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माउंट आबू घूमने जा रहे हैं? इस जंगल सफारी के बिना आपकी ट्रिप रहेगी अधूरी


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Mount Abu Jungle Safari: राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू में पर्यटक 288 वर्ग किलोमीटर में फैले वन्यजीव अभ्यारण्य में खुली जीप सफारी और जंगल ट्रेकिंग का आनंद ले सकते हैं. यह सेंचुरी मुख्य रूप से भारतीय तेंदुए (लैपर्ड) और स्लॉथ बेयर का गढ़ है. इसके अलावा यहां सांभर, नीलगाय, चिंकारा और 250 से अधिक प्रजातियों के पक्षी पाए जाते हैं. सफारी के लिए सुबह और शाम का समय सबसे बेहतरीन माना जाता है. गर्मियों और सर्दियों में मुख्य जलाशयों के पास वन्यजीवों को करीब से देखने का सबसे अच्छा अवसर मिलता है.

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Mount Abu Jungle Safari: राजस्थान के एकमात्र खूबसूरत हिल स्टेशन माउंट आबू में आप न केवल अरावली की हसीन वादियों, नक्की झील और खूबसूरत पर्यटक स्थलों का दीदार कर सकते हैं, बल्कि खुली जीप में बैठकर घने जंगलों के बीच वन्य जीवों को उनके प्राकृतिक आवास में बेहद करीब से देखने का एक रोमांचकारी आनंद भी ले सकते हैं. यदि आप इस बार गर्मियों या सर्दियों की छुट्टियों में माउंट आबू घूमने की योजना बना रहे हैं और वहां की प्रसिद्ध जंगल सफारी का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो आज हम आपको इससे जुड़ी सभी महत्वपूर्ण और आवश्यक जानकारियां देने जा रहे हैं.

माउंट आबू के स्थानीय वाइल्डलाइफ और ऐडवेंचर गाइड चिंटू यादव के अनुसार माउंट आबू वन्यजीव अभ्यारण्य करीब 288 वर्ग किलोमीटर के एक बहुत बड़े वन क्षेत्र में फैला हुआ है, जो अनगिनत दुर्लभ वन्यजीवों का प्राकृतिक घर है. यहां आने वाले पर्यटक जंगल ट्रेकिंग या खुली जीप सफारी के माध्यम से वन्यजीवों को उनके नेचुरल हेबिटेट में स्वच्छंद घूमते हुए बहुत करीब से देख सकते हैं. इतिहास के पन्नों को पलटें तो कई वर्षों पहले इस घने जंगल में कभी एशियाई शेर भी दहाड़ते थे. इस अभ्यारण्य में शेर को अंतिम बार वर्ष 1870 में और बंगाल टाइगर को अंतिम बार वर्ष 1970 में देखा गया था.

तेंदुए और भालू समेत कई दुर्लभ जानवरों को देखने का मौका
समय बदलने के साथ अब यह खूबसूरत वन क्षेत्र मुख्य रूप से भारतीय तेंदुए (लैपर्ड) और स्लॉथ बेयर (सुस्त भालू) का सबसे प्रमुख गढ़ माना जाता है. इसके अतिरिक्त पर्यटकों को यहां सफारी के दौरान सांभर, जंगली सूअर, नीलगाय, बारहसिंगा, चिंकारा, पैंगोलिन और ग्रे लंगूर समेत कई प्रकार के जंगली जानवर आसानी से देखने को मिल जाते हैं. बर्ड लवर्स यानी पक्षी प्रेमियों के लिए यह स्थान किसी जन्नत से कम नहीं है, क्योंकि यहां पक्षियों की करीब 250 से भी अधिक अद्भुत प्रजातियां पाई जाती हैं. इनमें विशेष रूप से अत्यंत दुर्लभ प्रजाति की ग्रीन अवदावत (ग्रीन मुनिया) और अनोखा जंगली मुर्गा शामिल हैं. इसके साथ ही इस वन क्षेत्र में बने ट्रेवर्स टैंक को मगरमच्छों का सबसे बड़ा प्राकृतिक घर माना जाता है.

जानिए माउंट आबू में कैसे करें बेहतरीन जंगल सफारी
माउंट आबू सेंचुरी एरिया में जंगल सफारी करने और वन्यजीवों को देखने का सबसे सही समय सुबह और देर शाम का होता है, क्योंकि इसी वक्त अधिकांश वन्यजीव पानी की तलाश या शिकार के लिए अपने ठिकानों से बाहर निकलते हैं. लगभग 2 से 3 घंटे की यह रोमांचक जीप सफारी आपको प्रकृति के बेहद करीब ले जाती है. सुबह 9 बजे से लेकर शाम 5.30 बजे तक जंगल क्षेत्र में वन विभाग द्वारा निर्धारित फॉरेस्ट फीस चुका कर आसानी से प्रवेश किया जा सकता है. पर्यटन के लिहाज से अक्टूबर से मार्च के बीच का सर्दियों का मौसम और मार्च से जून तक का गर्मियों का मौसम वन्यजीवों को देखने के लिए सबसे मुफीद माना जाता है. गर्मियों में जब जंगल के छोटे जलस्रोत सूख जाते हैं, तो मुख्य जलाशयों के पास वन्यजीवों और उनके छोटे शावकों को आसानी से पानी पीते हुए देखा जा सकता है. सुरक्षा के लिहाज से जंगल सफारी के दौरान अपने साथ एक अधिकृत वनकर्मी या मान्यता प्राप्त वाइल्डलाइफ गाइड का होना अनिवार्य है, ताकि वे आपको रास्तों की सटीक जानकारी देने के साथ-साथ आपकी सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रख सकें.

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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें

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