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Jaipur Murder Case Mother Killed By Daughter: जयपुर में नीरज शर्मा की मौत की जांच अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं. जिस घटना को शुरुआत में सड़क हादसा माना गया था, पुलिस अब उसे सुनियोजित हत्या की साजिश बता रही है. जांच के अनुसार आरोपियों ने नीरज शर्मा को मारने की पहली कोशिश उनके घर के बाहर की थी, लेकिन वह बच गईं. पुलिस का दावा है कि बाद में उन्हें घर से दूर सुनसान सड़क पर निशाना बनाया गया. जांच में यह भी सामने आया है कि परिवार के भीतर नौकरी और पैतृक संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. आगरा हाईवे पर स्थित करीब 5 बीघा जमीन का कथित लालच इस मामले की अहम वजह माना जा रहा है.
जयपुर में बेटी ने नौकरी के लिए अपनी मां की हत्या कर दी
जयपुर. जयपुर में कोर्ट कर्मचारी नीरज शर्मा की हत्या की जांच में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. शुरुआत में जिस मामले को सड़क हादसा माना गया था, अब पुलिस उसे पहले से रची गई साजिश बता रही है. इस मौत के पीछे की बड़ी वजह अबब सामने आई है. जांच में सामने आया है कि नीरज शर्मा को मारने की कोशिश एक बार नहीं, बल्कि दो बार की गई. पहली बार वह बच गईं. इसके बाद पूरी योजना बदल दी गई और कुछ दिन बाद उन्हें ऐसी जगह निशाना बनाया गया, जहां बचने का कोई मौका नहीं मिले. साथ में एक और चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि लड़की अपनी मां को मारने के लिए आगरा हाईवे पर स्थित करीब 5 बीघा की कीमती पैतृक जमीन का हिस्सा अपने चाचा और चचेरे भाई के नाम करने का वादा किया था.
पुलिस के मुताबिक 3 जुलाई को हुई मौत से पहले आरोपियों ने नीरज शर्मा को उनके घर के बाहर ही कुचलने की योजना बनाई थी. इसके लिए किराये की महिंद्रा थार का इस्तेमाल किया गया. लेकिन उस दिन नीरज किसी तरह बच निकलीं और हमला नाकाम हो गया. इस घटना के बाद नीरज डर गई थीं. उन्हें लगा कि कोई उनका पीछा कर रहा है. अपनी सुरक्षा के लिए उन्होंने घर के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए, ताकि आने-जाने वालों पर नजर रखी जा सके.
कैमरे लगे तो बदल दी गई पूरी रणनीति
पुलिस जांच के अनुसार घर के बाहर कैमरे लगने के बाद आरोपियों को लगा कि अब वहां हमला करना आसान नहीं होगा. कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हो सकती थी. इसके बाद साजिशकर्ताओं ने जगह बदलने का फैसला किया. तय हुआ कि नीरज को घर से दूर ऐसी सड़क पर निशाना बनाया जाए, जहां किसी को शक भी न हो.
एक फोन कॉल और मां लौटने लगी
हत्या वाले दिन नीरज शर्मा अपने 16 साल के दिव्यांग बेटे को कोचिंग सेंटर छोड़कर लौट रही थीं. इसी दौरान उनकी बेटी आयुषी शर्मा ने उन्हें फोन किया. पुलिस का कहना है कि आयुषी ने घर में जरूरी काम होने का बहाना बनाया और मां को तुरंत वापस बुलाया. जैसे ही नीरज तय रास्ते से वापस चलने लगीं, पहले से निगरानी कर रहे लोगों ने स्कॉर्पियो में बैठे हमलावरों को इशारा कर दिया.
130 की रफ्तार से आई स्कॉर्पियो
जांच के मुताबिक स्कॉर्पियो करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पीछे से आई और नीरज शर्मा को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी तेज थी कि वह करीब 100 फीट दूर जा गिरीं. शुरुआत में पूरे मामले को सड़क हादसे की तरह दिखाने की कोशिश की गई.
पुलिस के अनुसार परिवार में विवाद की शुरुआत नीरज शर्मा के पति विजय कुमार शर्मा की मौत के बाद हुई. विजय कुमार राजस्थान हाईकोर्ट में एलडीसी थे. परिवार ने अनुकंपा नियुक्ति नीरज शर्मा को देने का फैसला किया ताकि उनके 16 साल के दिव्यांग बेटे का भविष्य सुरक्षित रह सके. जांच में सामने आया कि आयुषी इस फैसले से नाराज थी और बाद में अपने चाचा मोहन स्वरूप के घर रहने लगी. पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान चाचा मोहन स्वरूप और उसके फरार बेटे बलराम ने उसे अपनी तरफ कर लिया. जांच के अनुसार आयुषी ने आगरा हाईवे पर स्थित करीब 5 बीघा की कीमती पैतृक जमीन का हिस्सा अपने चाचा और चचेरे भाई के नाम करने का वादा किया था. पुलिस का मानना है कि यही लालच इस पूरी साजिश की बड़ी वजह बना.
डिजिटल सबूतों ने खोली परतें
शुरुआत में आयुषी ने खुद को दुखी बेटी की तरह पेश किया, लेकिन पुलिस का कहना है कि मोबाइल डेटा, डिजिटल रिकॉर्ड, पूछताछ और चाचा के साथ हुए मैसेज ने पूरी कहानी बदल दी. इन्हीं सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ी और कथित साजिश की परतें एक-एक कर सामने आती चली गईं. अब पुलिस इस मामले को पहले से तय योजना के तहत की गई हत्या मानकर आगे की जांच कर रही है.
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आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें



