देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा प्रदाता कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने चालू वित्त वर्ष (2026-27) की पहली तिमाही में अपने शानदार नतीजों से बाजार में मजबूत धमक दिखाई है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद, कंपनी ने अपने मुनाफे में सालाना आधार पर 5 प्रतिशत की शानदार बढ़त दर्ज की है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही टीसीएस के बोर्ड ने अपने शेयरधारकों के लिए ₹12 प्रति शेयर के अंतरिम लाभांश (डिविडेंड) को भी मंजूरी दे दी है, जो निवेशकों के लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है।
मुनाफे और कुल कमाई के ताजा आंकड़े क्या कहते हैं?
जून तिमाही के जारी नतीजों के मुताबिक, टीसीएस का समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 5% बढ़कर ₹13,349 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹12,760 करोड़ था। वहीं, संचालन से प्राप्त राजस्व में सालाना आधार पर 14 प्रतिशत का तगड़ा उछाल आया है और यह ₹72,275 करोड़ पर पहुंच गया है। तिमाही आधार पर (QoQ) कंपनी के राजस्व में रुपये के संदर्भ में 2.2% और कॉन्स्टेंट करेंसी के मामले में 0.4% की वृद्धि दर्ज की गई है।
मार्जिन और कैश फ्लो के मोर्चे पर कैसी रही स्थिति?
चुनौतीपूर्ण माहौल में भी कंपनी ने अपनी वित्तीय स्थिति को बेहद मजबूत बनाए रखा है। इस तिमाही के दौरान टीसीएस का ऑपरेटिंग मार्जिन 24% और नेट मार्जिन 19.2% रहा है (जिसमें असाधारण मदों को शामिल नहीं किया गया है)। कंपनी के पास नकदी का प्रवाह भी शानदार रहा है। परिचालन से हासिल शुद्ध नकदी ₹12,412 करोड़ रही, जो कंपनी की शुद्ध आय का लगभग 93% है। निवेशकों के लिए अच्छी खबर यह है कि टीसीएस ने अंतरिम लाभांश भुगतान के लिए 15 जुलाई को रिकॉर्ड डेट तय किया है।
कंपनी के पास कितने अरब डॉलर के नए ऑर्डर हैं?
- भविष्य में कंपनी की ग्रोथ कैसी रहेगी, इसका अंदाजा इसके मजबूत ऑर्डर बुक से लगाया जा सकता है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में टीसीएस के पास कुल $9.5 बिलियन (9.5 अरब डॉलर) की मजबूत डील पाइपलाइन रही। इसमें प्रमुख सौदों की बात करें तो:
- एसकेएफ के साथ $800 मिलियन का एआई-आधारित ट्रांसफॉर्मेशन डील शामिल है।
- सर्विसनाउ के साथ मल्टी-मिलियन डॉलर की रणनीतिक साझेदारी।
- यूरोप की एक फॉर्च्यून ग्लोबल 50 कंपनी के साथ मल्टी-मिलियन डॉलर का बड़ा सौदा शामिल है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रेस में टीसीएस कहां खड़ी है?
एआई (AI) के क्षेत्र में कंपनी की रफ्तार काफी तेज हो चुकी है। पहली तिमाही में टीसीएस का सालाना एआई राजस्व रन रेट $2.6 बिलियन तक पहुंच गया, जिसमें पिछली तिमाही की तुलना में 13.6% की बढ़ोतरी देखी गई है। टीसीएस के सीईओ के. कृत्तिवासन ने बताया कि भू-राजनीतिक और व्यापक आर्थिक बाधाओं के बावजूद ग्राहकों का निवेश एआई, क्लाउड, साइबर सुरक्षा और प्लेटफॉर्म सरलीकरण में लगातार बढ़ रहा है। टीसीएस ने एंथ्रोपिक और मिस्ट्रल के साथ रणनीतिक साझेदारियां की हैं, जिसके तहत 50,000 कर्मचारियों को ‘क्लाउड’ का एक्सेस मिलेगा।
कर्मचारियों और नौकरी छोड़ने की दर की क्या स्थिति है?
जून के अंत में टीसीएस के कुल कर्मचारियों की संख्या 5,93,798 रही। आईटी सेवाओं में पिछले 12 महीनों की नौकरी छोड़ने की दर 13.6% दर्ज की गई है। कंपनी ने वैश्विक स्तर पर अपने सभी कर्मचारियों के लिए वार्षिक वेतन वृद्धि की प्रक्रिया पूरी कर ली है। साथ ही, अपने वेतन ढांचे को भारत के नए लेबर कोड (श्रम संहिता) की आवश्यकताओं के अनुरूप सुव्यवस्थित किया है।
वैश्विक स्तर पर जारी उतार-चढ़ाव के बीच टीसीएस ने यह साबित कर दिया है कि वह तकनीकी बदलावों और विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के युग में नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है। $9.5 अरब डॉलर का मजबूत ऑर्डर बुक और ₹12 का डिविडेंड निवेशकों के भरोसे को और मजबूत करता है।



