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अपना पैसा: लार्जकैप जैसी कमाई मंदी में बेहतर सुरक्षा, सावधानी बेहद जरूरी; किसे करना चाहिए निवेश?


जब लोग संपत्ति बनाने के बारे में सोचते हैं, तो अक्सर इक्विटी निवेश का विचार मन में आता है। लंबी अवधि में, इक्विटी में आकर्षक रिटर्न देने की क्षमता होती है। लेकिन हर निवेशक के सामने एक आम चुनौती होती है, और वह है बाजार का उतार-चढ़ाव।

दिल्ली के एक सीनियर मैनेजर रमेश सिन्हा ने अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए लार्जकैप म्यूचुअल फंड्स में एक बड़ा निवेश शुरू किया। रमेश बेहद खुश थे, उनका पोर्टफोलियो चमक रहा था। लेकिन पिछले दो वर्षों से बाजार का जो हाल है, उससे रमेश घबरा गए। उन्होंने भारी घाटे में अपना सारा निवेश बेच दिया।  

यह हर उस आम भारतीय निवेशक की कहानी है, जो तेजी में तो बाजार में कूद जाता है, लेकिन मंदी के एक ही झटके में मैदान छोड़कर भाग खड़ा होता है। अगर आप भी बाजार के इस खतरनाक उतार-चढ़ाव से बचना चाहते हैं, तो एग्रेसिव हाइब्रिड फंड का चुनाव करें, जो तेजी में लार्जकैप की तरह दौड़ता है और मंदी में आपकी ढाल बन जाता है।

क्या है एग्रेसिव हाइब्रिड फंड?


  • आसान शब्दों में कहें तो एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स एक ही थाली में दो अलग-अलग स्वाद हैं। यह कोई जादू नहीं, बल्कि सेबी के कड़े नियमों के तहत तैयार किया गया एक बेहतरीन एसेट एलोकेशन मॉडल है।

इक्विटी का बूस्टर:


  • इस फंड का एक बड़ा हिस्सा (65-80%) शेयर बाजार (ज्यादातर लार्जकैप और थोड़ा मिड व स्मॉलकैप) में लगाया जाता है। यह हिस्सा लंबी अवधि में आपकी संपत्ति को महंगाई से ऊपर रखने का काम करता है।

डेट का सेफ्टी नेट:


  • बाकी बचा हिस्सा (20-35%) बेहद सुरक्षित सरकारी प्रतिभूतियों, कॉरपोरेट बॉन्ड्स और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश किया जाता है। यह हिस्सा बाजार की मंदी में पूरे पोर्टफोलियो को एक मजबूत सुरक्षा देता है।

टैक्स का डबल लाभ:


  • चूंकि इस फंड में न्यूनतम 65% हिस्सा हमेशा शेयरों में रहता है, इसलिए इस पर इक्विटी म्यूचुअल फंड की तरह टैक्स लगता है। यानी आपको डेट की सुरक्षा मिलती है और टैक्स इक्विटी का देना पड़ता है।

ऑटोमैटिक पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग का फायदा

एक आम निवेशक की सबसे बड़ी कमजोरी उसका अपना व्यवहार होता है। जब बाजार चढ़ता है, तो लालच में आकर वह और पैसा लगाता है, और जब बाजार गिरता है, तो डरकर बेच देता है। एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स इस इन्सानी कमजोरी को तकनीकी रूप से खत्म कर देते हैं।

इन फंड्स में ऑटोमैटिक पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग होती है। जब बाजार बहुत महंगा होता है, तो फंड मैनेजर बढ़े हुए इक्विटी हिस्से को बेचकर मुनाफावसूली करता है और पैसा सुरक्षित बॉन्ड्स में डाल देता है। इसके विपरीत, जब बाजार में बड़ी गिरावट आती है और शेयर सस्ते हो जाते हैं, तो फंड मैनेजर डेट वाले हिस्से से पैसा निकालकर सस्ते दामों पर बेहतरीन लार्जकैप शेयर खरीद लेता है।

सुकून का सफर

वित्त जगत में एक पैमाना होता है जिसे स्टैंडर्ड डेविएशन कहते हैं। सरल शब्दों में, यह यह बताता है कि कोई फंड अपने औसत रिटर्न से कितना ऊपर-नीचे होता है। यह नंबर जितना छोटा होगा, आपकी निवेश यात्रा उतनी ही शांत और झटके-रहित होगी।


  • जून 2023 से मई 2026 तक के एक-साल के रोलिंग रिटर्न के आंकड़ों को देखें, तो औसत लार्जकैप फंड का स्टैंडर्ड डेविएशन 14.85 फीसदी रहा है, जबकि एग्रेसिव हाइब्रिड फंड का औसत स्टैंडर्ड डेविएशन 10.74 फीसदी रहा। यह अंतर साफ दिखाता है कि एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स न केवल बाजार गिरने पर आपका पैसा बचाते हैं, बल्कि आम दिनों के उतार-चढ़ाव में भी आपको चेन की नींद सोने का मौका देते हैं।

हर गिरावट में मजबूत साबित हुए हाइब्रिड फंड्स




























































गिरावट का दौर एग्रेसिव हाइब्रिड फंड लार्जकैप फंड निफ्टी 500 TRI
मई-जून 2006 -23.9% -30.2% -32.4%
फरवरी-मार्च 2007 -11.4% -15.2% -15.3%
जनवरी-अक्तूबर 2008 -50.1% -58.8% -63.7%
मार्च 2015 – फरवरी 2016 -15.1% -22.6% -20.1%
अगस्त-अक्तूबर 2018 -11.2% -14.5% -15.6%
जनवरी-मार्च 2020 -29.2% -37.4% -38.1%
अक्टूबर 2021 – जून 2022 -15.4% -19.4% -17.8%
सितंबर 2024 – फरवरी 2025 -13.8% -18.3% -18.6%

(स्रोत: वैल्यू रिसर्च, आंकड़े प्रतिशत में निगेटिव रिटर्न दर्शाते हैं। डाटा वर्ष 2006 से आगे का है।)

सावधानी बरतना भी  बेहद जरूरी

एग्रेसिव हाइब्रिड कैटेगरी का हर फंड एक जैसा नहीं होता। आंख मूंदकर किसी भी फंड में पैसा न लगाएं। सही फंड चुनते समय हमेशा यह देखें कि उसके इक्विटी पोर्टफोलियो का ढांचा कैसा है, उसके डेट हिस्से की क्वालिटी कैसी है, और फंड का ट्रैक रिकॉर्ड कितना एक जैसा रहा है। चूंकि इसका बड़ा हिस्सा बाजार से जुड़ा है, इसलिए यह पूरी तरह जोखिम-मुक्त नहीं है। इसलिए इन फंड्स को आपातकालीन बचत या बहुत कम अवधि में जरूरत पड़ने वाले पैसों के विकल्प के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

….सिद्धार्थ शर्मा, सह-संस्थापक, मनी ट्री

किसे करना चाहिए निवेश?

यह कैटेगरी उन सभी निवेशकों के लिए एक उचित शुरुआत है जो:


  • पहली बार इक्विटी मार्केट में प्रवेश कर रहे हैं और समझ नहीं पा रहे कि कहां से शुरू करें।

  • जो लार्जकैप जैसा रिटर्न तो चाहते हैं, लेकिन बाजार के बड़े झटकों को झेलने की मानसिक क्षमता नहीं रखते।

  • जिनका निवेश का नजरिया कम से कम 5 वर्ष या उससे अधिक का है।



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