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पंजाब- फरार हत्यारे की जगह चली DSP की फोटो: एक जैसा नाम होने से फंसे मलोट के अफसर; तस्वीर देख रिश्तेदारों के आने लगे फोन – Malot News




पंजाब के चर्चित जसवंत सिंह खालड़ा हत्याकांड के दोषी और पैरोल मिलने के बाद फरार हुए पूर्व डीएसपी जसपाल सिंह के ‘नाम’ का खामियाजा अब मलोट के वर्तमान डीएसपी जसपाल सिंह को भुगतना पड़ रहा है। केवल नाम की समानता के कारण सोशल मीडिया और कई चैनलों पर मलोट के डीएसपी जसपाल सिंह धालीवाल की फोटो को जसवंत सिंह खालड़ा के हत्यारे के रूप में दिखाया जा रहा है। इससे आहत डीएसपी मलोट ने स्पष्ट किया है कि वह इस मानहानि को लेकर केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और संबंधित चैनल्स को कानूनी नोटिस भेजेंगे। उनका कहना है कि फोटो लगाकर उनको बदनाम किया गया है और कई लोग तो उन्हें ही हत्यारा समझने लगे हैं। डीएसपी मलोट ने क्या क्या कहा जानिए… पैरोल पर आया, फिर नहीं लौटा जसपाल
मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहा पूर्व डीएसपी जसपाल सिंह नाभा की ओपन एग्रीकल्चरल जेल में बंद था। वह पैरोल पर बाहर आया था, लेकिन समय पूरा होने के बाद भी वापस जेल नहीं लौटा और फरार हो गया। नाभा जेल प्रशासन ने पुलिस को उसे ढूंढने के निर्देश जारी किए हैं। वर्तमान में ‘सतलुज’ फिल्म को लेकर यह मुद्दा पंजाब की सियासत में बेहद गर्म है, जिस कारण मीडिया में यह खबर प्रमुखता से चल रही है, लेकिन लापरवाही में निर्दोष डीएसपी मलोट की फोटो को दोषी की जगह इस्तेमाल कर दिया गया। फरार जसपाल सिंह पर आरोप
फरार पूर्व डीएसपी जसपाल सिंह पर 6 सितंबर 1995 को मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा का अमृतसर स्थित घर के बाहर से अपहरण करने वाली पुलिस टीम का नेतृत्व करने और पूरी साजिश में शामिल होने का आरोप है। आरोप है कि खालड़ा को अगवा कर अवैध रूप से झबाल थाने में रखा गया, जहां उनके साथ अमानवीय शारीरिक प्रताड़ना की गई। बाद में पुलिस हिरासत में ही उन्हें गोली मारकर हत्या कर दी गई और सबूत मिटाने के लिए शव को हरीके के पास नहर में फेंक दिया गया। इस मामले में नवंबर 2005 में पटियाला की विशेष CBI अदालत ने जसपाल सिंह को अपहरण, हत्या और आपराधिक साजिश का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। 2007 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और 2011 में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस सजा को बरकरार रखा। इसके अलावा, स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के रिश्तेदार कुलजीत सिंह धत्त के अपहरण और हत्या की साजिश के मामले में भी 2014 में उसे 5 साल के कठोर कारावास की सजा मिली।



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