफा तेजी देखने को मिली, जिसने दलाल स्ट्रीट के निवेशकों को गदगद कर दिया है। बाजार खुलते ही प्रमुख संवेदी सूचकांकों में जोरदार खरीदारी देखी गई, जिससे बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों ही हरे निशान में काफी ऊपर कारोबार करने लगे। आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के मजबूत तिमाही नतीजों और दुनिया भर के बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के दम पर घरेलू बाजार में निवेशकों की धारणा बेहद मजबूत हुई है, जिससे बाजार में यह बड़ी तेजी दर्ज की जा रही है।
बाजार खुलने के साथ ही बढ़त का क्या आंकड़ा रहा?
कारोबार शुरू होते ही भारतीय शेयर बाजार में भारी लिवाली देखने को मिली। बीएसई का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 750 अंकों से अधिक की बड़ी उछाल के साथ खुला, वहीं एनएसई का निफ्टी 24,150 के स्तर के पार निकल गया। शुरुआती कारोबार में इन दोनों प्रमुख सूचकांकों ने 0.85 प्रतिशत तक की बढ़त हासिल की। इस तेजी को सबसे ज्यादा बल आईटी इंडेक्स से मिला, जिसमें बाजार खुलते ही दो प्रतिशत की शानदार बढ़त देखी गई।
डॉलर के मुकाबले रुपये का कैसा प्रदर्शन रहा?
शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 15 पैसे बढ़कर 95.32 पर पहुंच गया। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद, डॉलर के कमजोर होने और तेल की कीमतों में नरमी आने से शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपये में यह तेज दर्ज की गई। वैश्विक बाजार में डॉलर सूचकांक में 0.25 फीसदी की गिरावट आई। यह 100.64 पर कारोबार कर रहा था। ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.35 फीसदी की गिरावट के साथ 77.75 डॉलर प्रति बैरल पर था। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को 532.86 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
पिछले उतार-चढ़ाव से बाजार ने खुद को कैसे संभाला?
शुक्रवार की यह बड़ी उछाल इसलिए भी राहत देने वाली है क्योंकि इससे पहले बुधवार को बाजार में भारी बिकवाली देखी गई थी। बुधवार की उस तेज गिरावट के बाद, गुरुवार को बाजार में रिकवरी यानी सुधार का दौर शुरू हुआ। वैश्विक बाजारों से मिले सहयोग के कारण प्रमुख सूचकांकों ने मामूली सुधार दर्ज किया था। गुरुवार की उस मामूली रिकवरी के बाद निवेशकों की पूरी नजर टीसीएस की तिमाही आय पर केंद्रित थी, जिसने शुक्रवार को बाजार को नई रफ्तार देने में मदद की।
वैश्विक बाजारों से किस तरह के संकेत मिल रहे हैं?
भारतीय बाजार को गति देने में अंतरराष्ट्रीय बाजारों का भी बड़ा योगदान रहा है। एशियाई बाजारों से मिले-जुले लेकिन काफी हद तक सकारात्मक संकेत मिले, जिससे वैश्विक माहौल अनुकूल बना रहा:
- जापान का टॉपिक्स: इस इंडेक्स में 0.9 प्रतिशत की मजबूत बढ़त देखी गई।
- हांगकांग का हैंगसेंग: इस सूचकांक ने 0.8 प्रतिशत की तेजी दर्ज की।
- चीन का शंघाई कंपोजिट: इस बाजार में 0.5 प्रतिशत की बढ़त रही।
- ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200: यहां भी सूचकांक 0.4 प्रतिशत की मजबूती के साथ आगे बढ़ा।
- अमेरिकी और यूरोपीय बाजार: एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में बहुत मामूली बदलाव दिखा, जबकि यूरोप के यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स भी करीब-करीब स्थिर रहे।



