वेतनभोगी कर्मचारियों को अपनी बेसिक सैलरी का 12 फीसदी अंशदान ईपीएफ में करना होता था और कंपनी भी इतना ही अंशदान ईपीएफ में करती थी, लेकिन बीती 29 जून को श्रम मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 2026 के तहत नए प्रावधान अधिसूचित कर दिए हैं। इस प्रावधान के तहत कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में 15,000 रुपये की मासिक वेतन सीमा से अधिक वेतन पर किए जाने वाले अंशदान को स्वैच्छिक बना दिया है। यानी 15,000 रुपये की वेतन सीमा के आधार पर निर्धारित 1,800 रुपये से अधिक का ईपीएफ अंशदान अब अनिवार्य नहीं होगा।



