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Infosys CEO: 30 साल पुराने इनसाइडर आशीष कुमार दास संभालेंगे इंफोसिस की कमान, सलील पारेख की लेंगे जगह


भारतीय आईटी जगत की दिग्गज कंपनी इंफोसिस में एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन का बिगुल बज चुका है। कंपनी ने अपने तीन दशक यानी 30 साल से भी अधिक समय से जुड़े सबसे भरोसेमंद लीडर्स में से एक आशीष कुमार दास को नया ‘सीईओ डेजिग्नेट’ नियुक्त कर दिया है। वह 1 अप्रैल 2027 को मौजूदा सीईओ सलिल पारेख की जगह लेंगे, जो करीब 9 साल से अधिक का अपना दूसरा सफल कार्यकाल पूरा करने जा रहे हैं। जब पूरी आईटी इंडस्ट्री बड़े तकनीकी और आर्थिक बदलावों के दौर से गुजर रही है, तब इंफोसिस ने बाहर से किसी नए चेहरे को लाने के बजाय अपने ही घर के अनुभवी ‘इनसाइडर’ पर दांव खेला है।

कौन हैं आशीष कुमार दास और इंफोसिस में उनका क्या सफर रहा है?

आशीष कुमार डैश कंपनी के लिए कोई नया चेहरा नहीं हैं, बल्कि उन्होंने इंफोसिस में अपने जीवन के 30 से ज्यादा साल समर्पित किए हैं। वर्तमान में वे कंपनी के एक बेहद विशाल और विविध बिजनेस पोर्टफोलियो के ग्लोबल हेड हैं, जिसमें कई महत्वपूर्ण इंडस्ट्रियल वर्टिकल्स शामिल हैं। इसके साथ ही वे पूरी कंपनी के लिए सस्टेनेबिलिटी (सस्टेनेबल बिजनेस) विंग की कमान भी संभाल रहे हैं। इंफोसिस में अपने इस लंबे सफर के दौरान उन्होंने ग्राहक केंद्रित व्यवसायों, डिलीवरी और दुनिया के अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में ग्लोबल ऑपरेशंस जैसी कई बड़ी नेतृत्व भूमिकाएं निभाई हैं। कंपनी का मानना है कि उन्होंने लगातार मजबूत बिजनेस प्रदर्शन दिया है और ग्राहकों को जटिल तकनीकी बदलावों से निकलने में मदद की है।

नए सीईओ की नियुक्ति की शर्तें और समय-सीमा क्या है?

इंफोसिस बोर्ड की ‘नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी’ की मजबूत सिफारिश के आधार पर ही आशीष कुमार डैश को यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनका यह कार्यकाल पांच वर्षों के लिए होगा, जो 1 अप्रैल 2027 से शुरू होगा। हालांकि, इस नियुक्ति पर अभी कंपनी के शेयरधारकों की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। तब तक मौजूदा मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ सलिल पारेख अपना कार्यकाल संभालते रहेंगे।

इंफोसिस बोर्ड ने आशीष कुमार दास पर ही क्यों भरोसा जताया?

यह नियुक्ति ऐसे समय में की जा रही है जब पूरा आईटी उद्योग एक बड़े ऐतिहासिक बदलाव के दौर में कदम रख रहा है। इंफोसिस के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने इस नियुक्ति पर बेहद खुशी जताते हुए कहा कि बोर्ड को एक ऐसे लीडर की तलाश थी जो कंपनी के पारंपरिक मूल्यों और ग्राहकों के भरोसे को बनाए रखते हुए एक साहसिक बदलाव ला सके। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि कंपनी को इसके लिए एक मजबूत आंतरिक लीडर मिल गया है। बोर्ड का मानना है कि डैश की रणनीतिक सूझबूझ, कमर्शियल समझ और तकनीकी डिलीवरी का लंबा अनुभव उन्हें इंफोसिस को एआई-आधारित बदलाव के अगले चरण में ले जाने के लिए सबसे योग्य उम्मीदवार बनाता है।

कैसा रहा इंफोसिस का हालिया वित्तीय प्रदर्शन?

इस बड़े नेतृत्व परिवर्तन की घोषणा के साथ ही कंपनी ने अपने तिमाही नतीजे भी साझा किए हैं। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) में इंफोसिस का एकीकृत शुद्ध लाभ 12.2% बढ़कर 7,769 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वहीं कंपनी का राजस्व भी 14% की बढ़त के साथ 48,211 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। हालांकि, वैश्विक स्तर पर अनिश्चित आर्थिक माहौल को देखते हुए इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने राजस्व विकास अनुमान को पहले के 1.5-3.5% से मामूली रूप से घटाकर 1.5-3% कर दिया है।

इंफोसिस में आशीष कुमार दास की नियुक्ति यह साफ दर्शाती है कि कंपनी आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और नई तकनीकों के दम पर अपनी बादशाहत कायम रखना चाहती है। हालांकि, कमजोर वैश्विक बाजार और तकनीकी अनिश्चितताओं के बीच विकास की रफ्तार को बनाए रखना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। अब देखना यह होगा कि शेयरधारकों की मंजूरी के बाद आशीष कुमार डैश इंफोसिस को सफलता के किस नए शिखर पर ले जाते हैं।



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