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India-EU FTA: क्या 15 दिन बाद भारत के लिए खुलेगा यूरोप के देशों का बाजार? ईयू के साथ डील फाइनल होने के करीब


भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के मसौदे का कानूनी परीक्षण (लीगल स्क्रबिंग) अगले 15-20 दिनों में पूरा होने की उम्मीद है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को यह जानकारी दी। भारत और 27 देशों के यूरोपीय संघ ने जनवरी में इस व्यापार समझौते पर वार्ता पूरी होने की घोषणा की थी। कानूनी परीक्षण पूरा होने के बाद इस वर्ष के अंत तक समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने और अगले वर्ष से इसके लागू होने की संभावना है।

15-20 दिनों में कैसे पूरा होगा लीगल स्क्रबिंग का काम?

काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट्स (CLE) के एक पुरस्कार समारोह में गोयल ने कहा कि भारत और ब्रसेल्स स्थित यूरोपीय संघ की टीम मिलकर समझौते के मसौदे का कानूनी परीक्षण पूरा करने में जुटी है। उन्होंने कहा, ‘अगले 15-20 दिनों में लीगल स्क्रबिंग का काम पूरा हो जाएगा।’

ब्रसेल्स, स्पेन और फिनलैंड दौरे का क्या है उद्देश्य?

मंत्री ने बताया कि वह 14-15 जुलाई को कारोबारियों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ ब्रसेल्स जाएंगे। इसके बाद स्पेन और फिनलैंड का भी दौरा करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत ने पहले से ही अपने उत्पादों, वस्तुओं और सेवाओं के वैश्विक प्रचार-प्रसार की तैयारी शुरू कर दी है ताकि एफटीए लागू होते ही भारतीय उद्योगों को अधिकतम लाभ मिल सके।

यूरोपीय आयोग और व्यापार परिषद के साथ किन मुद्दों पर होगी चर्चा?

गोयल ने बताया कि उनकी यूरोपीय संघ के व्यापार आयुक्त मारोस शेफचोविच के साथ चर्चा हो चुकी है। ब्रसेल्स दौरे के दौरान वे यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष, यूरोपीय परिषद के प्रतिनिधियों, व्यापार, डिजिटल प्रौद्योगिकी और विदेश मंत्रियों के साथ ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल (TTC) की बैठकों में हिस्सा लेंगे।

भारत-EU FTA को 2027 तक लागू करने की क्या है योजना?

उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ इस समझौते के कानूनी परीक्षण की प्रक्रिया को तेज करने पर भी काम कर रहे हैं ताकि इसे यूरोपीय आयोग और संसद से जल्द मंजूरी मिल सके। सरकार का प्रयास है कि 2027 की पहली तिमाही तक भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता लागू हो जाए। उनके अनुसार, यह समझौता भारतीय कारोबारों के लिए 27 विकसित देशों के विशाल बाजार के द्वार खोलेगा और देश के निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।

लेदर उद्योग को FTA से कितना फायदा मिलेगा?

गोयल ने कहा कि भारत का चमड़ा और चमड़ा उत्पादों का निर्यात फिलहाल 4 से 4.5 अरब डॉलर के बीच है। उनका मानना है कि नए व्यापार समझौते विकसित देशों में इस क्षेत्र के लिए बड़े अवसर लेकर आएंगे।

लेदर निर्यात को 15 अरब डॉलर तक पहुंचाने की तैयारी कैसे होगी?

उन्होंने चमड़ा उद्योग से अगले 5-6 वर्षों में 15 अरब डॉलर के निर्यात का लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अब उद्योग को केवल उत्पादन पर नहीं, बल्कि फिनिशिंग, डिजाइन, पैकेजिंग और ब्रांड निर्माण पर भी विशेष ध्यान देना होगा। सरकार की निर्यात प्रोत्साहन व्यवस्था हरसंभव सहयोग देने के लिए तैयार है।

निर्यात बाजार में विविधता लाना क्यों जरूरी है?

मंत्री ने कहा कि वर्तमान में भारत के कुल चमड़ा निर्यात का 77 प्रतिशत हिस्सा केवल 15 देशों तक सीमित है। उन्होंने उद्योग से दुनिया के नए बाजारों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने और निर्यात गंतव्यों में विविधता लाने की अपील की।

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कनाडा, मैक्सिको और लैटिन अमेरिका के साथ क्या चल रही है तैयारी?

गोयल ने बताया कि भारत कनाडा के साथ भी मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है और उम्मीद है कि यह वर्ष के अंत तक पूरा हो सकता है। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के संदर्भ में उन्होंने कहा कि भारत के संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ओमान के साथ पहले से व्यापार समझौते हैं तथा छह देशों वाले GCC समूह के साथ बातचीत जारी है। इससे चार और देशों को जोड़ते हुए एफटीए वाले देशों की संख्या 55 तक पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि भारत मैक्सिको के साथ भी वार्ता कर रहा है, जिससे यह संख्या 56 हो जाएगी। वहीं ब्राजील और उसके साथ जुड़े तीन अन्य देशों के साथ समझौता होने पर यह आंकड़ा 60 देशों तक पहुंच सकता है।



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