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कभी माओवाद का डर था, अब झरझर बह रहा झरना, टूरिज्म की नई पहचान बन रहा जमुई का ये वाटरफॉल


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Panchbhur Waterfall Jamui: अगर आप इस मानसून किसी ऐसी जगह घूमने जाना चाहते हैं, जहां प्रकृति अपने सबसे खूबसूरत रूप में नजर आती हो, तो जमुई जिले का पंचभूर झरना आपके लिए बेहतरीन डेस्टिनेशन हो सकता है. लगातार हो रही बारिश के बाद झरने का जलप्रवाह तेज हो गया है और चारों ओर फैली हरियाली इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा रही है.

घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच कल-कल बहता यह झरना इन दिनों जमुई ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों और पड़ोसी राज्य झारखंड से आने वाले पर्यटकों का पसंदीदा ठिकाना बन गया है. यहां पहुंचकर आप प्रकृति की गोद में सुकून के कुछ पल बिता सकते हैं, परिवार और दोस्तों के साथ पिकनिक का आनंद ले सकते हैं, साथ ही यादगार तस्वीरें और वीडियो भी अपने कैमरे में कैद कर सकते हैं.

पंचभूर झरना सिर्फ घूमने-फिरने की जगह नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों की जिंदगी का भी अहम हिस्सा है. झरने का पानी हरणी पंचायत के कई गांवों के किसानों के लिए सिंचाई का मुख्य स्रोत है, जिससे खेतों में सालभर हरियाली बनी रहती है और फसलों को पर्याप्त पानी मिलता है.

स्थानीय ग्रामीण सुनील मरांडी, शोभन हांसदा और बड़की सोरेन बताते हैं कि एक समय माओवादियों के भय के कारण लोग यहां आने से डरते थे, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं. आज बिना किसी भय के बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले रहे हैं.

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पंचभूर झरना की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए जिला प्रशासन भी इसे इको-टूरिज्म के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है. मार्च माह में डीएम श्री नवीन के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने यहां पहुंचकर विकास की संभावनाओं का जायजा लिया था. झरने तक बेहतर सड़क, पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाएं और अन्य विकास कार्यों पर भी विचार किया गया.

यदि ये योजनाएं धरातल पर उतरती हैं तो आने वाले दिनों में पंचभूर झरना बिहार के प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना सकता है. मानसून के इस मौसम में अगर आप प्रकृति के करीब कुछ यादगार पल बिताना चाहते हैं, तो पंचभूर झरना आपके लिए एक बेहतर डेस्टिनेशन हो सकता है.

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