अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श ने महंगाई से लड़ने को केंद्रीय बैंक की सबसे बड़ी चुनौती बताया है। उन्होंने कहा कि मौद्रिक नीति को सही करना उनका प्राथमिक उद्देश्य है। वॉर्श ने हाल ही में एक कांग्रेस समिति के समक्ष अपनी गवाही में यह बात कही।
वॉर्श ने साफ किया कि फेड लगातार ऊंची महंगाई को बर्दाश्त नहीं करेगा। सभी सदस्य मूल्य स्थिरता बहाल करने के लिए दृढ़ प्रतिबद्धता साझा करते हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी जून बैठक में संघीय कोष दर को 3.5-3.75 फीसदी पर बनाए रखा था। महंगाई कई वर्षों से फेड के लिए एक बड़ी चिंता रही है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने पेट्रोल की कीमतें बढ़ा दी हैं। मुख्य आंकड़े कई वर्षों से फेड के 2 फीसदी के आरामदायक स्तर से ऊपर बने हुए हैं। वॉर्श ने इसे नीचे लाने का संकल्प लिया है।
क्या एआई में निवेश महंगाई बढ़ाएगा?
वॉर्श ने अपने बयानों में हाल के एआई निर्माण और उभरते तकनीकी क्षेत्र में भारी निवेश पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था की सबसे खास विशेषता कारोबार निवेश है। इसकी तेज गति डेटा केंद्रों के निर्माण और एआई-संबंधित उपकरणों व सॉफ्टवेयर की भारी मांग को दर्शाती है। फेड इस निवेश उछाल के महंगाई और श्रम बाजार पर पड़ने वाले प्रभावों की लगातार निगरानी कर रहा है।
क्या श्रम बाजार स्थिर है?
श्रम बाजार के मोर्चे पर वॉर्श ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि छंटनी अपेक्षाकृत कम हुई है। नौकरी रिक्तियों की दर में मामूली भिन्नता है। साथ ही, नाममात्र मजदूरी में ठोस वृद्धि हुई है। वॉर्श ने कहा कि अमेरिका का श्रम बाजार व्यापक रूप से स्थिर दिख रहा है। नौकरी सृजन कार्यबल के साथ तालमेल बिठा रहा है।



