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सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी, दो लोगों से ठगे 9 लाख, करणी सेना का पूर्व जिला अध्यक्ष गिरफ्तार


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भोपाल में सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है. पुलिस ने करणी सेना के पूर्व जिला अध्यक्ष आशु कुमार को गिरफ्तार किया है, जो युवाओं से लाखों रुपये ठगता था. रकम लेने के बाद वह फर्जी नियुक्ति पत्र सौंप देता. जब उम्मीदवार संबंधित विभाग में जॉइनिंग के लिए पहुंचते, तब उन्हें पता चलता कि नियुक्ति पत्र पूरी तरह फर्जी है.

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करणी सेना का पूर्व जिला अध्यक्ष गिरफ्तार

भोपाल. सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में भोपाल पुलिस ने करणी सेना के पूर्व जिला अध्यक्ष आशु कुमार को गिरफ्तार किया है. आरोपी पर नगर निगम, पोस्ट ऑफिस, स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज समेत कई सरकारी संस्थानों में फर्जी नियुक्ति पत्र देकर बेरोजगार युवाओं को ठगने का आरोप है. पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 11 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है.

कमला नगर थाना पुलिस के अनुसार, आरोपी बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाता था. वह एलडीसी, यूडीसी और अन्य पदों पर भर्ती कराने का दावा करता और इसके बदले लाखों रुपये वसूलता था. रकम लेने के बाद वह अभ्यर्थियों को देखने में असली लगने वाले फर्जी नियुक्ति पत्र सौंप देता. जब उम्मीदवार संबंधित विभाग में जॉइनिंग के लिए पहुंचते, तब उन्हें पता चलता कि विभाग में ऐसी कोई भर्ती ही नहीं हुई है और नियुक्ति पत्र पूरी तरह फर्जी है.

दो लोगों से ठगे 9 लाख रुपए
भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, राजगढ़ निवासी पवन यादव की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया. आरोपी ने पवन से नगर निगम में एलडीसी के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर 3 लाख रुपए लिए. वहीं एक दूसरे मामले में पांढुर्ना के धनंजय बाल पांडेय से भी 6 लाख रुपए लिए थे. आरोपी ने 5.91 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कराए थे.

जांच अधिकारी एसआई सुनील इवनाती के मुताबिक, आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में कई सरकारी विभागों के कथित फर्जी नियुक्ति पत्र मिले हैं. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन दस्तावेजों को किसने तैयार किया, इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा अब तक कितने युवाओं को इस गिरोह ने अपना शिकार बनाया है.

पुलिस का कहना है कि आरोपी करीब तीन महीने पहले करणी सेना के जिला अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था. फिलहाल उससे पूछताछ जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान इस फर्जीवाड़े से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं.

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Mohd Majid

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