Homeव्यवसायNCLT: एनसीएलटी ने ऑटो डीलर की याचिका खारिज की, कहा- 'निजी कर्ज...

NCLT: एनसीएलटी ने ऑटो डीलर की याचिका खारिज की, कहा- ‘निजी कर्ज वसूली का जरिया नहीं है दिवाला संहिता’


राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की कोच्चि पीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। पीठ ने केरल के एक ऑटो डीलर के खिलाफ दिवाला याचिका खारिज कर दी। न्यायाधिकरण ने कहा कि दिवाला और दिवालियापन संहिता (आईबीसी) का उपयोग निजी कर्ज वसूली के लिए नहीं किया जा सकता है।

यह याचिका आठ वित्तीय कर्जदाताओं ने पथनमथिट्टा जिले की कंपनी एनसीएस ऑटोकार्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ दायर की थी। कर्जदाताओं ने दावा किया कि कंपनी ने सितंबर और दिसंबर 2023 में दिए गए 4 करोड़ रुपये के कर्ज में चूक की थी। आंशिक भुगतान के बाद, उन्होंने 3.82 करोड़ रुपये के बकाया का दावा किया। इसमें 2.55 करोड़ रुपये मूलधन और 1.27 करोड़ रुपये ब्याज शामिल था। 

न्यायाधिकरण ने पाया कि यह मामला दिवाला समाधान तंत्र के बजाय कर्ज वसूली का प्रयास लग रहा था। न्यायिक सदस्य विनय गोयल और तकनीकी सदस्य रविचंद्रन रामासामी की पीठ ने इस पर गौर किया। कर्जदाताओं ने मुख्य रूप से मांग वचन पत्रों पर भरोसा किया, कोई औपचारिक कर्ज समझौता दर्ज नहीं था। कंपनी द्वारा जारी कई पोस्ट-डेटेड चेक भी भुगतान के लिए प्रस्तुत नहीं किए गए थे।

कर्जदाताओं की क्या थी रणनीति?

न्यायाधिकरण ने पाया कि कर्ज वितरित करने से पहले ही काफी ब्याज काट लिया गया था। कर्जदारों ने मूलधन का भुगतान साप्ताहिक किस्तों में किया था। इस कर्ज संरचना के आधार पर प्रभावी वार्षिक ब्याज दर करीब 84.41 फीसदी हो सकती थी। न्यायाधिकरण ने इस उधार मॉडल को अद्वितीय प्रथा बताया। पीठ ने कहा कि ऐसी प्रणाली को दिवाला प्रक्रिया का दुरुपयोग करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

एनसीएलटी ने याचिका क्यों खारिज की?

पीठ ने यह भी देखा कि याचिकाकर्ताओं ने अन्य कंपनियों के खिलाफ भी इसी तरह के दिवाला मामले दायर किए थे। इन मामलों में भी समान वचन पत्र लेनदेन और एक ही अंतरिम समाधान पेशेवर का प्रस्ताव था। न्यायाधिकरण ने कहा कि एनसीएस ऑटोकार्स के व्यावसायिक रूप से दिवालिया होने का कोई प्रमाण नहीं मिला। याचिकाकर्ताओं का पूरा जोर वचन पत्रों के तहत दावा की गई राशि और उस पर ब्याज की वसूली पर था। न्यायाधिकरण ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि यह आईबीसी के उद्देश्यों को पूरा नहीं करेगा।



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments