देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार को सोने के दाम 2,640 रुपये गिरकर 1.47 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गए। चांदी भी 5,200 रुपये प्रति किलोग्राम लुढ़क गई। यह गिरावट कमजोर वैश्विक रुझानों और रुपये की मजबूती के कारण हुई। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, 99.9 फीसदी शुद्धता वाला पीला धातु 1,47,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
सोमवार को यह 1,49,640 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी में भी बिकवाली देखी गई और यह 5,200 रुपये गिरकर 2,24,800 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। पिछले सत्र में सफेद धातु 2,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। व्यापारियों ने बताया कि मजबूत रुपये से आयातित बुलियन की घरेलू बाजार में लागत कम हुई। कमजोर वैश्विक रुझान और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत निर्णय से पहले सतर्कता ने निवेशकों की धारणा को मंद रखा।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी ने कहा कि फेडरल रिजर्व के नीतिगत निर्णय से पहले निवेशक सतर्क हो गए। इस कारण मंगलवार को सोने की कीमतों में गिरावट आई। मीरा एसेट शेयरखान के कमोडिटीज प्रमुख प्रवीण सिंह ने बताया कि कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तीसरे दिन गिरावट के बावजूद कीमती धातुओं में कमी आई। यह ईरान और अमेरिका के बीच महत्वपूर्ण मामलों पर शांति वार्ता फिर से शुरू होने की उम्मीदों के कारण था।
घरेलू बाजार में कीमतों में गिरावट क्यों आई?
व्यापारियों के अनुसार, रुपये की मजबूती ने आयातित बुलियन की लागत को कम कर दिया। इससे घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतें प्रभावित हुईं। कमजोर वैश्विक रुझान भी इस गिरावट का एक प्रमुख कारण रहे। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी नीतिगत निर्णय से पहले निवेशकों में सतर्कता थी। सौमिल गांधी ने पुष्टि की कि निवेशकों की यह सतर्कता सोने के निचले स्तर पर जाने का कारण बनी। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन ने 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,47,000 रुपये प्रति 10 ग्राम बताई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या स्थिति रही?
वैश्विक बाजारों में हाजिर सोना 53.30 डॉलर या 1.31 फीसदी गिरकर 4,023.50 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। हाजिर चांदी भी 2 फीसदी गिरकर 57.24 डॉलर प्रति औंस हो गई। कोटक सिक्योरिटीज की सहायक उपाध्यक्ष कमोडिटी शोध कायनात चैनवाला ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में गिरावट जारी रही। डॉलर एक महीने के नए उच्च स्तर 101.57 पर पहुंच गया। यह बुधवार को फेडरल रिजर्व के निर्णय से पहले हुआ। इससे सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ गया।
भू-राजनीतिक घटनाक्रमों का क्या प्रभाव पड़ा?
प्रवीण सिंह ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता की उम्मीदों से कच्चे तेल की कीमतें लगातार तीसरे दिन गिरीं। दोनों देशों ने चौथे दिन भी शत्रुता पर विराम जारी रखा। ओमान और ईरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज मुद्दे पर अपनी चर्चा जारी रखे हुए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, ओमान ने कुछ प्रगति का उल्लेख किया है। हालांकि, अमेरिकी-ईरान तनाव कम होने के स्थायित्व को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि बातचीत विफल रही तो हमले फिर से शुरू हो जाएंगे।



