पीएल कैपिटल प्राइवेट वेल्थ की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार लचीले बने हुए हैं। निवेशक भारत की वृद्धि और नीतिगत निर्णयों को लेकर सकारात्मक हैं। स्वस्थ कंपनियों का प्रदर्शन, नीतिगत समर्थन और मजबूत घरेलू समष्टि आर्थिक बुनियादी बातें इसका मुख्य कारण हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद मजबूती बनी हुई है।
कंपनियों के अच्छे प्रदर्शन, मजबूत घरेलू आर्थिक बुनियादी सिद्धांतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों के निवेश की वापसी से बाजार को समर्थन मिल रहा है। हालांकि, बीच-बीच में अस्थिरता भी देखी गई है। रिपोर्ट बताती है कि भारतीय बाजार के बुनियादी सिद्धांत अभी भी मजबूत हैं। कमाई की अच्छी संभावना है और आर्थिक विकास भी तेज है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही घटनाओं के कारण उतार-चढ़ाव संभव है। लेकिन निवेश का फैसला केवल बाजार के उतार-चढ़ाव के आधार पर नहीं लिया जाना चाहिए। अच्छी कंपनियों में निवेश पर जोर देना चाहिए जिनके बुनियादी सिद्धांत मजबूत हों। जिनकी शुद्ध लाभ वृद्धि अच्छी हो और जिनका शासन बेहतर हो। शेयर, ऋण और सोने में निवेश के साथ प्रभावी परिसंपत्ति आवंटन कार्यक्रम के जरिये निवेशक बाजार के उतार-चढ़ाव का सामना कर सकते हैं। वे भारत की वृद्धि का फायदा उठा सकेंगे।
भारतीय कंपनियों की आय का मजबूत आधार क्या है?
रिपोर्ट में भारत के अनुकूल जनसांख्यिकी को एक महत्वपूर्ण कारक बताया गया है। लगातार बुनियादी ढांचे में निवेश भी धन सृजन का आधार है। विनिर्माण आधारित विस्तार और तीव्र डिजिटल परिवर्तन भी इसमें सहायक हैं। बेहतर निगमित लाभप्रदता लंबी अवधि के लिए धन सृजन के लिए मजबूत आधार प्रदान करती है। हालांकि, बाजार के कुछ हिस्सों में मूल्यांकन महंगा हो गया है। इसे पोर्टफोलियो बनाने के अवसर के रूप में देखा जा सकता है।
निवेशकों को किस तरह के निवेश पर ध्यान देना चाहिए?
पीएल कैपिटल प्राइवेट वेल्थ की रिपोर्ट निवेशकों से आग्रह करती है। उन्हें अल्पकालिक बाजार अस्थिरता पर प्रतिक्रिया करने से बचना चाहिए। इसके बजाय, अनुशासित निवेश और रणनीतिक परिसंपत्ति आवंटन पर ध्यान बनाए रखना चाहिए। पीएल कैपिटल प्राइवेट वेल्थ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंदरबीर सिंह जॉली कहते हैं। भारतीय बाजारों में मजबूत बुनियादी सिद्धांत, आय पर स्पष्टता और मजबूत आर्थिक विकास जारी है। यस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार, व्यापारिक गतिविधि मजबूत बनी हुई है। सेवा क्षेत्र का प्रदर्शन बेहतर बना हुआ है।
वैश्विक घटनाओं का भारतीय बाजार पर क्या असर होगा?
व्यापार अनिश्चितता के बीच विनिर्माण क्षेत्र में नरमी आई है। अच्छी क्षमता उपयोग के बावजूद, निजी पूंजीगत व्यय सतर्क बना हुआ है। वैश्विक व्यापार अनिश्चितता और भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण कंपनियां निवेश स्थगित कर रही हैं। खुदरा गतिविधि और तेजी से बिकने वाले उपभोक्ता उत्पादों की वृद्धि में नरमी आई है। मजबूत वाहन बिक्री और स्थिर उपभोक्ता विश्वास विवेकाधीन खर्च को समर्थन दे रहे हैं। टेक वेल्थ की रिपोर्ट के अनुसार, भू-राजनीतिक घटनाओं की वजह से निवेशक सतर्क हैं। उनकी जोखिम लेने की इच्छा कम हो गई है। पश्चिम एशिया के घटनाक्रम और तकनीकी कंपनियों के आने वाले नतीजे वैश्विक बाजार की दिशा तय करेंगे। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी होगा।



