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शोपियां11 मिनट पहलेलेखक: रऊफ डार
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जिन आतंकियों के मारे जाने की खबर है, उनका एक CCTV फुटेज भी सामने आया है।
जम्मू-कश्मीर के शोपियां के सैदपोरा इलाके में शनिवार शाम से चल रही मुठभेड़ में लश्कर के 2 आतंकियों के मारे जाने की खबर है। सुरक्षाबलों ने इसकी पुष्टि नहीं की है। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मारे गए दोनों आतंकियों की पहचान लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के टॉप ऑपरेटिव जाकिर अहमद गनी (A++ कैटेगरी) और उसके साथी लतीफ भट के रूप में हुई है।
सुरक्षाबलों को खुफिया सूत्रों से दक्षिण कश्मीर के शोपियां में सैदपोरा पायीन के पास छानपोरा इलाके में दोनों आतंकियों के छिपे होने की खबर मिली थी। घेराबंदी के दौरान जब सुरक्षाबल आतंकियों के ठिकाने के करीब पहुंचे तो दोनों ने भारी गोलीबारी कर दी।
मुठभेड़ 4 जुलाई की शाम 7:45 बजे शुरू हुई थी। जॉइंट ऑपरेशन कश्मीर पुलिस SOG, 44 RR, 20 RR, 34 RR और 03 PARA ने मिलकर चलाया है।
फिलहाल अंधेरे के कारण एनकाउंटर और सर्च ऑपरेशन रोक दिया गया है। इसे सुबह दोबारा शुरू किया जाएगा। अभी तक आतंकियों के शव भी बरामद नहीं हुए हैं।

मीमंदर इलाके में लतीफ भट (बाएं) और जाकिर गनी (दाएं) की यह तस्वीर CCTV फुटेज से ली गई है।
सेना की विक्टर फोर्स ने संभाला सर्च ऑपरेशन का मोर्चा
यह ऑपरेशन शुक्रवार दोपहर को शुरू किया गया था, जब सात गांव वाले मीमंदर इलाके के एक बाग में लगे सेना के कैमरे में ये दो आतंकी दिखाई दिए।
सेना की खास एंटी टेरेरिज्म यूनिट, ‘विक्टर फोर्स’ ने बाग के घने पेड़ों के बीच से भागने के सभी संभावित रास्तों को बंद करने के लिए अतिरिक्त जवान तैनात किए हैं और इलाके में रोशनी का इंतजाम भी किया है।
गर्मियों के महीनों में, घने पेड़-पौधे प्राकृतिक आड़ देते हैं, जिससे निगरानी करना मुश्किल हो जाता है और फंसे हुए आतंकवादी घेराबंदी तोड़ने के लिए ‘ब्लाइंड स्पॉट’ (छिपी हुई जगहों) का फायदा उठा सकते हैं।
रिपोर्ट्स में दावा- कुलगाम का रहने वाला था जाकिर
सूत्रों के मुताबिक, कुलगाम के मुतलहम गांव के रहने वाले जाकिर अहमद गनी को सुरक्षा बलों ने कल दक्षिण कश्मीर के जिलों में दूसरे आतंकवादियों के साथ ट्रैक किया था। जाकिर का नाम पाकिस्तान से जुड़े कई आतंकी हमलों से भी जुड़ा था।
अक्टूबर 2025 में NIA कोर्ट ने इनके खिलाफ नोटिस जारी किया था और हाल ही में उनका नाम अप्रैल 2026 के पहलगाम आतंकी हमले की जांच से भी जुड़ा था। पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कश्मीर में 14 आतंकवादियों की सूची जारी की थी और उनके घर भी गिरा दिए गए थे।
सुरक्षा रिकॉर्ड के मुताबिक, जाकिर 2024 से लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ है, जबकि लतीफ पिछले साल LeT में शामिल हुआ था।




