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पश्चिम बंगाल के बीरभूम में पुलिस ने 50 करोड़ रुपये की नकदी और सोना बरामद किया है. मोहम्मद बाजार में मीनार मंडल के घर से 35 बोरियों में भरे 28.5 करोड़ रुपये मिले. साथ ही 15 किलो सोना भी जब्त हुआ है. डकैतों की गिरफ्तारी के बाद इस खजाने का राज खुला. अब इस मामले की जांच ईडी भी कर रही है. मुख्य आरोपी मीनार मंडल को गिरफ्तार कर लिया गया है.
बीरभूम में 50 करोड़ का खजाना जब्त, ED ने शुरू की जांच. (PTI Photo)
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में पुलिस ने एक बड़े खजाने का पर्दाफाश किया है. झारखंड के दुमका और मोहम्मद बाजार इलाके से गिरफ्तार डकैतों ने एक अहम सुराग दिया था. इस क्लू के आधार पर पुलिस ने मीनार मंडल के घर पर छापेमारी की. यह रेड करीब 24 घंटे तक चली. घर के अंदर का नजारा देखकर पुलिस भी हैरान रह गई. वहां 35 बोरियों में भरकर रखे गए 28.5 करोड़ रुपये नकद मिले. इसके अलावा 15 किलो सोना भी बरामद हुआ है. बरामद सोने की कीमत करीब 21 करोड़ रुपये आंकी गई है. कुल मिलाकर यह 50 करोड़ रुपये से ज्यादा की रिकवरी है. मीनार मंडल एक बस ड्राइवर था. अब वह पत्थर कारोबारी तुलु मंडल का मैनेजर है. तुलु मंडल को टीएमसी के पूर्व नेता अनुब्रत मंडल का बेहद करीबी माना जाता है. इस बड़े खुलासे के बाद अब ईडी ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है.
आखिर कैसे एक बस ड्राइवर के घर मिला 50 करोड़ का बड़ा खजाना?
मीनार मंडल राज्य परिवहन निगम में एक मामूली बस ड्राइवर का काम करता था. बाद में वह पत्थर कारोबारी तुलु मंडल का करीबी बन गया. अब उसके घर से इतनी बड़ी रकम मिलने पर सभी हैरान हैं. पुलिस को यह सारा कैश गिनने के लिए बैंक से मशीनें मंगवानी पड़ीं. बुधवार दोपहर को शुरू हुई गिनती गुरुवार सुबह तक लगातार चलती रही. पुलिस ने मीनार के घर से कैश और सोने से भरे दो बड़े ट्रंक भी बरामद किए हैं.
मीनार मंडल शुरुआत में पुलिस के हर सवाल का गोलमोल जवाब देता रहा. बाद में उसने खुद कबूल किया कि यह पैसा एक बड़े अपराध सिंडिकेट का है. पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके सूरी स्थित जिला अदालत में पेश किया है. पुलिस अब उसकी रिमांड की मांग कर रही है. यह सारा पैसा अवैध पत्थर और बालू के कारोबार से जुड़ा बताया जा रहा है.
पुलिस के हाथ कैसे लगा काले धन के इस विशाल नेटवर्क का अहम सुराग?
बीरभूम पुलिस ने मंगलवार को मोहम्मद बाजार इलाके से कुछ डकैतों को पकड़ा था. दुमका और बंगाल के इन डकैतों से पूछताछ में मीनार मंडल का नाम सामने आया. पुलिस ने जानकारी मिलते ही एक विशेष टीम बनाकर उसके घर को घेर लिया. यह पूरी छापेमारी लगातार चौबीस घंटे तक चलती रही. बीरभूम के पुलिस अधीक्षक ने इतनी बड़ी रिकवरी की आधिकारिक पुष्टि की है. इस पूरे मामले में पत्थर कारोबारी तुलु मंडल का नाम सबसे अहम है.
मीनार मंडल असल में तुलु मंडल का बहनोई और मैनेजर है. तुलु मंडल पर पहले भी अवैध पत्थर खनन के गंभीर आरोप लग चुके हैं. स्थानीय लोग भी इस खजाने के खुलासे को देखकर पूरी तरह से सन्न हैं. पुलिस अब इस सिंडिकेट के बाकी सदस्यों की भी तलाश कर रही है.
इस मामले में ईडी की एंट्री से खुलेंगे कई और बड़े राज
इस बड़े खुलासे के बाद अब राष्ट्रीय जांच एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं. इतनी बड़ी मात्रा में कैश और सोना मिलने के बाद ईडी तुरंत हरकत में आ गई है. ईडी अब इस पूरे नेटवर्क के मनी ट्रेल की गहराई से जांच कर रही है. तुलु मंडल का कनेक्शन टीएमसी के पूर्व नेता अनुब्रत मंडल से बताया जाता है. अनुब्रत मंडल पहले से ही पशु तस्करी मामले में जांच एजेंसियों के रडार पर रहे हैं.
ईडी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि खजाने का असली मालिक कौन है. क्या यह पैसा किसी बड़े राजनेता के काले धन का हिस्सा है, यह जांच का विषय है. पुलिस और ईडी की इस जांच से बंगाल के राजनीतिक हलके में हड़कंप मच गया है. आने वाले दिनों में इस केस में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां देखने को मिल सकती हैं. नेटवर्क से जुड़े हर एक व्यक्ति की संपत्ति की जांच की जा रही है.
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दीपक वर्मा की गिनती डिजिटल मीडिया के सबसे तेज और उभरते हुए चेहरों में होती है. वह न्यूज18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं. दीपक ने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं…
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